Ukraine 9 клас Art (integrated course)
अध्याय: 5
1. Modernism and Postmodernism in visual art
Modernism and Art Nouveau · Impressionism and after · Avant-garde movements · Postmodernism
- आधुनिक कला और आधुनिकतावाद – लगभग 1880 से 1945 के बीच कलाकारों ने यथार्थ की नकल छोड़कर पूछा कि कला खुद क्या कर सकती है। रंग और ब्रश ने भाव दिखाए (उत्तर-प्रभाववाद, अभिव्यंजनावाद); वस्तु कई ओर से दिखी (घनवाद); गति और मशीन का जश्न मना (भविष्यवाद); कला शुद्ध आकार और रंग बनी (अमूर्तन, डी स्टाइल, रचनावाद); संयोग और सपने आए (दादा, अतियथार्थवाद); और डिज़ाइन कार्य के पीछे चला (बाउहाउस, आधुनिक आंदोलन)। संगीत, रंगमंच और नृत्य में भी यही बदलाव हुआ, और आदान-प्रदान से आधुनिकता भारत समेत पूरी दुनिया में फैली।
2. Music of Modernism and Postmodernism
Modernist music · Postmodern music
- 20वीं सदी का संगीत – 20वीं सदी में संगीतकारों ने कई पुराने नियम तोड़े। प्रभाववादी (डेबुसी, रवेल) धुंधली पूर्ण-स्वर और मोडल ध्वनियाँ लाए। अभिव्यंजनावादी (शोनबर्ग, बर्ग, वेबर्न) ने 'घर का सुर' (key) छोड़ा (अतानता) और फिर 12 सुरों की कतार से संगीत बनाया (सीरियलिज़्म)। नव-शास्त्रीय संगीतकार (स्ट्राविंस्की, प्रोकोफ़िएव, पूलेंक) पुराने साफ़ रूपों पर लौटे पर नई तीखी हार्मनी के साथ। बार्तोक और कोडाई ने लोक धुनें और असमान लय अपनाईं। फिर इलेक्ट्रॉनिक और संयोग (chance) संगीत आया, उसके बाद न्यूनतमवाद (रायली, राइख, ग्लास) और शैलियों को मिलाने वाला उत्तर-आधुनिकतावाद। कॉपलैंड, ब्रिटन, शोस्ताकोविच और मेसियाँ ने अपनी अलग आवाज़ें बनाईं।
3. Theatre of Modernism and Postmodernism
New theatre
- नाटक: तत्व, मंचकला और प्रस्तुति – नाटक ऐसी कहानी है जिसे अभिनेता पात्र बनकर दर्शकों के सामने करके दिखाते हैं। हर नाटक में पात्र होते हैं जो कुछ चाहते हैं, उनकी चाहतें टकराती हैं तो द्वंद्व बनता है, कथानक तनाव को चरम तक ले जाकर सुलझाता है, और साथ में संवाद, परिवेश और विषय होते हैं। मंच पर अभिनेता आवाज़ और शरीर से काम करते हैं, और प्रकाश, सेट, वेशभूषा व ध्वनि मंचन को पूरा करते हैं।
4. Screen arts
Cinema · Art in the media space
- फ़िल्म अध्ययन: फ़िल्में कहानी कैसे कहती हैं – फ़िल्म तेज़ी से चलती स्थिर तस्वीरों (फ़्रेम) की लड़ी है जिसे दिमाग़ गति की तरह देखता है। फ़िल्मकार एक दृश्य भाषा बोलते हैं: शॉट का आकार, कैमरा कोण, कैमरा की चाल, रोशनी, मीज़-आँ-सेन, ध्वनि और संपादन। हर चुनाव हमारी भावना बदलता है। सिनेमा 1890 के दशक में शुरू हुआ, 1920 के दशक के अंत में आवाज़ आई, फिर रंग; सोवियत मोंटाज, इतालवी नवयथार्थवाद, फ़्रेंच न्यू वेव और भारतीय समानांतर सिनेमा जैसे आंदोलन आए। फ़िल्म समीक्षा का मतलब है सबूत के साथ वर्णन, विश्लेषण, अर्थ और निर्णय।
- मीडिया साक्षरता (Media Literacy) – मीडिया साक्षरता मीडिया को पढ़ने, उस पर सवाल करने और खुद बनाने का हुनर है: समाचार, विज्ञापन, वीडियो, पोस्ट, फ़िल्म और गेम। हर मीडिया पाठ किसी ने, किसी उद्देश्य से, किसी दर्शक के लिए बनाया है, और उसमें ऐसे रूप, परिपाटियाँ और तकनीकें हैं जो हमारी भावना बदलती हैं। मीडिया-साक्षर व्यक्ति मानने या शेयर करने से पहले स्रोत, सबूत, दूसरे स्रोत और मूल जाँचता है, पूर्वाग्रह और फ़िल्टर बबल पहचानता है, और ज़िम्मेदारी से अपना मीडिया बनाता है।
5. Professions in art and creative industries (cross-cutting)
Creative careers
- करियर प्लानिंग: ख़ुद को जानने से पहली नौकरी तक – करियर प्लानिंग के पाँच कदम हैं। 1) ख़ुद को जानो: रुचियाँ, कौशल और मूल्य। 2) करियर परिवार खोजो और जानो कि काम क्या है, कौन-सी पढ़ाई चाहिए, वेतन और माँग कितनी है। 3) SMART लक्ष्य और प्लान B के साथ रास्ता बनाओ। 4) CV, आवेदन पत्र, डिजिटल पोर्टफ़ोलियो और इंटरव्यू अभ्यास से नौकरी खोजो। 5) स्कूल से काम की ओर बढ़ो और सीखते रहो, क्योंकि ज़िंदगी भर करियर बदलता है।