Netherlands HAVO 5 (eindexamenjaar) History
अध्याय: 3
1. Eras 8-10: modern period
Era 8: Citizens and steam engines (1800-1900) · Era 9: World wars (1900-1950) · Era 10: Television and computer (from 1950)
- औद्योगीकरण का युग – फ़ैक्टरी से पहले सौदागर गाँव के परिवारों को कच्चा माल देते थे और वे घर पर कातते-बुनते थे (आदि-औद्योगीकरण)। 1760 के दशक से ब्रिटेन में कॉटन मिलें, स्पिनिंग जेनी जैसी मशीनें और जेम्स वॉट का बेहतर भाप इंजन आए। बदलाव धीमा था: हाथ का श्रम सस्ता और आम रहा। भारत के बुनकर पहले दुनिया भर को कपड़ा देते थे; ईस्ट इंडिया कंपनी ने गुमाश्तों के ज़रिए उन पर क़ब्ज़ा किया और बाद में मैनचेस्टर का कपड़ा भारत में भर गया। 1854 से बंबई और दूसरी जगहों पर भारतीय मिलें बनीं और छोटे कारख़ाने भी बढ़े। सामान बेचने के लिए लेबल, कैलेंडर और विज्ञापन आए, और स्वदेशी विज्ञापनों ने देशप्रेम जगाया।
- दोनों विश्व युद्ध: कारण, नुक़सान और नई विश्व व्यवस्था – प्रथम विश्व युद्ध (1914–1918) सैन्यवाद, गुटबंदी, साम्राज्यवादी होड़ और राष्ट्रवाद से पैदा हुआ, और 1914 की एक हत्या ने चिंगारी लगाई। उसकी शांति संधि, महामंदी और तानाशाहों के उदय से द्वितीय विश्व युद्ध (1939–1945) हुआ। दोनों संपूर्ण युद्ध थे, जिनमें पूरी अर्थव्यवस्था और नई तकनीक लगी। दूसरे युद्ध में लगभग चार गुना लोग मरे, आधे से ज़्यादा आम नागरिक, जिनमें होलोकॉस्ट में मारे गए साठ लाख यहूदी भी हैं। पहले युद्ध के बाद राष्ट्र संघ असफल रहा; दूसरे के बाद संयुक्त राष्ट्र, मानव अधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा (1948) और उपनिवेशों की आज़ादी ने दुनिया बदल दी।
- शीत युद्ध (1945–1991) – शीत युद्ध (1945–1991) दो महाशक्तियों के बीच लंबी होड़ थी: पश्चिमी साथियों के साथ अमेरिका (पूँजीवाद, बहुदलीय चुनाव) और पूर्वी साथियों के साथ सोवियत संघ (साम्यवाद, एक दल का शासन)। दोनों आपस में सीधे कभी नहीं लड़े। उन्होंने विरोधी गुट बनाए (नाटो, वारसा संधि), परमाणु हथियार और अंतरिक्ष की होड़ की, छद्म युद्धों में उलटे पक्षों का साथ दिया (कोरिया, वियतनाम, अफ़ग़ानिस्तान) और 1962 में क्यूबा में परमाणु युद्ध के करीब पहुँचे। भारत जैसे कई नए देश गुटनिरपेक्ष रहे। 1970 के दशक में तनाव-शैथिल्य आया। सोवियत सुधार, बर्लिन दीवार का गिरना (1989) और सोवियत संघ का विघटन (1991) इसका अंत बने।
2. Historical context: Germany in Europe 1918-1991
Rise of National Socialism and its effects (1918-1945) · Germany in the early Cold War (1945-1961) · Reunification and integration in Europe (1961-1991)
- सर्वसत्तावाद (Totalitarianism) – सर्वसत्तावादी शासन एक-दलीय राज्य है जो जीवन के हर हिस्से — राजनीति, अर्थव्यवस्था, अख़बार, स्कूल और लोगों के विचार तक — को एक नेता, प्रचार और आतंक के सहारे नियंत्रित करना चाहता है। पहले विश्व युद्ध और 1929 की मंदी के बाद ऐसे शासन फ़ासीवादी इटली (1922), स्तालिन के सोवियत संघ (1920 के दशक का अंत) और नाज़ी जर्मनी (1933) में आए। उनके विचार अलग थे पर तरीक़े मिलते-जुलते, और उनका उदय दूसरे विश्व युद्ध की एक वजह बना।
- शीत युद्ध (1945–1991) – शीत युद्ध (1945–1991) दो महाशक्तियों के बीच लंबी होड़ थी: पश्चिमी साथियों के साथ अमेरिका (पूँजीवाद, बहुदलीय चुनाव) और पूर्वी साथियों के साथ सोवियत संघ (साम्यवाद, एक दल का शासन)। दोनों आपस में सीधे कभी नहीं लड़े। उन्होंने विरोधी गुट बनाए (नाटो, वारसा संधि), परमाणु हथियार और अंतरिक्ष की होड़ की, छद्म युद्धों में उलटे पक्षों का साथ दिया (कोरिया, वियतनाम, अफ़ग़ानिस्तान) और 1962 में क्यूबा में परमाणु युद्ध के करीब पहुँचे। भारत जैसे कई नए देश गुटनिरपेक्ष रहे। 1970 के दशक में तनाव-शैथिल्य आया। सोवियत सुधार, बर्लिन दीवार का गिरना (1989) और सोवियत संघ का विघटन (1991) इसका अंत बने।
- यूरोपीय संघ – यूरोपीय संघ (EU) 27 यूरोपीय देशों का समूह है जो कुछ फ़ैसले और क़ानून साझा करते हैं। इसकी शुरुआत 1951 में हुई, जब छह देशों ने कोयला और इस्पात साझा किया ताकि उनके बीच युद्ध असंभव हो जाए। धीरे-धीरे यह एकल बाज़ार बना जहाँ सामान, लोग, सेवाएँ और पैसा आज़ादी से चलते हैं। आयोग क़ानून का प्रस्ताव रखता है, संसद और परिषद उसे पारित करते हैं, और न्यायालय देखता है कि उसका पालन हो। 21 सदस्य यूरो चलाते हैं। यूनाइटेड किंगडम 2020 में बाहर हो गया।
3. Historical context: the Netherlands 1948-2008
Changing social relations in the Netherlands (1948-1978) · Changing social relations in the Netherlands (1978-2008)
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