रोज़ की ज़िंदगी का पर्यावरण पर असर
जो कुछ हम इस्तेमाल करते हैं वह प्रकृति से आता है और जो फेंकते हैं वह प्रकृति में लौटता है।
- ऊर्जा: कोयले या गैस की बिजली हवा में कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ाती है।
- पानी: पानी खींचने, साफ़ करने और गर्म करने में ऊर्जा लगती है और गंदा पानी नदियाँ प्रदूषित करता है।
- यात्रा: पेट्रोल-डीज़ल की गाड़ियाँ गैसें और शोर पैदा करती हैं।
- भोजन: खेती, ढुलाई और बर्बाद भोजन, तीनों की प्रकृति पर कीमत है।
- सामान: कपड़े, गैजेट और पैकिंग बनाने में सामग्री, बिजली और पानी लगता है।
- कचरा: कचरे के ढेर से मीथेन गैस बनती है; प्लास्टिक सैकड़ों साल बना रहता है।
इन सबका जोड़ हमारा पदचिह्न (footprint) है: हम पृथ्वी के कितने संसाधन इस्तेमाल करते हैं।
टिकाऊ जीवन और टिकाऊ उपभोग
टिकाऊ (sustainable) का मतलब है कि हम आज की ज़रूरतें इस तरह पूरी करें कि आने वाले लोगों की ज़रूरतों को नुकसान न हो।
टिकाऊ उपभोग यानी इस तरह खरीदना और इस्तेमाल करना कि कम नुकसान हो।
- ज़रूरत या चाहत: खरीदने से पहले पूछो, 'क्या यह मुझे चाहिए? क्या मैं इसे देर तक इस्तेमाल करूँगा?'
- संख्या नहीं, गुणवत्ता: तीन साल चलने वाला एक मज़बूत जूता तीन सस्ते जूतों से बेहतर है।
- लेबल देखो: स्थानीय, मौसमी, ईमानदारी से बने और कम पैकिंग वाले सामान चुनो।
- बाँटो और उधार लो: पुस्तकालय, खिलौनों की अदला-बदली और साझा सवारी से बर्बादी घटती है।
5 R
- ना कहो (Refuse) जो ज़रूरी नहीं, जैसे मुफ़्त प्लास्टिक थैली।
- घटाओ (Reduce) कि कितना खरीदते और इस्तेमाल करते हो।
- दोबारा इस्तेमाल (Reuse): जार, थैले, पुराने कपड़े।
- मरम्मत (Repair): टूटी चीज़ बदलने के बजाय ठीक करो।
- रीसायकल (Recycle): जो बचे उसे रीसायकल करो और रसोई के कचरे से खाद बनाओ।
क्रम मायने रखता है। शुरुआती कदम कचरा बनने से पहले रोकते हैं। रीसायकल में भी ऊर्जा लगती है, इसलिए वह आख़िरी कदम है।
घर और स्कूल की आसान आदतें
- बत्ती और पंखा बंद करो; LED बल्ब और स्टार-रेटिंग वाले उपकरण लगाओ।
- टपकते नल ठीक करो; सब्ज़ी धोया पानी पौधों में डालो।
- छोटी दूरी के लिए पैदल, साइकिल, बस या साझा सवारी लो।
- उतना ही पकाओ जितना खाया जाए; छिलकों से खाद बनाओ।
- अपनी बोतल और थैला साथ रखो; गीला और सूखा कचरा अलग करो।
- पुरानी चीज़ें लो, किताबें बाँटो और कपड़े सिलवाओ।
छोटे चुनाव, बहुत लोगों द्वारा दोहराए जाने पर, बड़ा बदलाव लाते हैं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- पदचिह्न (उदाहरण) = बिजली + पानी + यात्रा + भोजन + सामान + कचरा
- ऊर्जा (kWh) = शक्ति (kW) × समय (घंटे)
- बचत = पुरानी खपत − नई खपत
- खर्च = ऊर्जा (kWh) × प्रति यूनिट दाम
- मुख्य शब्द: टिकाऊ = आज की ज़रूरतें बिना भविष्य को नुकसान पहुँचाए पूरी करना
- मुख्य शब्द: 5 R = ना कहो, घटाओ, दोबारा इस्तेमाल, मरम्मत, रीसायकल
हल किए गए उदाहरण
1. 3D मीनार में पैदल या साइकिल से चलने पर यात्रा 25 से 10 अंक हो जाती है। कितने अंक बचे?
25 − 10 = 15 अंक बचे।
2. एक घर में 60 वॉट के 3 बल्बों की जगह 9 वॉट के 3 LED लगाए गए। हर एक रोज़ 5 घंटे जलता है। रोज़ कितनी ऊर्जा बची?
एक बल्ब पर बचत = 60 − 9 = 51 W। 3 बल्बों पर = 153 W। 153 W × 5 घंटे = 765 Wh = 0.765 kWh रोज़।
3. बिजली ₹8 प्रति यूनिट (kWh) हो तो पिछले उदाहरण की बचत 30 दिन में कितने रुपये की होगी?
0.765 × 30 = 22.95 kWh। 22.95 × 8 = ₹183.6 (लगभग ₹184)।
आम गलतियाँ
- रीसायकल को पहला उपाय समझना। ना कहने और घटाने से ज़्यादा बचत होती है।
- टिकाऊ का मतलब सब कुछ छोड़ देना समझना। इसका मतलब है समझदारी से इस्तेमाल और कम बर्बादी।
- जो ज़रूरी नहीं उसे 'हरित' कहकर खरीदना। न खरीदना सबसे हरित है।
- खाने की बर्बादी की अनदेखी। बर्बाद भोजन के साथ उसे उगाने का पानी और ऊर्जा भी बर्बाद होते हैं।