विषय चुनना
रिपोर्ट या निबंध के लिए अच्छा विषय तीन परीक्षाएँ पास करता है:
- रुचि: क्या मुझे इसमें दिलचस्पी है? तब आप ज़्यादा मेहनत और बेहतर लेखन करोगे।
- तथ्य: क्या किताबों, रिपोर्टों या लोगों से इस पर असली जानकारी मिल सकती है?
- आकार: क्या मैं इसे अपने समय और शब्द-सीमा में पूरा कर सकता हूँ?
बड़े विषय को छोटा करो
चौड़े से छोटे की ओर जाओ: "पानी" से "भारत की जल-समस्याएँ" से "मेरे गाँव के कुएँ का पानी"। हर कदम पर जगह, समय या लोगों का समूह जुड़ता है।
विषय को साफ़ सवाल की तरह लिखो: "हमारे गाँव का कुआँ मई में क्यों सूख जाता है?"
स्रोतों से जानकारी जुटाना
स्रोत वह जगह है जहाँ से जानकारी आती है। उदाहरण: पाठ्यपुस्तकें, सरकारी रिपोर्टें, भरोसेमंद अख़बारों की ख़बरें, जानकार लोगों से बातचीत, स्कूलों, अस्पतालों या सरकारी संस्थाओं की वेबसाइटें।
- प्राथमिक स्रोत: सीधा, जैसे आपका साक्षात्कार या सर्वे।
- द्वितीयक स्रोत: कोई और समझाता है, जैसे किताब या लेख।
हर जानकारी का लेखक, तारीख़ और जगह लिख लो।
वैधता और विश्वसनीयता की जाँच
वैध जानकारी सही होती है और सवाल से मेल खाती है। विश्वसनीय स्रोत वह है जिस पर बार-बार भरोसा किया जा सके क्योंकि वह सावधान है।
तीन सवाल पूछो:
- किसने लिखा? क्या उसे विषय आता है? क्या आपके मान लेने से उसे फ़ायदा है (विज्ञापन)?
- कब लिखा? क्या अब भी सही है? (पुराने आँकड़े अब ग़लत हो सकते हैं।)
- प्रमाण: क्या आँकड़े, नाम या स्रोत हैं, या सिर्फ़ राय?
चेतावनी के संकेत: लेखक नहीं, तारीख़ नहीं, सारे अक्षर बड़े, "10 लोगों को भेजो", बिना प्रमाण बड़े दावे, एकतरफ़ा भाषा।
दूसरे स्रोत से मिलान करो
कभी सिर्फ़ एक स्रोत पर भरोसा मत करो। मिलान (क्रॉस-चेक) का मतलब है कम से कम दो सावधान स्रोत ढूँढकर तुलना करना।
- अगर वे सहमत हैं तो जानकारी शायद सही है।
- अगर अलग हैं तो देखो कि हर एक किसने लिखा, कब, और क्या प्रमाण दिया। फिर तय करो या लिखो कि विशेषज्ञ असहमत हैं।
- देखो कि कोई आँकड़ा पहली बार कहाँ से आया (मूल रिपोर्ट), उसे दोहराने वाली पोस्ट से नहीं।
करके देखो
इस हफ़्ते देखा कोई फ़ॉरवर्ड संदेश या ख़बर चुनो। किसने, कब और प्रमाण के लिए 0 से 3 अंक दो। जोड़ो। एक और स्रोत खोजो। फिर तय करो: उपयोग करो, और जाँचो, या छोड़ दो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- जाँच = किसने + कब + प्रमाण
- भरोसा = लेखक जानकार + ताज़ा + प्रमाण + दूसरा स्रोत सहमत
- मुख्य शब्द, वैध: सही और सवाल से मेल खाने वाला
- मुख्य शब्द, विश्वसनीय: जिस स्रोत पर बार-बार भरोसा हो सके
- मुख्य शब्द, मिलान: दो या अधिक सावधान स्रोतों की तुलना
हल किए गए उदाहरण
1. कक्षा 8 का छात्र दो पन्नों में लिख सके, ऐसा विषय "खेल" से बनाओ।
"खेल" से "भारत में क्रिकेट" से "हमारे स्कूल की लड़कियों को क्रिकेट टीम कैसे मिली"। अब इसमें जगह, समूह और कहानी है जिसे लोगों से पूछकर खोजा जा सकता है।
2. एक वेबसाइट कहती है "90% लोग हमारा जूस पसंद करते हैं"। इसे किसने, कब और प्रमाण से जाँचो।
किसने: जूस कंपनी ने, उसे दावे से फ़ायदा है। कब: तारीख़ नहीं। प्रमाण: कितने लोगों से पूछा यह नहीं, सर्वे का नाम नहीं। यह कमज़ोर है। उपयोग से पहले कोई स्वतंत्र सर्वे ढूँढो।
3. एक कस्बे की आबादी के लिए दो स्रोत अलग संख्या देते हैं: 2.1 लाख (2011 की जनगणना रिपोर्ट) और 2.6 लाख (बिना तारीख़ की ख़बर-पोस्ट)। पहले किस पर भरोसा करोगे?
जनगणना रिपोर्ट पर: सरकारी, तारीख़ वाली और गिनती पर आधारित। पोस्ट में तारीख़ या प्रमाण नहीं। फिर भी नई सरकारी गिनती देखो।
आम गलतियाँ
- "पर्यावरण" जैसा विशाल विषय चुनना और फिर पूरा करने का समय न होना।
- किसी बात को सिर्फ़ इसलिए मान लेना कि वह पेशेवर दिखती है या उसे बहुत लाइक मिले हैं।
- सिर्फ़ एक स्रोत इस्तेमाल करना और कभी तुलना न करना।
- तारीख़ को अनदेखा करना। पुरानी जानकारी अब ग़लत हो सकती है।