इस्तेमाल किया पानी क्यों साफ करें?
अपशिष्ट जल वह पानी है जो घर, स्कूल और कारखाने में इस्तेमाल हो चुका है। यह गंदा होता है और रोगाणु ला सकता है। इसे सीधे नदी में डालें तो लोग बीमार पड़ेंगे और मछलियाँ मरेंगी। इसलिए पहले साफ करते हैं।
इसमें तीन तरह की गंदगी होती है: ठोस (जो दिखती है), घुली गंदगी (जैसे साबुन और खाने का कचरा) और रोगाणु (जो दिखते नहीं)।
शुद्धिकरण के चरण
हर चरण एक तरह की गंदगी हटाता है।
- जाली लगाना (प्रारंभिक): छड़ें या जाल बड़ा कचरा रोकते हैं।
- बैठाना (प्राथमिक उपचार): पानी ठहरता है, भारी ठोस कीचड़ (स्लज) बनकर नीचे बैठते हैं और तेल ऊपर तैरता है।
- जैविक उपचार (द्वितीयक): हवा डाली जाती है। सूक्ष्म जीव बढ़कर घुली गंदगी खाते हैं। इसे सक्रियित कीचड़ विधि कहते हैं। BOD (जैव रासायनिक ऑक्सीजन माँग) बताती है कि सूक्ष्म जीवों को कितनी गंदगी खानी है। BOD कम तो पानी साफ।
- कीटाणु-नाशन (अंतिम): क्लोरीन, ओज़ोन या UV रोशनी रोगाणु मारती है।
कुछ संयंत्र नाइट्रोजन और फॉस्फोरस हटाने का एक और चरण जोड़ते हैं। कीचड़ सुखाकर खाद या बायोगैस बनाई जाती है।
सेप्टिक टैंक
सेप्टिक टैंक ज़मीन के नीचे एक छोटी टंकी है, उन घरों के लिए जो सीवर से नहीं जुड़े। इसमें शौचालय और रसोई का पानी आता है। अंदर तीन परतें बनती हैं: झाग-परत (हल्की, ऊपर तैरती), बीच में साफ पानी और नीचे कीचड़ (भारी)। बिना हवा वाले सूक्ष्म जीव कीचड़ को धीरे-धीरे तोड़ते हैं। बीच का पानी सोख गड्ढे में जाता है, जहाँ मिट्टी उसे और साफ करती है।
टंकी हर कुछ साल में खाली करनी चाहिए। तेज़ रसायन न डालें, वे सूक्ष्म जीव मार देते हैं।
करके देखो: मिट्टी वाला पानी
एक जार के पानी में चम्मच भर मिट्टी घोलो। 30 मिनट रुको। पहले अंदाज़ा लगाओ: मिट्टी कहाँ जाएगी? वह नीचे बैठ जाएगी। यही बैठाने वाला चरण है। अब पानी को कपड़े से छानो, यह जाली है। इसे पीना मत, इसमें अब भी कीटाणु हैं।
साफ किए पानी का दोबारा उपयोग
साफ किया पानी आम तौर पर पीने के लिए नहीं होता, पर बगीचे, खेत, फ्लश, मशीन ठंडी करने और सड़क धोने के लिए बढ़िया है। इससे ताज़ा पानी बचता है। ग्रे वॉटर (नहाने और बेसिन का पानी, शौचालय के बिना) साफ करना आसान है, ब्लैक वॉटर (शौचालय का पानी) कठिन।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- हटी गंदगी (%) = (अंदर की - बाहर की) ÷ अंदर की × 100
- क्रम: जाली → बैठाना → हवा (सूक्ष्म जीव) → कीटाणु-नाशन → पुनः उपयोग
- मुख्य शब्द: कीचड़ = भारी बैठी गंदगी; BOD = गंदगी खाने के लिए ज़रूरी ऑक्सीजन; बहिःस्राव = संयंत्र से निकला पानी
- ग्रे वॉटर = नहाने, बेसिन, कपड़े धोने का पानी; ब्लैक वॉटर = शौचालय का पानी
हल किए गए उदाहरण
1. संयंत्र में 200 इकाई गंदगी वाला पानी आता है और 20 इकाई वाला निकलता है। कितने प्रतिशत हटी?
हटी = 200 - 20 = 180। प्रतिशत = 180 ÷ 200 × 100 = 90%।
2. प्लास्टिक की थैलियाँ किस चरण में रुकती हैं?
जाली वाले चरण में। छड़ें बड़ा तैरता कचरा रोक लेती हैं।
3. हवा की टंकी छोड़कर सीधे कीटाणु-नाशन क्यों नहीं कर सकते?
कीटाणु-नाशन रोगाणु मारता है, घुली गंदगी नहीं हटाता। वह काम हवा की टंकी के सूक्ष्म जीव करते हैं, इसलिए दोनों चाहिए।
4. सेप्टिक टैंक में तीन परतें होती हैं। ऊपर कौन सी और नीचे कौन सी?
ऊपर झाग-परत तैरती है, नीचे कीचड़ बैठता है। बीच का साफ पानी बाहर जाता है।
5. एक होटल रोज़ 50,000 लीटर पानी साफ करता है और 60% दोबारा उपयोग करता है। रोज़ कितना ताज़ा पानी बचा?
50,000 का 60% = 0.60 × 50,000 = 30,000 लीटर।
आम गलतियाँ
- यह कहना कि साफ किया पानी हमेशा पीने लायक है। यह आम तौर पर दोबारा उपयोग के लिए होता है।
- चरणों का क्रम गड़बड़ाना। "जा-बै-ह-की" याद रखो।
- सेप्टिक टैंक में ब्लीच या तेज़ क्लीनर डालना। इससे सूक्ष्म जीव मर जाते हैं।
- कीचड़ को बेकार समझना। उससे खाद या बायोगैस बनती है।