पंडित किशन महाराज (1923-2008)
3 सितंबर 1923 को बनारस के कबीर चौरा में जन्मे किशन महाराज तबले के बनारस घराने के थे, जो भरी-गूँजती ध्वनि और दूसरे कलाकारों के साथ भावपूर्ण संगत के लिए जाना जाता है। उन्होंने बिस्मिल्लाह खाँ और रविशंकर जैसे महान संगीतकारों के साथ बजाया। उन्हें पद्मश्री (1973) और पद्म विभूषण (2002) मिले। 2008 में उनका निधन हुआ।
उस्ताद ज़ाकिर हुसैन (1951-2024)
ज़ाकिर हुसैन का जन्म 9 मार्च 1951 को बंबई में हुआ, वे तबला उस्ताद अल्ला रखा के सबसे बड़े बेटे थे। वे दुनिया के सबसे प्रसिद्ध तबला वादकों में गिने गए और भारतीय लय को हर जगह के श्रोताओं तक ले गए। सम्मानों में पद्मश्री (1988), पद्म भूषण (2002), पद्म विभूषण (2023), संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (1991) और क्योटो पुरस्कार (2016) शामिल हैं। 2024 में उन्होंने एक ही साल में तीन ग्रैमी पुरस्कार जीते। दिसंबर 2024 में उनका निधन हुआ।
राजा छत्रपति सिंह (1919-1998)
राजा छत्रपति सिंह उत्तर प्रदेश के बिजना के राजपरिवार में जन्मे। उन्होंने पखावज (ध्रुपद का बेलनाकार ढोल) कुदऊ सिंह जैसे गुरुओं से सीखा। उन्होंने डागर बंधुओं सहित महान ध्रुपद गायकों के साथ संगत की और अपने समय के अग्रणी पखावज वादक के रूप में याद किए जाते हैं। उन्हें 1991 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिला।
गुरु पुरुषोत्तम दास (1907-1991)
पुरुषोत्तम दास पखावज की नाथद्वारा शैली के अग्रणी थे, जो नाथद्वारा की मंदिर परंपरा के आसपास पनपी। उन्होंने कई शिष्यों को सिखाया और 1984 में पद्मश्री से सम्मानित हुए। 1991 में उनका निधन हुआ।
परीक्षा के लिए सुझाव: हर उस्ताद का वाद्य, घराना या शैली, एक सम्मान और शैली के बारे में एक तथ्य याद रखिए। तिथियाँ सीधी रखने के लिए समय-रेखा का उपयोग कीजिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- किशन महाराज: 1923-2008, तबला, बनारस घराना, पद्मश्री 1973, पद्म विभूषण 2002
- ज़ाकिर हुसैन: 1951-2024, तबला, अल्ला रखा के पुत्र, पद्मश्री 1988, पद्म भूषण 2002, पद्म विभूषण 2023
- राजा छत्रपति सिंह: 1919-1998, पखावज, बिजना, संगीत नाटक अकादमी 1991
- पुरुषोत्तम दास: 1907-1991, पखावज, नाथद्वारा शैली, पद्मश्री 1984
हल किए गए उदाहरण
1. किशन महाराज को 1973 में पद्मश्री और 2002 में पद्म विभूषण मिला। दोनों में कितने वर्ष का अंतर है?
2002 - 1973 = 29 वर्ष।
2. ज़ाकिर हुसैन 1951 में जन्मे और 1988 में पद्मश्री मिला। जन्म-वर्ष से कितने वर्ष बाद?
1988 - 1951 = 37 वर्ष।
3. चारों में से कौन दो पखावज बजाते थे और कौन तबला?
पखावज: राजा छत्रपति सिंह और पुरुषोत्तम दास। तबला: किशन महाराज और ज़ाकिर हुसैन।
4. 1960 में चारों में से कौन जीवित था?
चारों: दास (1907-1991), छत्रपति सिंह (1919-1998), किशन महाराज (1923-2008) और ज़ाकिर हुसैन (जन्म 1951)।
आम गलतियाँ
- वाद्य गड़बड़ाना: किशन महाराज और ज़ाकिर हुसैन तबला, छत्रपति सिंह और पुरुषोत्तम दास पखावज बजाते हैं।
- ज़ाकिर हुसैन को बनारस घराने का बताना। वह किशन महाराज हैं; ज़ाकिर ने अपने पिता अल्ला रखा से सीखा।
- सन ग़लत लिखना। समय-रेखा देखिए: दास 1907, छत्रपति 1919, किशन 1923, ज़ाकिर 1951।
- "राजा" को पहला नाम समझना। यह उपाधि है; नाम छत्रपति सिंह है।