पुरानी व्यवस्था: रूढ़िवाद
1800 के शुरू में वलाकिया और मोल्दाविया पर बाहरी प्रभाव बहुत था और ट्रांसिल्वेनिया एक बड़े साम्राज्य का हिस्सा था। अमीर ज़मींदारों (बोयार) के पास सत्ता और ज़मीन थी। बहुत-से किसानों को उनके लिए काम करना पड़ता था। रोमा की दासता क़ानूनी थी। रूढ़िवाद (Conservatism) का अर्थ है पुराना तरीक़ा बनाए रखना। बहुत-से ताक़तवर लोग यही चाहते थे।
आधुनिकीकरण: पश्चिम के विचार
आधुनिकीकरण (Modernisation) का अर्थ है नई संस्थाएँ लाना: रोमानियाई भाषा के स्कूल, अख़बार, संविधान, समान क़ानून, ज़्यादा न्यायपूर्ण भूमि नियम। पेरिस और पश्चिम के दूसरे शहरों में पढ़े छात्र ये विचार और राष्ट्रीय पहचान की भावना लेकर लौटे।
केस स्टडी: तूदोर व्लादिमिरेस्कू (1821)
तूदोर व्लादिमिरेस्कू, एक ज़मींदार और पूर्व अफ़सर, ने 1821 में वलाकिया में सशस्त्र स्वयंसेवकों (पांदुर) के साथ विद्रोह किया। उन्होंने न्यायपूर्ण शासन और किसानों पर कम बोझ की माँग लिखी। समर्थन काफ़ी नहीं था और 1821 में ही उनकी हत्या कर दी गई। फिर भी पुरानी शासन-व्यवस्था हिल गई और बाद में शासक स्थानीय रोमानियाई घरानों से आए।
केस स्टडी: 1848 की पीढ़ी
1848 में पूरे यूरोप में क्रांतियाँ फैलीं। वलाकिया में इस्लाज़ घोषणा (Islaz Proclamation) (जून 1848) ने समानता, स्वतंत्र प्रेस, भूमि सुधार और निर्वाचित सभा माँगी। मोल्दाविया में मिहाइल कोगाल्निचेआनु और वासिले अलेक्सांद्री जैसे लेखकों ने याचिकाएँ लिखीं। ट्रांसिल्वेनिया में रोमानियाई लोग मई 1848 में ब्लाज में अधिकार माँगने मिले। नतीजे: पड़ोसी साम्राज्यों की सेनाओं ने कुछ महीनों में आंदोलन रोक दिए और नेता निर्वासित हुए। पर माँगों ने आगे चलकर रियासतों के एकीकरण (1859) को आकार दिया।
केस स्टडी: रोमा की दासता से मुक्ति
सदियों तक वलाकिया और मोल्दाविया में बहुत-से रोमा लोग दास थे, जिनके मालिक राज्य, चर्च या बोयार थे। 1848 की पीढ़ी के सुधारकों ने इसके विरुद्ध आवाज़ उठाई। क़ानूनों ने 1840 के दशक से चरणों में दासों को मुक्त किया और आख़िरी लोग 1855-1856 के क़ानूनों से मुक्त हुए। आज़ादी बिना ज़मीन या मदद के मिली, इसलिए बहुत-से परिवार ग़रीब रहे। इससे पता चलता है कि क़ानून और असली समानता एक नहीं हैं।
ख़ुद करके देखें
सोचिए: पिछले 50 सालों में आपके शहर में कौन-सा बदलाव जीवन को ज़्यादा न्यायपूर्ण बनाया (स्कूल, सड़क, वोट)? उसे एक सुधार-खंड की तरह लिखिए। 3D के खुले खेल में सुधार एक-एक करके जोड़िए और देखिए कि झूला सबसे ज़्यादा किससे झुकता है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- मुख्य शब्द: रूढ़िवाद = पुरानी व्यवस्था बनाए रखना; आधुनिकीकरण = नई संस्थाएँ और विचार
- 1821: तूदोर व्लादिमिरेस्कू का विद्रोह (वलाकिया)
- 1848: इस्लाज़ घोषणा (वलाकिया), ब्लाज सभा (ट्रांसिल्वेनिया), याचिकाएँ (मोल्दाविया)
- 1855-1856: क़ानूनों से रोमा दासता का अंत
- क्रांति कम समय में हारती है, विचार लंबे समय में जीतते हैं
हल किए गए उदाहरण
1. 1848 के रोमानियाई युवा स्वतंत्र प्रेस और स्कूल क्यों चाहते थे?
उन्होंने पश्चिमी यूरोप में देखा कि पढ़े-लिखे और जानकार नागरिक अधिकार माँग सकते हैं। प्रेस और स्कूल ये विचार ज़्यादा लोगों तक पहुँचाते हैं।
2. 1848 की क्रांतियाँ रोक दी गईं। क्या वे बेकार थीं?
नहीं। माँगें (अधिकार, भूमि सुधार, एकता) याद रहीं और 1859 के एकीकरण तक ले गईं।
3. 1856 के बाद मुक्त हुए रोमा ग़रीब क्यों रहे?
क़ानून ने आज़ादी दी पर ज़मीन, औज़ार या स्कूल नहीं दिए। मदद के बिना बहुत-से लोगों को फिर पुराने मालिकों के लिए काम करना पड़ा।
4. रूढ़िवाद और आधुनिकीकरण में एक अंतर बताइए।
रूढ़िवाद पुरानी व्यवस्था (ज़मींदार की ताक़त, पुराने क़ानून) बनाए रखता है। आधुनिकीकरण नई संस्थाएँ (स्कूल, संविधान, समान क़ानून) लाता है।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि 1848 तुरंत सफल हुआ। क्रांतियाँ रोकी गईं; नतीजे बाद में आए।
- 1821 और 1848 को मिला देना। 1821 तूदोर व्लादिमिरेस्कू का विद्रोह था; 1848 माँगपत्रों और घोषणाओं की पीढ़ी थी।
- बिना सोचे रूढ़िवाद को "बुरा" और आधुनिकीकरण को "अच्छा" कहना। पूछिए कि हर बदलाव से किसे लाभ और किसे नुकसान।
- यह मानना कि दासता के अंत से रोमा को पूरी समानता मिल गई। आज़ादी बिना ज़मीन या सहारे के मिली।