कीवी रूस: द्रुज़िना और जन-सेना (नौवीं से तेरहवीं सदी)
कीवी रूस के शुरुआती राज्य में राजकुमार के पास द्रुज़िना थी: पूरे समय के योद्धाओं का समूह जो उसके साथ रहता और लड़ता था। उन्हें कर और लूट का हिस्सा मिलता था और वे राजकुमार को सलाह भी देते थे।
बड़े युद्ध में राजकुमार जन-सेना (ओपोलचेन्न्या) भी बुलाता था, यानी आम शहरी और किसान। इस तरह दो हिस्से थे: छोटी पेशेवर टुकड़ी और बड़ी जनता की सेना।
याद रखने की बात: सेना राजकुमार की निजी थी।
कोसैक सेना (पंद्रहवीं से अठारहवीं सदी)
कोसैक दक्षिणी सीमा के आज़ाद लोग थे। उनका केंद्र ज़ापोरीज़्झ्या सिच था, जो नीपर नदी के रैपिड्स के पार एक क़िलेबंद बस्ती थी।
- कोश ओतामान और हेटमैनत में हेटमैन जैसे नेता एक सभा द्वारा चुने जाते थे।
- वे हल्की नदी-नावें (चाइका) और तेज़ गतिशील लड़ाई इस्तेमाल करते थे।
- सत्रहवीं सदी के हेटमैनत में कोसैक सेना राज्य के साथ खड़ी थी।
याद रखने की बात: समुदाय द्वारा नेता का चुनाव।
1917 से 1921 की राष्ट्रीय सेना
1917 में पुराने साम्राज्यों के टूटने के बाद यूक्रेन की राष्ट्रीय सरकारों ने पद, वर्दी, टुकड़ियों और राष्ट्रीय झंडे वाली नियमित सेना बनाने की कोशिश की। हालात बहुत कठिन थे: कई मोर्चों पर लड़ाइयाँ, बदलती सरकारें और कम संसाधन।
यह कोशिश 1921 तक ख़त्म हो गई, पर राष्ट्रीय सेना की एक मिसाल छोड़ गई जिसे बाद की पीढ़ियों ने याद रखा।
याद रखने की बात: पहली आधुनिक, राज्य जैसी राष्ट्रीय सेना।
सशस्त्र बलों की स्थापना (1991)
1991 में स्वतंत्रता घोषित होने के बाद यूक्रेन ने अपने क्षेत्र की सैन्य टुकड़ियों को अपने अधीन लिया और 6 दिसंबर 1991 को सशस्त्र बलों पर क़ानून पास किया। उसी तारीख़ को हर साल सशस्त्र बल दिवस मनाया जाता है।
मुख्य शब्द: संप्रभुता (राज्य अपने फ़ैसले ख़ुद करता है) और नागरिक नियंत्रण (सिर्फ़ जनरल नहीं, चुने हुए नेता सेना को निर्देश देते हैं)।
याद रखने की बात: नए राज्य को अपने क़ानून के अधीन अपनी सेना चाहिए।
संविधान, क़ानून और सुधार (1996 से आज तक)
1996 का संविधान क़ानूनी आधार तय करता है। अनुच्छेद 17 कहता है कि संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा राज्य का सबसे महत्वपूर्ण कार्य और पूरे लोगों का काम है। सशस्त्र बल इसी उद्देश्य की सेवा करते हैं, और दूसरे क़ानून (रक्षा, सशस्त्र बल, सैन्य कर्तव्य पर) विवरण देते हैं।
2014 के बाद सेना में गहरे सुधार और विस्तार हुए: बेहतर प्रशिक्षण, उपकरण और संगठन, और स्वयंसेवकों तथा समाज का मज़बूत साथ।
याद रखने की बात: सेना क़ानून के अधीन है और रक्षा पूरे समाज का कर्तव्य है।
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घर पर: काग़ज़ पर पाँच बिंदुओं वाली टाइमलाइन खींचो, सालों के साथ: 9-13वीं सदी, 15-18वीं सदी, 1917-21, 1991, 1996 और बाद। हर बिंदु पर एक छोटा चिह्न बनाओ (ढाल, नाव, झंडा, किताब, पट्टिका)।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- पाँच युग: द्रुज़िना → कोसैक सेना → राष्ट्रीय सेना 1917-21 → सशस्त्र बल 1991 → संविधान 1996 और सुधार
- सशस्त्र बल दिवस: 6 दिसंबर (1991 का क़ानून)
- संविधान, अनुच्छेद 17: संप्रभुता की रक्षा राज्य और पूरे लोगों का कार्य है
हल किए गए उदाहरण
1. इन्हें समय के क्रम में लगाओ: कोसैक सेना, सशस्त्र बलों की स्थापना, कीवी रूस की द्रुज़िना।
कीवी रूस की द्रुज़िना (9वीं से 13वीं सदी), कोसैक सेना (15वीं से 18वीं सदी), सशस्त्र बलों की स्थापना (1991)।
2. कोसैक सेना में नेता कौन चुनता था और यह द्रुज़िना से कैसे अलग है?
समुदाय की सभा हेटमैन जैसे नेता चुनती थी। द्रुज़िना में योद्धा राजकुमार का अनुसरण करते थे, जिसे उन्होंने नहीं चुना था।
3. नए स्वतंत्र देश के लिए 1991 का क़ानून क्यों अहम था?
उसने राज्य की अपनी सेना को अपने क़ानून के अधीन बनाया, इसलिए रक्षा के फ़ैसले यूक्रेन के राज्य ने ख़ुद (संप्रभुता) और नागरिक नियंत्रण में लिए।
आम गलतियाँ
- युगों को गड़बड़ाना: कोसैक सेना कीवी रूस के बहुत बाद और 1991 से बहुत पहले आई।
- 1917 से 1921 की सेना को 1991 के सशस्त्र बलों जैसा समझना। दोनों अलग हैं, बीच में लगभग 70 साल का अंतर है।
- यह भूलना कि सेना क़ानून और नागरिक नेताओं के अधीन काम करती है, सिर्फ़ कमांडरों के नहीं।
- सशस्त्र बल दिवस को स्वतंत्रता दिवस समझना। यह 6 दिसंबर 1991 के क़ानून की याद में है।