क्लासिक को आज से जोड़ना
कई भाव पुराने हैं और आज भी ज़िंदा हैं: चिंता, ऋतुओं की खुशी, घर की याद, मित्रता। जोड़ने के लिए तीन कदम अपनाइए।
- पुराने पाठ का भाव या विचार खोजिए।
- उसे अपने जीवन, शहर, ख़बरों या आज के मीडिया की किसी चीज़ से मिलाइए।
- कारण से संबंध समझाइए: "यह ... जैसा है क्योंकि ...।"
यह भी देखिए कि क्या अलग है। पुराना और नया एक-जैसा नहीं होता।
विचारों को बढ़ाना
संबंध अंत नहीं है। उससे आगे बढ़िए। पूछिए: पुराने पाठ ने मुझे क्या दिखाया जो मैंने नहीं देखा था? क्या इससे मेरी अपनी स्थिति देखने का ढंग बदलता है? क्या मैं इसे दोस्त को नए ढंग से समझा सकता हूँ? विचार और फैलाने के लिए दूसरी किताबों या दूसरी संस्कृतियों से तुलना कीजिए।
एक वाक्य में एक नया विचार लिखिए और साझा कीजिए।
तीन भागों में अच्छा उत्तर
1) पुराना पाठ क्या कहता है। 2) कारण के साथ उसे आज से जोड़िए। 3) एक नया विचार जोड़िए जो अब आप सोचते हैं। हर भाग एक-दो वाक्यों में रखिए।
करके देखें
3D का एक विषय चुनिए (ऋतुएँ, मित्रता, चिंता)। एक पुरानी पंक्ति, एक आज का उदाहरण और अपना एक नया विचार लिखिए। फिर विषय बदलकर दोबारा कीजिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- खोजो - मिलाओ - बढ़ाओ
- संबंध-वाक्य: "यह ... जैसा है क्योंकि ..."
- अच्छा उत्तर = पुराना पाठ + संबंध + नया विचार
हल किए गए उदाहरण
1. पुरानी कविता कहती है वसंत के फूल जल्दी झरते हैं। इसे अपने जीवन से जोड़िए।
परीक्षा का मौसम भी जल्दी आता-जाता है। दोनों समय का अच्छा उपयोग करने की याद दिलाते हैं। नया विचार: परीक्षाओं के बीच के छोटे दिनों का आनंद लो।
2. दूर के मित्र को पुराना पत्र। इसे आज से जोड़ें और एक अंतर बताइए।
आज हम वीडियो कॉल करते हैं। उत्कंठा वही है; गति अलग है: पत्र हफ़्तों लेते थे, कॉल तुरंत होती है।
3. यात्री को घर की याद आती है। विचार बढ़ाइए।
आज कई विद्यार्थी और कामगार घर से दूर रहते हैं। इसकी तुलना दूसरी संस्कृति के यात्री से कीजिए। नया विचार: घर की याद एक साझा मानवीय भाव है।
आम गलतियाँ
- कारण बिना जोड़ना। हमेशा "क्योंकि" कहिए।
- कहना कि पुराना और नया बिल्कुल एक-सा है। अंतर भी बताइए।
- संबंध पर रुक जाना। अपना नया विचार जोड़िए।
- जहाँ संबंध नहीं है वहाँ ज़बरदस्ती जोड़ना। ऐसा विषय चुनिए जो सच में मेल खाए।