रूस का आकार और दुनिया में उसकी जगह
रूस क्षेत्रफल में सबसे बड़ा देश है, लगभग 1.7 करोड़ वर्ग किमी। यह पृथ्वी की सारी ज़मीन के हर 100 भाग में से लगभग 11 है। यह 11 समय क्षेत्रों में फैला है और बाल्टिक सागर से प्रशांत महासागर तक जाता है, यानी यूरोप और एशिया दोनों से जुड़ा है। ज़्यादातर ज़मीन ठंडी है। साइबेरिया के बड़े हिस्से पर्माफ्रॉस्ट (साल भर जमी मिट्टी) पर हैं, जहाँ सड़क और पाइपलाइन बनाना महँगा है।
रूस में लगभग 14.6 करोड़ लोग रहते हैं: दुनिया के हर 100 लोगों में से लगभग 2। इसलिए यहाँ जनसंख्या घनत्व बहुत कम है।
अर्थव्यवस्था कितनी बड़ी है?
अर्थव्यवस्था का आकार GDP से नापते हैं, यानी साल भर में बनी हर चीज़ का मूल्य। बाज़ार विनिमय दर पर रूस लगभग 10वें स्थान की अर्थव्यवस्था है; क्रय शक्ति (अपने देश में पैसे से असल में क्या खरीदा जा सकता है) के हिसाब से वह शीर्ष छह के आसपास है। दोनों तरह से दुनिया की आय में उसका हिस्सा छोटा है, 100 में 2 से 3 भाग, उसके ज़मीन के हिस्से से बहुत कम।
यानी रूस आकार और संसाधनों में बड़ा है, पर आय में मध्यम। प्रति व्यक्ति आय कई विकासशील देशों से ज़्यादा है, पर पश्चिमी यूरोप या उत्तर अमेरिका से कम।
संसाधन और निर्यात: रूस क्या बेचता है
रूस के पास दुनिया के सबसे बड़े तेल, प्राकृतिक गैस और कोयले के भंडार हैं। साथ में निकल, एल्युमीनियम, इस्पात और पैलेडियम जैसी धातुएँ, लकड़ी, हीरे और खाद भी हैं। वह गेहूँ का एक प्रमुख निर्यातक भी है। निर्यात की सबसे बड़ी कमाई तेल और गैस से आती है। मोटे तौर पर, दुनिया के हर नौ बैरल तेल में से लगभग एक, हर आठ घन मीटर गैस में से लगभग एक और व्यापार किए गए हर पाँच टन गेहूँ में से लगभग एक रूस से आता है। पैलेडियम (गाड़ियों के धुएँ की सफ़ाई में काम आता है) सबसे आगे है: दुनिया की आपूर्ति का लगभग पाँच में से दो भाग रूस खोदता है।
वह मशीनें, गाड़ियाँ, इलेक्ट्रॉनिक सामान और दवाइयाँ आयात करता है। कच्चा या अर्ध-संसाधित माल बेचने और तैयार सामान खरीदने का यह ढर्रा संसाधन-आधारित अर्थव्यवस्था कहलाता है।
व्यापार मार्ग और साझेदार
माल पाइपलाइन (तेल-गैस), रेल (ट्रांस-साइबेरियन रेलमार्ग मास्को को प्रशांत तट के बंदरगाह क्षेत्र से जोड़ता है) और बाल्टिक, काला सागर, आर्कटिक तथा प्रशांत के बंदरगाहों से समुद्र के रास्ते जाता है। आर्कटिक तट का उत्तरी समुद्री मार्ग बर्फ़ पिघलने के महीनों में यूरोप और पूर्वी एशिया के बीच का समुद्री रास्ता छोटा कर देता है।
दशकों तक सबसे बड़े खरीदार यूरोप के देश और चीन रहे। 2014 से, और 2022 के बाद बहुत ज़्यादा, कई देशों के प्रतिबंधों और रोकों ने बदल दिया कि कौन खरीदता है और कैसे। ज़्यादा व्यापार चीन, भारत और तुर्की जैसे एशियाई खरीदारों की ओर मुड़ा, अक्सर बदले दामों और नए रास्तों से। तस्वीर बदलती रहती है, इसलिए ताज़ा आँकड़े देखिए।
लोग: जनसंख्या, शहर और प्रवास
रूस की आबादी 1990 के दशक से लगभग स्थिर है या धीरे-धीरे घट रही है, क्योंकि बच्चे कम पैदा होते हैं और बुज़ुर्ग ज़्यादा हैं; इसे वृद्ध होती जनसंख्या कहते हैं। आप्रवासन, मुख्यतः पड़ोसी मध्य एशियाई देशों से, कामगारों की कमी का कुछ हिस्सा भरता है। लगभग चार में से तीन लोग शहरों में रहते हैं। लगभग चार में से तीन लोग पश्चिमी हिस्से में, यानी यूराल पर्वत के पश्चिम में रहते हैं, जबकि विशाल पूर्व (साइबेरिया और सुदूर पूर्व) बहुत कम बसा है। सबसे बड़े शहर मास्को और सेंट पीटर्सबर्ग हैं।
ताक़त, जोखिम और किस पर नज़र रखें
- ताक़त: विशाल ऊर्जा और खनिज संसाधन, बड़ी खेती की ज़मीन, मज़बूत विज्ञान परंपरा, यूरोप और एशिया के बीच ज़मीनी पुल।
- जोखिम: विश्व में तेल-गैस के दामों के साथ आय का उतार-चढ़ाव, प्रतिबंध, लंबी दूरी और ठंडी जलवायु, बूढ़ी होती कार्यशक्ति, और उच्च-प्रौद्योगिकी सामान का छोटा हिस्सा।
- संभावित बदलाव: संसाधनों को देश में ही ज़्यादा संसाधित करना, आर्कटिक और सुदूर पूर्व का विकास, एशिया से ज़्यादा व्यापार और नई तकनीक।
कारण-प्रभाव की कड़ी याद रखिए: तेल का दाम गिरे → निर्यात आय घटे → सरकारी बजट सिकुड़े → खर्च में कटौती या उधार बढ़े।
करके देखिए: पहले अनुमान, फिर गिनती
3D के चरण खोलने से पहले अपना अनुमान (100 में से) लिख लीजिए: ज़मीन, लोग, आय, तेल, गेहूँ निर्यात में रूस का हिस्सा। फिर हर एक के नारंगी घन गिनिए। किसका अनुमान सबसे दूर निकला? किन मदों में रूस लोगों के हिस्से (2) से आगे है? अपनी रसोई देखिए: क्या किसी पैकेट वाले खाने या खाद पर उत्पत्ति का देश लिखा है?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- दुनिया में हिस्सा (%) = (रूस की मात्रा ÷ दुनिया की मात्रा) × 100
- जनसंख्या घनत्व = लोग ÷ क्षेत्रफल (व्यक्ति प्रति वर्ग किमी)
- 11-2-3 नियम: ज़मीन 11, लोग 2, आय 3 (प्रति 100 भाग, गोल किए हुए)
- कारण-प्रभाव कड़ी: दाम गिरे → निर्यात आय घटे → बजट सिकुड़े
- संसाधन-आधारित अर्थव्यवस्था: कच्चा माल बेचती है, तैयार सामान खरीदती है
हल किए गए उदाहरण
1. रूस के पास दुनिया की लगभग 11% ज़मीन और लगभग 2% लोग हैं। इससे लोगों के रहने के बारे में क्या पता चलता है?
11 ÷ 2 = 5.5, यानी ज़मीन का हिस्सा लोगों के हिस्से से लगभग 5 से 6 गुना है। हर वर्ग किलोमीटर पर बहुत कम लोग रहते हैं और ज़्यादातर लोग कुछ ही इलाकों में, मुख्यतः पश्चिम में, रहते हैं।
2. रूस को अक्सर संसाधन-आधारित अर्थव्यवस्था क्यों कहा जाता है?
उसके निर्यात की ज़्यादातर कमाई तेल, गैस, कोयला, धातु, खाद और गेहूँ जैसे कच्चे माल से आती है, जबकि वह मशीनें और इलेक्ट्रॉनिक जैसे तैयार सामान खरीदता है।
3. समझाइए कि विश्व में तेल के दाम गिरने से रूस का सरकारी बजट कैसे प्रभावित होता है।
तेल और गैस निर्यात और कर-आय का बड़ा हिस्सा हैं। दाम गिरने पर निर्यात आय और कर-आय घटती है। तब सरकार के पास खर्च के लिए कम पैसा बचता है, इसलिए वह खर्च घटा सकती है या उधार ले सकती है।
4. रूस के व्यापार के लिए पाइपलाइन, रेलमार्ग और बंदरगाह इतने ज़रूरी क्यों हैं?
देश विशाल है और संसाधन खरीदारों से दूर हैं। पाइपलाइन तेल-गैस ले जाती है, रेल और बंदरगाह कोयला, धातु और अनाज ले जाते हैं। इन रास्तों के बिना माल बाज़ार तक नहीं पहुँचेगा।
आम गलतियाँ
- यह मान लेना कि सबसे बड़े देश की अर्थव्यवस्था भी सबसे बड़ी होती है। रूस का ज़मीन का हिस्सा (11) आय के हिस्से (3) से बहुत बड़ा है।
- गोल किए गए आँकड़ों को स्थिर मान लेना। हिस्से हर साल उत्पादन, दामों और नए आँकड़ों के साथ बदलते हैं।
- यह कहना कि रूस मुख्यतः तैयार माल निर्यात करता है। निर्यात का ज़्यादातर मूल्य कच्चे माल और ईंधन का है।
- भूल जाना कि ज़्यादातर लोग पश्चिमी हिस्से में रहते हैं, पूरे क्षेत्रफल में बराबर नहीं फैले।