📘 CodingMarble Learn

चिह्न-विज्ञान (Semiotics): चिह्न अर्थ कैसे बनाते हैं

चिह्न-विज्ञान चिह्नों का अध्ययन है। चिह्न = संकेतक (signifier: दिखने वाला रूप) + संकेतित (signified: मन में आने वाला विचार)। निरूपण (denotation) सीधा अर्थ है, संकेतार्थ (connotation) समाज का जोड़ा भाव। चिह्न आइकन, इंडेक्स या सिंबल हो सकते हैं। कोड पढ़ने के साझा नियम हैं और कैप्शन एक अर्थ बाँधता है (एंकरेज)। बार्थ ने "स्वाभाविक" लगने वाले संकेतार्थों को मिथक कहा।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. चिह्न के दो भाग होते हैं। संकेतक वह रूप है जो दिखता है: यह गुलाब। संकेतित वह विचार है जो मन में आता है।
  2. निरूपण सीधा अर्थ है: एक लाल फूल। संकेतार्थ वह भाव है जो हमारा समाज जोड़ता है: प्यार।
  3. चिह्न तीन तरह से अर्थ से जुड़ते हैं। आइकन चीज़ जैसा दिखता है। इंडेक्स उससे पैदा होता है, जैसे धुआँ। सिंबल माने हुए नियम से चलता है, जैसे कोई शब्द।
  4. कोड चिह्न पढ़ने के साझा नियम हैं। सिर्फ़ रोशनी लाल हुई। गुलाब वही, पर अब ख़तरे या जुनून का इशारा।
  5. एक तस्वीर के कई अर्थ हो सकते हैं। साथ लिखे शब्द एक अर्थ तय कर देते हैं। इसे एंकरेज कहते हैं।
  6. अब तुम: एक चीज़, एक रोशनी और एक कैप्शन चुनो। देखो अर्थ कैसे बदलता है।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

अगर शब्द चीज़ जैसा दिखता ही नहीं, तो उसका अर्थ कैसे बनता है?

क्योंकि हम नियम सीखते हैं। शब्द सिंबल हैं: एक भाषा बोलने वाले लोग यह रिश्ता मानते हैं।

क्या संकेतार्थ सबके लिए एक जैसा होता है?

नहीं। संकेतार्थ संस्कृति से आता है। सफ़ेद रंग कहीं पवित्रता, कहीं शोक दिखाता है।

चीज़ वही रहे तो रोशनी अर्थ कैसे बदल देती है?

रोशनी एक कोड है। दर्शकों ने सीखा है कि लाल ख़तरा और गर्म रोशनी सुरक्षा दिखाती है, इसलिए पढ़ने का ढंग बदल जाता है।

विज्ञापनों में हमेशा स्लोगन क्यों होता है?

अर्थ बाँधने के लिए। बिना शब्दों के तस्वीर के कई अर्थ खुले रहते हैं; स्लोगन पसंदीदा अर्थ की ओर धकेलता है।

इंडेक्स और सिंबल में क्या फ़र्क़ है?

इंडेक्स का असली भौतिक रिश्ता होता है (धुआँ आग से बनता है)। सिंबल का सिर्फ़ सीखा हुआ रिश्ता (शब्द "आग")।

चिह्न (sign) क्या है?

चिह्न-विज्ञान (semiotics) चिह्नों और उनसे बनने वाले अर्थ का अध्ययन है। चिह्न कोई भी चीज़ है जो किसी और चीज़ की जगह खड़ी हो: शब्द, फ़ोटो, रंग, आवाज़, लोगो, इशारा।

फ़र्डिनैंड द सस्यूर ने चिह्न के दो भाग बताए:

दोनों का रिश्ता ज़्यादातर मनमाना (arbitrary) है: "गुलाब" या "rose" अक्षरों में फूल जैसा कुछ नहीं। यह रिश्ता हम भाषा और संस्कृति से सीखते हैं।

डिज़ाइन में भी यही है। प्रोडक्ट सिमेंटिक्स में चीज़ का आकार बताता है कि उसे कैसे इस्तेमाल करें: उभरा बटन कहता है "दबाओ", हैंडल कहता है "खींचो"।

निरूपण, संकेतार्थ और मिथक (बार्थ)

रोलां बार्थ ने अर्थ की परतें बताईं:

विज्ञापन, फ़िल्म पोस्टर, पत्रिका कवर, म्यूज़िक वीडियो कई चिह्नों से बनते हैं। विश्लेषण का मतलब: चिह्न गिनो, फिर हर एक का निरूपण और संकेतार्थ लिखो।

आइकन, इंडेक्स और सिंबल (पर्स)

चार्ल्स सैंडर्स पर्स ने चिह्नों को इस आधार पर बाँटा कि वे अर्थ से कैसे जुड़ते हैं:

कई चिह्न मिले-जुले होते हैं। नक्शा आइकन भी है (ज़मीन जैसा दिखता है) और सिंबल भी (उसके रंग एक कुंजी से चलते हैं)।

कोड: तकनीकी, प्रतीकात्मक और मंच के चिह्न-कोड

कोड चिह्न पढ़ने के साझा नियम हैं।

रंगमंच पर दर्शक मंच के चिह्न-कोड पढ़ते हैं: पोशाक और मेकअप, सेट और सामान, रोशनी और रंग, संगीत, इशारे, चेहरे के भाव, आवाज़ और प्रॉक्सेमिक्स (अभिनेताओं के बीच की दूरी: पास = नज़दीकी, दूर = दूरी या दुश्मनी)। एक अभिनेता ऊँची कुर्सी पर और दूसरा घुटनों पर, यह ताक़त का चिह्न है।

बहुअर्थता और एंकरेज

तस्वीर अक्सर बहुअर्थी (polysemic) होती है: उसके कई अर्थ हो सकते हैं। गुलाब की फ़ोटो का मतलब प्यार, दुख, बगीचा या सेल कुछ भी हो सकता है।

एंकरेज वह है जब शब्द (कैप्शन, हेडलाइन, स्लोगन) एक अर्थ बाँध दें। "सालगिरह मुबारक" प्यार बाँधता है; "प्यार भरी याद में" दुख। बनाने वाले एंकरेज से हमें अपना पसंदीदा अर्थ (preferred reading) पढ़वाते हैं।

चिह्न-विज्ञान से निकले दूसरे सिद्धांत

करके देखो: विज्ञापन को चिह्न-विज्ञानी की तरह पढ़ो

घर पर कोई विज्ञापन या पोस्टर लो। तीन कॉलम बनाओ: चिह्न | निरूपण | संकेतार्थ। कम से कम पाँच चिह्न लिखो (रंग, मॉडल का पोज़, फ़ॉन्ट, जगह, लोगो)। फिर हाथ से स्लोगन ढको: क्या अर्थ खुल जाता है? हटाओ: स्लोगन कौन-सा अर्थ बाँधता है? 3D के आख़िरी चरण में एक ही चीज़ को तीन कैप्शन के साथ आज़माओ।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. इत्र के विज्ञापन का विश्लेषण करो: रात में बालकनी पर लाल पोशाक में एक महिला, स्लोगन "अविस्मरणीय बनो"।

चिह्न: लाल पोशाक (निरूपण: कपड़ा; संकेतार्थ: जुनून, आत्मविश्वास); रात की शहर की रोशनियाँ (शान-शौक़त, रोमांच); ऊँची बालकनी (रुतबा); स्लोगन अर्थ बाँधता है: इत्र लगाओ तो याद रखे जाओगे। मिथक: सुंदरता और सफलता ख़रीदी जा सकती है।

2. वर्गीकरण करो: (a) 39 °C दिखाता थर्मामीटर, (b) मैप-पिन इमोजी, (c) हरी ट्रैफ़िक लाइट।

(a) इंडेक्स: ऊँची रीडिंग शरीर की गर्मी से बनी। (b) आइकन: पिन जैसा दिखता है। (c) सिंबल: हरा मतलब "चलो" सिर्फ़ इसलिए कि हमने तय किया।

3. मंच पर राजा ऊँचे चबूतरे पर खड़ा है, नौकर दूर ठंडी नीली रोशनी में घुटनों पर है। मंच के चिह्न-कोड क्या कहते हैं?

ऊँचाई ताक़त दिखाती है; दूरी (प्रॉक्सेमिक्स) सामाजिक फ़ासला दिखाती है; नीली रोशनी तनाव या उदासी। बिना एक शब्द बोले दर्शक समझ जाते हैं कि राजा ताक़तवर और दूर है।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. सस्यूर के मॉडल में संकेतक है:
2. लाल गुलाब से प्यार का भाव किसका उदाहरण है?
3. आग के चिह्न के रूप में धुआँ है:
4. फ़ोटो का अर्थ बाँधने वाला कैप्शन कहलाता है:
5. द्विआधारी विरोध मुख्य रूप से किससे जुड़े हैं?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आसान शब्दों में चिह्न-विज्ञान क्या है?

यह चिह्नों का अध्ययन है: तस्वीरें, शब्द, रंग और आवाज़ें विचारों की जगह कैसे खड़ी होती हैं और हम उन्हें पढ़ना कैसे सीखते हैं।

निरूपण और संकेतार्थ में क्या अंतर है?

निरूपण सीधा अर्थ है (लाल गुलाब एक फूल है)। संकेतार्थ अतिरिक्त सांस्कृतिक अर्थ है (प्यार, रोमांस)।

मीडिया स्टडीज़ में चिह्न-विज्ञान क्यों पढ़ते हैं?

इससे समझा पाते हैं कि विज्ञापन और पोस्टर जैसे मीडिया अर्थ कैसे बनाते हैं और पसंदीदा अर्थ की ओर कैसे ले जाते हैं।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

स्पेन1º BachilleratoStage expression and communication
स्पेन2º BachilleratoDesign: formal configuration and methodology
इंग्लैंडYear 123.4 Media language

पहले यह पढ़ें

आगे पढ़ें

इससे जुड़े पाठ

सभी ललित कला पाठ