कई स्रोतों की जानकारी को सजाना
स्रोत (source) कोई भी चीज़ है जो जानकारी देती है: सूचना, समाचार, तालिका, पत्र, कोई व्यक्ति। एक स्रोत शायद ही पूरी कहानी बताता है। कई स्रोत इस्तेमाल करने के लिए:
- इकट्ठा कीजिए: हर स्रोत पढ़कर वह एक तथ्य चुनिए जो आपके सवाल का जवाब देता है।
- छाँटिए: तथ्यों को तालिका या दो सूचियों में रखिए (पक्ष और विपक्ष, समान और अलग)।
- निष्कर्ष निकालिए: पूरी तालिका देखकर बताइए कि वह क्या कहती है।
हर तथ्य के साथ लिखिए कि वह किस स्रोत से आया, ताकि बाद में जाँच सकें।
जब स्रोत सहमत हों और जब न हों
अगर स्रोत सहमत हैं तो आप ज़्यादा निश्चिंत हो सकते हैं। अगर नहीं, तो पूछिए: कौन-सा नया है? कौन घटना के ज़्यादा पास है? किसके पास असली सबूत है? स्रोत सिर्फ़ गिनिए मत, तौलिए भी। एक भरोसेमंद मौसम रिपोर्ट तीन अंदाज़ों से ज़्यादा क़ीमती है।
पात्र के शब्दों और कामों का अर्थ
कहानी में पात्र के शब्द और काम एक ही व्यक्ति के बारे में दो स्रोत हैं। दोनों को साथ रखिए।
- अगर दोनों मेल खाते हैं (दयालु बातें, दयालु काम), तो अर्थ साफ़ है।
- अगर नहीं (कहता है "मैं ठीक हूँ" पर खाना छोड़ देता है), तो कोई छिपी भावना है। आम तौर पर काम सच दिखाते हैं।
यह भी देखिए कि शब्द कैसे कहे गए (धीमे, तेज़) और काम कब हुए (जब शिक्षक देख रहे हों तभी)। इसी तरह पाठक अनुमान (infer) लगाते हैं, यानी वह बात समझते हैं जो सीधे नहीं कही गई।
करके देखिए: अपनी तालिका बनाइए
करके देखिए। कोई छोटा चुनाव लीजिए, जैसे लंच में कौन-सा खेल खेलें। तीन लोगों से पूछिए और हर एक से एक तथ्य दो कॉलम की तालिका में लिखिए: स्रोत, तथ्य। तथ्यों को पक्ष और विपक्ष में छाँटिए और एक पंक्ति का निष्कर्ष लिखिए। फिर किसी कार्टून के पात्र को देखिए: वह क्या कहता है और क्या करता है, दो कॉलम में लिखिए। क्या दोनों मेल खाते हैं? 3D में ऊपर वाला बटन दबाकर दोनों उदाहरणों में जाइए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- इकट्ठा + छाँटो + निष्कर्ष
- तालिका = स्रोत | तथ्य | पक्ष या विपक्ष
- शब्द + काम = अर्थ
- शब्द और काम अलग हों तो पहले काम पर भरोसा कीजिए
हल किए गए उदाहरण
1. स्रोत क: "बस 8 बजे जाती है।" स्रोत ख: "आज 8 बजे वाली बस रद्द है।" स्रोत ग: "अगली बस 9 बजे है।" बस पकड़नी हो तो कब निकलें?
तालिका बनाइए: क कहता है 8, ख कहता है 8 वाली रद्द, ग कहता है 9। ख नया और ख़ास है, इसलिए क पुराना पड़ चुका है। निष्कर्ष: 9 बजे वाली बस लीजिए।
2. एक लड़की कहती है "मुझे परवाह नहीं कौन जीतता है" पर बार-बार स्कोरबोर्ड देखती है और नाख़ून चबाती है। यह क्या दिखाता है?
उसके शब्द कहते हैं कि उसे परवाह नहीं, पर काम बताते हैं कि वह घबराई हुई है और उसे परवाह है। काम असली भावना दिखाते हैं।
3. दो स्रोत कहते हैं कि झील सिकुड़ रही है। तीसरा कहता है कि वह उतनी ही है। इन्हें कैसे छाँटें?
दो को "सिकुड़ रही है" में और एक को "उतनी ही" में रखिए। फिर जाँचिए कि कौन नया है या किसके पास माप है। सिर्फ़ गिनिए मत, सबूत तौलिए। अगर दोनों पुराने हैं तो तीसरा सही हो सकता है।
आम गलतियाँ
- सिर्फ़ पहले स्रोत पर भरोसा करना और बाक़ी को छोड़ देना।
- अलग स्रोतों के तथ्य मिला देना और भूल जाना कि कौन-सा किसने कहा।
- स्रोत गिनना, यह तौलना नहीं कि कौन ज़्यादा भरोसेमंद और नया है।
- पात्र के शब्दों पर यक़ीन कर लेना जबकि उसके काम कुछ और कहते हैं।