संदर्भ क्या है?
संदर्भ का मतलब है शब्द के आसपास की हर चीज़: दूसरे शब्द, वाक्य, बोलने वाला और स्थिति।
बहुत से शब्दों के एक से ज़्यादा अर्थ होते हैं (अनेकार्थी शब्द)। "तार" का अर्थ डोरी, टेलीग्राम या साज़ की डोर हो सकता है। शब्दकोश सब अर्थ बताता है। संदर्भ बताता है कि अभी कौन-सा अर्थ है।
सुराग वाले शब्द खोजिए
सुराग शब्द वह शब्द है जो कठिन शब्द के पास होता है और उसका अर्थ बताता है।
- "कपड़े सूख" इशारा करता है डोरी की तरफ।
- "भेजा" इशारा करता है संदेश की तरफ।
- "सितार" इशारा करता है साज़ की तरफ।
पहले उसी वाक्य को देखिए। न मिले तो आगे-पीछे का वाक्य पढ़िए।
पास से पढ़ना, कदम-कदम
- पूरा वाक्य धीरे-धीरे पढ़िए।
- जिस शब्द पर शक है, उसे घेरिए।
- उसके पास के सुराग शब्द खोजिए।
- एक अर्थ सोचिए और शब्द की जगह रखकर देखिए।
- फिर पढ़िए। क्या पूरे अनुच्छेद में ठीक बैठता है? नहीं, तो दूसरा अर्थ आज़माइए।
पास से पढ़ने का मतलब है पन्ने पर लिखे ठीक शब्दों पर टिके रहना, अपना अंदाज़ा नहीं लगाना।
खुद करके देखिए
कोई अनेकार्थी शब्द चुनिए: कल, आम, पत्र, अर्थ, हार। दो अर्थों के दो वाक्य लिखिए। दोस्त को दीजिए, शब्द ढककर। क्या दोस्त सिर्फ़ सुरागों से अर्थ बता पाता है? 3D में भी करिए: बटन दबाने से पहले अर्थ सोचिए, फिर जाँचिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- शब्द + संदर्भ = अर्थ
- सुराग शब्द के पास होते हैं
- जाँच: अपना अर्थ शब्द की जगह रखिए। क्या वाक्य ठीक बनता है?
- पास से पढ़ना = पन्ने के शब्दों पर टिके रहना
हल किए गए उदाहरण
1. "कल मैं स्कूल गया था" और "कल हम घूमने जाएँगे" में "कल" का अर्थ क्या है?
पहले वाक्य में "गया था" बीता समय बताता है, इसलिए कल = बीता हुआ दिन। दूसरे में "जाएँगे" आने वाला समय बताता है, इसलिए कल = आने वाला दिन। शब्द वही, अर्थ अलग।
2. "आम मीठा है" और "आम आदमी की बात" में "आम" का अर्थ क्या है?
पहले में "मीठा" से फल का पता चलता है। दूसरे में "आदमी" से पता चलता है कि आम = साधारण। संदर्भ ने तय किया।
3. "हार" शब्द: "गले में हार पहना" और "टीम को हार मिली"। अर्थ बताइए।
"गले में पहना" से हार = माला। "टीम को मिली" से हार = पराजय। सुराग शब्द: गले, टीम।
आम गलतियाँ
- वाक्य देखे बिना पहला जाना-पहचाना अर्थ चुन लेना।
- सिर्फ़ शब्द देखना, आसपास के सुराग शब्द नहीं।
- पन्ने के शब्दों की जगह अपनी याद या अंदाज़े से पढ़ना।
- अर्थ को वाक्य में रखकर जाँचना भूल जाना।