आधुनिक नाटक और इब्सन
आधुनिक नाटक 19वीं सदी के अंत में शुरू हुआ। उससे पहले कई नाटक राजाओं, नायकों या अचानक क़िस्मत के बारे में थे। आधुनिक नाटककार ऐसे लोगों के नाटक चाहते थे जिनसे हम मिल सकें। नॉर्वे के लेखक हेनरिक इब्सन को आधुनिक नाटक का जनक कहा जाता है। उनका नाटक ए डॉल्स हाउस (1879) एक साधारण परिवार के बैठक-कमरे में होता है। नोरा नाम की पत्नी पति की 'गुड़िया' बनकर रही है, और अंत में वह यह जानने के लिए घर छोड़ने का फ़ैसला करती है कि वह कौन है। दरवाज़े के बंद होने की आवाज़ ने उस समय के दर्शकों को झकझोर दिया।
आधुनिक नाटक की विशेषताएँ:
- असली परिवेश, जैसे बैठक का कमरा
- भारी-भरकम भाषणों की जगह रोज़ की बोली
- असली जीवन की समस्याएँ: पैसा, विवाह, सच्चाई
- एक मोड़ जो सब कुछ बदल दे
- ऐसा अंत जो सब कुछ सुलझाने के बजाय दर्शक को सोचने पर मजबूर करे
रोमांटिक कविता: गोठे और पुश्किन
रोमांटिकवाद 18वीं सदी के अंत और 19वीं सदी की शुरुआत का कला-आंदोलन था। रोमांटिक कवि कड़े नियमों से ज़्यादा गहरी भावना, प्रकृति, आज़ादी और कल्पना को महत्त्व देते थे। जर्मन लेखक योहान वोल्फ़गांग फ़ॉन गोठे ने ऐसी गीति-कविताएँ लिखीं जिनमें भीतर का मन और बाहर की प्रकृति मेल खाते हैं: बाहर का तूफ़ान भीतर का तूफ़ान है। रूसी कवि अलेक्सांद्र पुश्किन अपनी साफ़ और संगीतमय कविता के लिए प्रिय हैं। उन्होंने अक्सर नियमित लय और तुक का प्रयोग किया, और उनकी लंबी कविता येवगेनी ओनेगिन एक तय छंद-ढाँचे में लिखी गई है जिसे उन्होंने गढ़ा।
लय (rhythm) पंक्ति में ज़ोर वाली और हल्की ताल का क्रम है। तुक (rhyme) पंक्तियों के अंत की ध्वनियों का मेल है। 3D में नियमित पंक्तियाँ बराबर ताल दिखाती हैं; लहर वह भाव दिखाती है जो प्रकृति की तरह बहता है।
आधुनिक कविता और मुक्त छंद: व्हिटमैन
अमेरिकी कवि वॉल्ट व्हिटमैन ने लीव्ज़ ऑफ़ ग्रास (पहली बार 1855 में छपी) लिखी और मुक्त छंद को प्रसिद्ध किया। मुक्त छंद में न तय तुक होती है, न तय ताल। पंक्तियाँ लंबी या छोटी हो सकती हैं और लय दोहराए गए शब्दों और बोलचाल के उतार-चढ़ाव से आती है। व्हिटमैन ने साधारण लोगों, मेहनत और लोकतांत्रिक भावना पर लिखा, और अक्सर बड़ा 'मैं' इस्तेमाल किया जो सबका प्रतिनिधि है।
मुक्त छंद 'बेतरतीब' नहीं है। कवि तय करता है कि हर पंक्ति कहाँ ख़त्म हो, और यह चुनाव लय और ज़ोर पैदा करता है।
कविता या दृश्य कैसे पढ़ें
कविता के लिए: (1) ज़ोर से पढ़िए, (2) रूप पहचानिए (नियमित लय या मुक्त छंद), (3) बिंब (शब्दों से बने चित्र) गिनिए, (4) भावना खोजिए, (5) बताइए कि पहली पंक्ति से आख़िरी तक क्या बदलता है।
नाटक के दृश्य के लिए: (1) हम कहाँ हैं? (2) कौन क्या चाहता है? (3) मोड़ क्या है? (4) क्या कहा गया है और क्या सिर्फ़ दिखाया गया, जैसे दरवाज़ा या चुप्पी?
ख़ुद करके देखें: अपनी कविता की ताल
10 मिनट में करें। बारिश पर चार पंक्तियाँ लिखिए। पहले बराबर ताल से लिखिए (हर पंक्ति में 8 मात्राएँ या अक्षर रखिए और अंत में तुक मिलाइए)। ताल पर ताली बजाइए। फिर वही विचार मुक्त छंद में लिखिए: अलग-अलग लंबाई की पंक्तियाँ, तुक नहीं, जैसे दोस्त से बात कर रहे हों। 3D के मनकों से मिलाइए। कौन-सा संस्करण ज़्यादा संगीतमय लगा? कौन-सा ज़्यादा सच्चा? कोई जवाब ग़लत नहीं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- आधुनिक नाटक = असली परिवेश + रोज़ की बोली + मोड़
- रोमांटिक कविता = भावना + प्रकृति + आज़ादी (गोठे, पुश्किन)
- नियमित छंद = तय लय (और अक्सर तुक)
- मुक्त छंद = तय ताल या तुक नहीं (व्हिटमैन)
- बिंब = शब्दों से बना चित्र
हल किए गए उदाहरण
1. एक नाटक परिवार की रसोई में शुरू होता है। दो लोग पैसे पर बहस करते हैं। यह किस तरह का नाटक होगा?
आधुनिक यथार्थवादी नाटक: असली परिवेश और रोज़ की असली समस्या, जैसे इब्सन में।
2. नाटक में एक पात्र कोट उठाकर बाहर चला जाता है और दरवाज़ा बंद होता है। कोई शब्द नहीं बोला गया। यह क्या दिखाता है?
मोड़ और फ़ैसला, जो शब्दों के बजाय क्रिया से दिखाया गया। यह आधुनिक नाटक की पहचान है, जैसे इब्सन के नाटक का दरवाज़ा।
3. चार पंक्तियाँ हैं, हर एक में 8 अक्षर और अंत में तुक। यह नियमित छंद है या मुक्त छंद?
नियमित छंद। तय ताल और तुक।
4. एक कविता में पंक्तियाँ 14, 5, 9 और 3 शब्दों की हैं, तुक नहीं है और 'मैं' बार-बार आता है। यह कौन-सा रूप है?
मुक्त छंद, व्हिटमैन की शैली की तरह।
5. 'हवा ने पेड़ों को हिलाया और मेरा दिल भी काँपा।' कौन-सा काव्य-विचार है?
बाहर की प्रकृति भीतर की भावना से मेल खाती है, जो रोमांटिक विचार है, जैसे गोठे की गीति-कविताओं में।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि मुक्त छंद में लय नहीं होती। लय दोहराए शब्दों, पंक्ति-विराम और बोलचाल से आती है।
- यह मानना कि कविता में हमेशा तुक ज़रूरी है। व्हिटमैन जैसी कई महान कविताओं में तुक नहीं है।
- 'रोमांटिक' को प्रेम-कहानी समझ लेना। यहाँ रोमांटिकवाद का अर्थ भावना, प्रकृति और आज़ादी है।
- इब्सन के पात्रों को सिर्फ़ आज के जीवन से तौलना। पूछिए कि उनके समय में क्या चौंकाने वाला था।