विश्व धरोहर स्थल क्या है?
विश्व धरोहर स्थल वह जगह है जिसे पूरी दुनिया के लोग मिलकर बचाने पर राज़ी हैं। यह इमारत, शहर, जंगल या पहाड़ हो सकता है। सूची यूनेस्को रखता है। चुने जाने के लिए जगह दुर्लभ और सारी मानवता के लिए ज़रूरी होनी चाहिए, सिर्फ़ एक देश के लिए नहीं।
इन्हें क्यों बचाएँ? एक बार पुराना महल खो जाए तो वैसा दोबारा नहीं बन सकता। इसलिए हम इन्हें उन बच्चों के लिए सँभालते हैं जो अभी पैदा नहीं हुए।
फ़ॉर्बिडन सिटी 1987 में सूची में आई। आज इसे पैलेस म्यूज़ियम भी कहते हैं। कोई भी जाकर इसके हॉल और ख़ज़ाने देख सकता है।
फ़ॉर्बिडन सिटी एक नज़र में
- कहाँ: चीन के बीजिंग शहर के बीच में।
- कब: 1400 के दशक की शुरुआत में (लगभग 1406 से 1420)। यानी 600 साल से पुरानी।
- कौन रहता था: मिंग और छिंग दो राजवंशों के सम्राट, उनके परिवार और सेवक।
- आकार: लगभग 7,20,000 वर्ग मीटर और लगभग 980 इमारतें।
- आज: कला और वस्तुओं के बहुत बड़े संग्रह वाला संग्रहालय।
बनावट: दीवारें, खाई, अक्ष और दो आँगन
नक्शा एक बड़ा आयत है। इसे खाई (पानी की नाली) और ऊँची लाल दीवारें घेरती हैं, और हर कोने पर एक मीनार है।
केंद्रीय अक्ष दक्षिण द्वार से उत्तर द्वार तक एक काल्पनिक सीधी रेखा है। सबसे ज़रूरी हॉल इसी पर हैं। बाकी इमारतें दोनों तरफ़ जोड़ियों में हैं। इसे सममिति (symmetry) कहते हैं, जो व्यवस्था और शक्ति दिखाती है।
बाहरी आँगन
तीन बड़े हॉल तीन परत वाली सफ़ेद संगमरमर की कुर्सी पर हैं। यहाँ समारोह और बड़ी घोषणाएँ होती थीं। खुली जगह इतनी बड़ी कि लोग छोटे महसूस करें और राजा महान।
भीतरी आँगन
छोटे हॉल और कई बगल के घर। यह राजा के परिवार का घर और दफ़्तर था। आख़िर में पुराने पेड़ों वाला शांत बाग़ है।
इमारतें कैसे बनी हैं
ज़्यादातर हॉल लकड़ी के हैं। वज़न दीवारें नहीं, मज़बूत खंभे उठाते हैं। खंभों पर डूगोंग (dougong) होते हैं: लकड़ी के ब्रैकेट एक के ऊपर एक, जो भारी छत का वज़न खंभों तक पहुँचाते हैं। ये कीलों से नहीं, कटे हुए जोड़ों से जुड़े हैं, इसलिए भूकंप में ढाँचा थोड़ा लचक सकता है।
- पीली चमकदार टाइलें: पीला रंग राजा की इमारतों के लिए रखा गया था।
- लाल खंभे और दीवारें: लाल रंग शुभ माना जाता था।
- सफ़ेद संगमरमर की कुर्सी: लकड़ी को नम ज़मीन से बचाती है और हॉल को ऊँचा दिखाती है।
रंग और आकार नियमों से तय थे: इमारत जितनी ज़रूरी, उतनी बड़ी और सजी।
करके देखें: कागज़ का महल-नक्शा
एक कागज़ लीजिए। आयत बनाइए और खाई के लिए उसके चारों ओर मोटी रेखा खींचिए। नीचे से ऊपर एक सीधी रेखा खींचिए। रेखा पर नीचे की ओर तीन बड़े डिब्बे (बाहरी आँगन) और ऊपर तीन छोटे डिब्बे (भीतरी आँगन) बनाइए। दोनों तरफ़ जोड़ी में छोटे डिब्बे जोड़िए। आपका नक्शा सममित है! अब इसे 3D दृश्य से मिलाइए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- मुख्य शब्द:
- खाई = महल या किले के चारों ओर पानी की नाली
- केंद्रीय अक्ष = वह सीधी रेखा जिस पर मुख्य हॉल खड़े हैं
- सममिति = बायाँ हिस्सा दाएँ जैसा
- डूगोंग = छत के नीचे लकड़ी के आपस में जुड़े ब्रैकेट
- धरोहर = जो हमें विरासत में मिला और हम आगे देना चाहते हैं
हल किए गए उदाहरण
1. बाहरी आँगन के तीन बड़े हॉल ऊँची सफ़ेद संगमरमर की कुर्सी पर क्यों हैं?
कुर्सी लकड़ी के हॉल को नम ज़मीन से बचाती है और उन्हें ऊँचा व ख़ास दिखाती है। ऊँचाई और सफ़ेद पत्थर बताते थे कि जगह ख़ास है।
2. महल केंद्रीय अक्ष के दोनों तरफ़ सममित है। अक्ष के बाएँ 5 मीटर पर एक बगल का घर है तो उसकी जोड़ी कहाँ होगी?
अक्ष के दाएँ 5 मीटर पर, रेखा पर उसी दूरी पर। जोड़ियाँ दोनों तरफ़ बराबर होती हैं।
3. फ़ॉर्बिडन सिटी के विश्व धरोहर होने के दो कारण बताइए।
पहला, यह 600 साल पुरानी महल योजना और लकड़ी की इमारतों का दुर्लभ और अच्छी तरह सँभाला उदाहरण है। दूसरा, यह सब देशों के लोगों के लिए ज़रूरी है, क्योंकि यह दिखाता है कि राजा कैसे रहते थे और बड़ी इमारतें कैसे बनती थीं।
आम गलतियाँ
- फ़ॉर्बिडन सिटी को एक अकेली इमारत समझना। यह हॉल, आँगन और बाग़ों का बड़ा समूह है।
- यह कहना कि छत कीलों पर टिकी है। जोड़ और ब्रैकेट यह काम करते हैं।
- दोनों आँगन उलझाना: बाहरी = समारोह, भीतरी = परिवार का जीवन।
- योजना (plan) को देशों की सीमाओं वाला नक्शा समझना। योजना बताती है कि एक जगह इमारतें कैसे सजी हैं।