ज्ञान अर्थव्यवस्था क्या है?
हर अर्थव्यवस्था उत्पादन के साधन इस्तेमाल करती है: भूमि, श्रम, पूँजी और उद्यम। पुरानी खेती या कारख़ाने की अर्थव्यवस्था में उत्पादन का बड़ा हिस्सा ज़मीन और मशीनों से आता था। ज्ञान अर्थव्यवस्था में विकास का सबसे बड़ा स्रोत ज्ञान है: कौशल, नए विचार, शोध, डिज़ाइन, सॉफ़्टवेयर और जानकारी।
पहचान: बहुत से कुशल कामगार, शिक्षा और शोध पर ऊँचा खर्च, बहुत से नए उत्पाद और पेटेंट, कंप्यूटर और इंटरनेट का ज़्यादा उपयोग, और आईटी, वित्त, स्वास्थ्य व डिज़ाइन जैसी सेवाओं में नौकरियों का बड़ा हिस्सा।
मानव पूँजी
मानव पूँजी का मतलब है कामगारों का कौशल, ज्ञान और स्वास्थ्य। ज़्यादा सीखा हुआ व्यक्ति कठिन काम कर सकता है, कम गलतियाँ करता है और ज़्यादा कमाता है। मानव पूँजी बढ़ती है:
- शिक्षा से, स्कूल और कॉलेज में।
- प्रशिक्षण से, काम पर।
- स्वास्थ्य से, क्योंकि स्वस्थ कामगार बेहतर काम और सीख सकता है।
इन पर खर्च सिर्फ लागत नहीं, निवेश है। यह आगे चलकर ज़्यादा उत्पादन और ज़्यादा वेतन के रूप में लौटता है। मशीन की तरह कौशल इस्तेमाल से घिसता नहीं; इस्तेमाल से बढ़ता है, पर उसे ताज़ा रखना पड़ता है। कुशल लोगों का देश छोड़ना ("प्रतिभा पलायन") उस देश की मानव पूँजी घटा सकता है।
नवाचार और नए विचार
नवाचार यानी नए विचार को काम की चीज़ में बदलना: नया उत्पाद, बनाने का बेहतर तरीका या नई सेवा। यह शोध और विकास (R&D) से आता है।
विचार ज़मीन या मशीन से अलग व्यवहार करते हैं। एक व्यक्ति मशीन इस्तेमाल करे तो दूसरा उसी समय नहीं कर सकता, पर विचार को कई लोग एक साथ इस्तेमाल कर सकते हैं। उसकी नकल भी बहुत कम खर्च में हो सकती है। इसी कारण विचारों से बढ़ता प्रतिफल मिल सकता है: जितने ज़्यादा लोग अच्छे विचार को इस्तेमाल करें, कुल लाभ उतना बढ़ता है। लोग नए विचारों में निवेश करें, इसके लिए सरकारें पेटेंट देती हैं, जो आविष्कारक को कुछ समय का एकमात्र अधिकार देता है।
सरकारें और कंपनियाँ विश्वविद्यालयों, शोध अनुदान और स्टार्ट-अप की मदद से भी नवाचार को सहारा देती हैं।
सूचना समाज
सूचना समाज में सूचना बनाना, बाँटना और इस्तेमाल करना मुख्य आर्थिक गतिविधि है। आईसीटी (सूचना और संचार प्रौद्योगिकी: कंप्यूटर, फ़ोन, इंटरनेट) सूचना को दुनिया भर में तेज़ और सस्ते में पहुँचाती है।
- कंपनियाँ कई जगहों की टीमों के साथ काम कर सकती हैं।
- लोग ऑनलाइन सीख सकते हैं और घर से दूर नौकरी पा सकते हैं।
- ऑनलाइन दुकानें, ऐप और डिजिटल सेवाएँ जैसे नए कारोबार बनते हैं।
समस्याएँ भी हैं। डिजिटल खाई उन लोगों के बीच का अंतर है जो आईसीटी इस्तेमाल कर सकते हैं और जो नहीं कर सकते। कुछ नौकरियाँ स्वचालन से जाती हैं और निजी डेटा को सुरक्षित रखना पड़ता है। अच्छी नीति सबको पहुँच देती है और डिजिटल कौशल सिखाती है।
करके देखो
3D में शिक्षा 0 और शोध 0 रखो, फिर एक-एक करके बढ़ाओ। किससे उत्पादन ज़्यादा बढ़ता है? फिर दोनों बढ़ाओ। घर पर अपने इलाके की पाँच ऐसी नौकरियाँ लिखो जो इंटरनेट की वजह से हैं और पाँच जिनके लिए लंबा प्रशिक्षण चाहिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- उत्पादन बढ़ता है: ज़मीन + मशीन + कुशल लोग + विचार + सूचना प्रवाह से।
- मानव पूँजी = कामगारों का कौशल + ज्ञान + स्वास्थ्य।
- R&D खर्च (%) = R&D खर्च / GDP × 100
- नवाचार = नया विचार जो काम का उत्पाद या तरीका बने।
हल किए गए उदाहरण
1. स्कूल पर खर्च को मानव पूँजी में निवेश क्यों कहते हैं?
क्योंकि इससे भविष्य के कामगार ज़्यादा कुशल बनते हैं। वे आगे ज़्यादा उत्पादन और कमाई करेंगे, इसलिए खर्च समय के साथ वापस आता है।
2. एक देश की GDP 500 अरब डॉलर है और वह उसका 2% R&D पर खर्च करता है। यह कितना है?
500 का 2% = 0.02 × 500 = 10 अरब डॉलर।
3. एक विचार कई कंपनियाँ एक साथ इस्तेमाल कर सकती हैं, पर एक मशीन नहीं। क्यों?
विचार घिसता नहीं और उसकी नकल सस्ती है, इसलिए कई लोग साथ इस्तेमाल कर सकते हैं। मशीन भौतिक चीज़ है, इसलिए एक समय में एक ही उपयोगकर्ता इस्तेमाल कर सकता है।
4. एक कंपनी 20,000 रुपये प्रशिक्षण पर लगाती है, जिससे एक कामगार का सालाना उत्पादन 8,000 रुपये बढ़ता है। प्रशिक्षण का खर्च कितने साल में वसूल होगा?
20,000 / 8,000 = 2.5 साल।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि ज्ञान अर्थव्यवस्था में खेत या कारख़ाने नहीं होते। वे रहते हैं, पर ज्ञान उनका उत्पादन बढ़ाता है।
- मानव पूँजी को सिर्फ डिग्री समझना। प्रशिक्षण और स्वास्थ्य भी गिने जाते हैं।
- यह कहना कि दूसरों के इस्तेमाल करने से विचार खत्म हो जाता है। विचार बाँटे और नकल किए जा सकते हैं।
- सूचना (डेटा) और ज्ञान को एक समझना। ज्ञान का मतलब है सूचना का उपयोग कर पाना।