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सीक्वेंस कंट्रोल (क्रम नियंत्रण)

सीक्वेंस कंट्रोल में मशीन अपने काम एक तय क्रम में, एक के बाद एक करती है, स्विच, रिले, टाइमर या PLC की मदद से। START बटन रिले की कुंडली को करंट देता है, सेल्फ-होल्डिंग संपर्क उसे चालू रखता है और STOP रास्ता तोड़ देता है। PLC यही काम लैडर प्रोग्राम बार-बार चलाकर करता है।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. यह कंट्रोल रंग (rung) है। बाईं ओर बटन, दाईं ओर बैंगनी रिले और नीचे मोटर। कुछ दबा नहीं है, इसलिए करंट नहीं बह रहा और मोटर बंद है।
  2. START दबाओ। करंट बटन से होकर रिले की कुंडली में गया। कुंडली चुंबक बन गई और उसने दो स्विच बंद कर दिए: K1 होल्ड और K1 स्विच। मोटर चल पड़ी।
  3. अब START छोड़ दो। मोटर फिर भी चल रही है! K1 होल्ड स्विच एक पुल की तरह कुंडली को करंट देता रहता है। इसे सेल्फ-होल्डिंग कहते हैं।
  4. STOP दबाओ। यह बटन रास्ता तोड़ देता है। कुंडली का करंट बंद, दोनों K1 स्विच खुल गए और मोटर रुक गई। कदम हमेशा इसी क्रम में होते हैं।
  5. अब तुम्हारी बारी। START दबाए रखो, छोड़ो, फिर STOP दबाओ। PLC भी यही करता है: वह इस रंग को छोटे प्रोग्राम की तरह बार-बार चलाता है।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

START छोड़ने पर मोटर क्यों नहीं रुकती?

K1 होल्ड संपर्क बंद हो गया और अब खुद कुंडली को करंट देता है। सिर्फ़ STOP उसे तोड़ सकता है।

STOP बटन सामान्यतः बंद (NC) क्यों लगाते हैं?

उसका तार टूटे तो परिपथ खुल जाता है और मशीन रुक जाती है। यह सुरक्षित है।

कुंडली और संपर्कों में क्या फ़र्क़ है?

कुंडली रंग का विद्युत-चुंबक है। संपर्क (K1 होल्ड, K1 स्विच) वे स्विच हैं जिन्हें वह खींचकर बंद करती है।

PLC प्रोग्रामिंग में पहले क्या सीखना चाहिए?

यही START/STOP रंग। हर बड़ा प्रोग्राम ऐसे ही रंगों से बनता है।

सीक्वेंस कंट्रोल क्या है?

सीक्वेंस कंट्रोल में मशीन अपने काम तय क्रम में करती है। हर कदम तब शुरू होता है जब पिछला खत्म हो जाए, या कुछ समय बीत जाए, या कोई स्विच दबे।

उदाहरण: बोतल भरने की मशीन। बोतल आई, फिर नल खुला, फिर नल बंद हुआ, फिर बेल्ट आगे बढ़ी। क्रम कभी नहीं बदलता।

यह फ़ीडबैक नियंत्रण से अलग है, जो किसी एक मान (जैसे तापमान) को लक्ष्य के पास रखता है। सीक्वेंस कंट्रोल पूछता है: अब आगे क्या होगा?

दो प्रकार: समय आधारित (कुछ सेकंड बाद अगला कदम) और शर्त आधारित (स्विच या सेंसर कहे तब अगला कदम)।

सीक्वेंस कंट्रोल के उपकरण

हर सीक्वेंस परिपथ तीन तरह के पुर्ज़ों से बनता है।

संपर्क दो तरह के: NO (सामान्यतः खुला: कुंडली चालू होने पर बंद) और NC (सामान्यतः बंद: कुंडली चालू होने पर खुल जाता है)। STOP बटन NC और START बटन NO होता है।

सीक्वेंस कंट्रोल परिपथ

इन परिपथों को हम लैडर डायग्राम में बनाते हैं: दो खड़ी पटरियाँ (बिजली) और आड़े रंग (rungs), सीढ़ी की तरह। हर रंग एक छोटा काम है।

सेल्फ-होल्डिंग (सील-इन) परिपथ: START (NO) के समानांतर रिले का अपना NO संपर्क K1 लगा होता है। START दबाया: कुंडली चालू, K1 बंद। START छोड़ा: K1 फिर भी कुंडली को करंट देता है। श्रेणी में लगा STOP (NC) सब काट देता है।

इंटरलॉक: आगे और पीछे चलने वाली दो मोटरें। हर एक का NC संपर्क दूसरे के रंग में लगता है, इसलिए दोनों एक साथ चालू नहीं हो सकतीं। इससे शॉर्ट सर्किट नहीं होता।

ON-डिले टाइमर: कुंडली में करंट आने पर टाइमर कुछ देर (जैसे 5 s) रुककर अपना संपर्क बंद करता है। मोटर 1 के 5 s बाद मोटर 2 चलाने में काम आता है।

तर्क: संपर्क श्रेणी में = AND, समानांतर में = OR, NC संपर्क = NOT।

प्रोग्रामेबल कंट्रोलर (PLC) का उपयोग

बहुत सारे रिले जोड़ना धीमा है और बदलना कठिन। PLC (प्रोग्रामेबल लॉजिक कंट्रोलर) छोटा औद्योगिक कंप्यूटर है जो यही काम प्रोग्राम से करता है। क्रम बदलना हो तो तार नहीं, प्रोग्राम बदलते हैं।

भाग: इनपुट मॉड्यूल (बटन और सेंसर के संकेत लेता है), मेमोरी वाला CPU (प्रोग्राम रखता है), आउटपुट मॉड्यूल (कॉन्टैक्टर, वाल्व, लैंप चलाता है), बिजली की सप्लाई।

स्कैन चक्र (सेकंड में हज़ारों बार दोहराता है): 1) सारे इनपुट पढ़ो, 2) प्रोग्राम ऊपर से नीचे चलाओ, 3) सारे आउटपुट लिखो।

ज़्यादातर PLC लैडर लॉजिक में प्रोग्राम किए जाते हैं, यानी वही रंग वाली तस्वीर जो आपने यहाँ देखी, ताकि इलेक्ट्रीशियन भी पढ़ सकें। START/STOP रंग अक्सर सीखने वाले का पहला प्रोग्राम होता है।

अच्छी आदतें: STOP को NC लगाओ ताकि टूटा तार मशीन रोक दे; इमरजेंसी-स्टॉप बटन जोड़ो; पहले मोटर हटाकर जाँचो।

करके देखो: अपना सीक्वेंस

बिना किसी पुर्ज़े के: सड़क पार करने के सिग्नल के कदम क्रम से लिखो: (1) बटन दबाओ, (2) 5 s रुको, (3) गाड़ियों को लाल, (4) पैदल यात्रियों को 10 s हरा, (5) वापस शुरू। कौन-से कदम समय आधारित हैं और कौन-से शर्त आधारित? फिर ऊपर के 3D में START दबाओ, छोड़ो और STOP दबाने से पहले अनुमान लगाओ कि क्या होगा।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. START/STOP परिपथ में START छोड़ने पर भी मोटर चलती रहती है। कौन-सा भाग उसे चलाए रखता है?

रिले का अपना होल्ड संपर्क K1 (START के समानांतर)। वह कुंडली को करंट देता रहता है।

2. एक लैंप तभी जले जब स्विच A और स्विच B दोनों ON हों। संपर्क कैसे जोड़ोगे?

दोनों संपर्क श्रेणी में जोड़ो। लैंप तक करंट तभी पहुँचेगा जब दोनों बंद हों।

3. सामने या पीछे के दरवाज़े का सेंसर बजे तो बज़र बजे। कैसे जोड़ोगे?

दोनों संपर्क समानांतर जोड़ो। कोई एक बंद हो तो काफ़ी है।

4. मोटर 2 को मोटर 1 के 4 s बाद चलाना है। कौन-सा उपकरण लगाओगे?

4 s पर सेट ON-डिले टाइमर, जो मोटर 1 के साथ शुरू हो। फिर उसका संपर्क मोटर 2 चालू करेगा।

5. सेल्फ-होल्डिंग रंग का तर्क लिखो।

कुंडली = (START OR कुंडली) AND NOT STOP। START या कुंडली का अपना संपर्क करंट देता है और STOP (NC) उसे तोड़ता है।

6. एक PLC स्कैन 10 ms का है। 1 सेकंड में लगभग कितने स्कैन होंगे?

1 s / 10 ms = 100 स्कैन प्रति सेकंड।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. सीक्वेंस कंट्रोल का मतलब है कदम:
2. कौन-सा बटन सामान्यतः NC लगाया जाता है?
3. श्रेणी में लगे संपर्क कैसे काम करते हैं?
4. PLC प्रोग्राम का चक्र:
5. सेल्फ-होल्डिंग संपर्क कहाँ लगता है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीक्वेंस कंट्रोल आसान शब्दों में क्या है?

यह मशीन से उसके काम एक के बाद एक तय क्रम में करवाता है, जिन्हें स्विच, सेंसर या टाइमर शुरू करते हैं।

रिले और PLC में क्या अंतर है?

रिले विद्युत-चुंबक से चलने वाला एक स्विच है। PLC छोटा कंप्यूटर है जो प्रोग्राम से सैकड़ों रिले का काम कर सकता है।

लैडर डायग्राम क्या है?

नियंत्रण परिपथ का चित्र, जिसमें दो बिजली की पटरियाँ और आड़े रंग होते हैं। हर रंग में इनपुट (संपर्क) आउटपुट (कुंडली या लैंप) तक जाते हैं।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

जापान高校(専門学科)1〜3年Electronic Measurement and Control

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