फ़ीडबैक नियंत्रण का परिचय
फ़ीडबैक नियंत्रण परिणाम देखकर अगला कदम तय करता है। यह लूप में चलता है:
- सेंसर से आउटपुट मापो (तापमान, गति, स्तर)।
- उसे सेट पॉइंट (लक्ष्य) से मिलाओ। अंतर त्रुटि (error) है: त्रुटि = सेट पॉइंट − मापा मान।
- नियंत्रक त्रुटि को आदेश में बदलता है।
- एक्चुएटर (हीटर, मोटर, वाल्व) आउटपुट बदलता है। फिर चरण 1 पर लौटो।
खुले लूप में मापना नहीं होता, इसलिए वह विघ्न (disturbance) (जैसे ओवन का दरवाज़ा खुलना) नहीं पकड़ पाता। बंद लूप आउटपुट का बदलाव देखकर उसे सुधारता है।
ऋणात्मक फ़ीडबैक में सुधार त्रुटि के विरुद्ध काम करता है (ज़्यादा गर्म है तो कम गरम करो)। इससे तंत्र स्थिर रहता है। धनात्मक फ़ीडबैक त्रुटि को और बढ़ा देता।
खुले और बंद लूप का बुनियादी विचार नियंत्रण प्रणाली में है।
नियंत्रण की विशेषताएँ
नियंत्रक को हम इस आधार पर परखते हैं कि सेट पॉइंट बदलने या विघ्न आने के बाद आउटपुट कैसे प्रतिक्रिया करता है।
- उठान समय (rise time): आउटपुट पहली बार कितनी जल्दी सेट पॉइंट के पास पहुँचता है।
- ओवरशूट: टिकने से पहले वह लक्ष्य से कितना आगे निकलता है। बहुत ओवरशूट से सामान खराब हो सकता है।
- टिकने का समय (settling time): कितनी देर बाद वह (मान लो 2% के भीतर) टिक जाता है।
- स्थायी अवस्था त्रुटि (ऑफ़सेट): सब टिकने के बाद बचा अंतर।
- हंटिंग: लक्ष्य के आसपास लगातार ऊपर-नीचे झूलना।
नियंत्रण के प्रकार:
- ON-OFF: पूरी शक्ति या बिल्कुल नहीं। सरल और सस्ता, पर हंटिंग करता है। थोड़ा हिस्टेरेसिस (अंतराल, जैसे ±1.5°C) बार-बार स्विच होने से रोकता है।
- P (आनुपातिक): शक्ति = Kp × त्रुटि। बड़ा Kp तेज़ है और ऑफ़सेट छोटा, पर बहुत बड़ा Kp काँपने लगता है।
- I (समाकल): समय के साथ त्रुटि जोड़ता है, इसलिए ऑफ़सेट शून्य हो जाता है। बहुत ज़्यादा I से ओवरशूट होता है।
- D (अवकल): त्रुटि के बदलने की गति पर प्रतिक्रिया देता है, इसलिए ओवरशूट शांत करता है। P + I + D मिलकर PID नियंत्रक बनाते हैं, जो उद्योग में सबसे ज़्यादा चलता है।
फ़ीडबैक नियंत्रण का उपयोग
फ़ीडबैक नियंत्रण इलेक्ट्रॉनिक्स और मशीनों में हर जगह है।
- तापमान: ओवन, गीज़र, इन्क्यूबेटर (सेंसर: थर्मिस्टर या थर्मोकपल; एक्चुएटर: हीटर)।
- मोटर की गति: टैकोमीटर या एनकोडर गति मापता है; नियंत्रक वोल्टेज बदलता है (लिफ़्ट, कन्वेयर, पंखे)।
- स्तर और प्रवाह: फ़्लोट या दाब सेंसर और वाल्व टंकी या पाइप को स्थिर रखते हैं।
- वोल्टेज: पावर सप्लाई लोड बदलने पर भी आउटपुट वोल्टेज स्थिर रखती है।
- स्थिति: रोबोट की बाँह और कैमरा गिम्बल।
ट्यूनिंग के कदम: पहले सिर्फ़ P से शुरू करो और Kp तब तक बढ़ाओ जब तक प्रतिक्रिया तेज़ हो पर काँपे नहीं; ऑफ़सेट हटाने को थोड़ा I जोड़ो; ओवरशूट समस्या हो तभी D जोड़ो।
व्यावहारिक बातें: पर्याप्त तेज़ और सटीक सेंसर चुनो; एक्चुएटर काफ़ी ताकतवर हो (बहुत छोटा हीटर कभी सेट पॉइंट तक नहीं पहुँचेगा); शोर वाले सेंसर संकेत को फ़िल्टर करो।
करके देखो: खुद नियंत्रक बनो
घर पर: नल इस तरह पकड़ो कि बाल्टी आधी भरी रहे, जबकि दोस्त उसमें से पानी निकाल रहा है। आप सेंसर (आँखें), नियंत्रक (दिमाग़) और एक्चुएटर (हाथ) हैं। दोस्त ज़्यादा निकाले तो आप क्या करते हैं? आपने त्रुटि के आकार पर काम किया (P) या वह कितनी देर रही उस पर (I)? 3D में PI मोड चुनो, दरवाज़ा खोलो और देखो कि हीटर की शक्ति अपने आप कैसे बढ़ती है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- त्रुटि = सेट पॉइंट − मापा मान
- ON-OFF: मापा < सेट पॉइंट − h तो हीटर ON, मापा > सेट पॉइंट + h तो OFF
- P नियंत्रण: आउटपुट = Kp × त्रुटि
- PI नियंत्रण: आउटपुट = Kp × त्रुटि + Ki × (समय के साथ त्रुटि का योग)
- ओवरशूट % = (शिखर − सेट पॉइंट) / सेट पॉइंट × 100
हल किए गए उदाहरण
1. सेट पॉइंट 60°C, मापा 52°C। त्रुटि कितनी है?
त्रुटि = 60 − 52 = 8°C (धनात्मक, इसलिए हीटर को और देना होगा)।
2. P नियंत्रक का Kp = 2% शक्ति प्रति °C है। त्रुटि 15°C है। हीटर की शक्ति?
शक्ति = 2 × 15 = 30%।
3. ON-OFF थर्मोस्टैट का सेट पॉइंट 25°C और हिस्टेरेसिस ±1°C है। यह किस तापमान पर ON और OFF होगा?
24°C से नीचे ON, 26°C से ऊपर OFF।
4. वॉटर हीटर 50°C पर सेट है। टिकने से पहले शिखर 56°C तक गया। ओवरशूट?
ओवरशूट = (56 − 50)/50 × 100 = 12%।
5. सिर्फ़ P नियंत्रण में सेट पॉइंट 60°C होने पर अंतिम तापमान 56°C रहा। स्थायी त्रुटि कितनी है और उसे कौन-सी क्रिया हटाएगी?
60 − 56 = 4°C। I (समाकल) क्रिया जोड़ने से यह हट जाएगी।
6. मोटर 1500 rpm पर सेट है; चढ़ाई पर वह 1380 rpm दिखाती है। Kp = 0.01 V प्रति rpm। नियंत्रक वोल्टेज कितना बढ़ाएगा?
त्रुटि = 1500 − 1380 = 120 rpm। वोल्टेज बदलाव = 0.01 × 120 = 1.2 V।
आम गलतियाँ
- त्रुटि का चिह्न उलट देना। यह सेट पॉइंट − मापा मान है, इसलिए आउटपुट कम हो तो धनात्मक है।
- सोचना कि बड़ा Kp हमेशा अच्छा है। बहुत ज़्यादा लाभ से आउटपुट काँपने लगता है।
- मानना कि P नियंत्रण सेट पॉइंट पर ठीक पहुँच जाता है। I न हो तो ऑफ़सेट बचता है।
- टाइमर वाले हर तंत्र को "फ़ीडबैक" कहना। फ़ीडबैक में आउटपुट मापने वाला सेंसर चाहिए।