ज्ञान-निरूपण
कंप्यूटर तभी ज्ञान इस्तेमाल कर सकता है जब वह उसकी समझ वाले रूप में लिखा हो। ज्ञान-निरूपण (नॉलेज रिप्रेज़ेंटेशन) का मतलब है तथ्य और संबंध ऐसे रखना कि प्रोग्राम उनसे तर्क कर सके।
- तथ्य: "गौरैया एक पक्षी है।" "पक्षी के पंख होते हैं।"
- नियम: अगर पंख हैं और अंडे देता है तो शायद पक्षी है।
- अर्थ-जाल (सिमैंटिक नेटवर्क): एक ग्राफ़। गोले चीज़ें (नोड) हैं। तीर संबंध हैं, जैसे "एक प्रकार है"। बच्चा नोड माता-पिता के तथ्य विरासत में पाता है। "पंख हैं" एक बार पक्षी पर लिखा और हर पक्षी को मिल गया।
- अपवाद: पेंगुइन पक्षी है पर उड़ नहीं सकता। यह विशेष तथ्य पेंगुइन पर रखा जाता है और सामान्य तथ्य को काट देता है।
दूसरे रूप हैं फ़्रेम (नाम, रंग, आकार जैसे खानों वाला रिकॉर्ड), तर्क-कथन और सारणी। अच्छा निरूपण साफ़, आसानी से बदलने वाला और तेज़ खोजने लायक होता है।
ह्यूरिस्टिक खोज
कई AI समस्याएँ "रास्ता खोजो" जैसी हैं: नक़्शे पर राह, पहेली की चाल, योजना का क़दम। प्रोग्राम एक के बाद एक विकल्प आज़माता है। इसे खोज (सर्च) कहते हैं।
अंधी (अनसूचित) खोज, जैसे चौड़ाई-प्रथम खोज, परत-दर-परत हर पड़ोसी जाँचती है। सरल ग्रिड में सबसे छोटा रास्ता पक्का मिलता है, पर लक्ष्य से दूर की जगहों पर समय बर्बाद होता है। 3D ग्रिड में यह 45 खाने जाँचती है।
ह्यूरिस्टिक खोज एक अतिरिक्त संकेत लेती है, ह्यूरिस्टिक h: लक्ष्य कितनी दूर है इसका झटपट अंदाज़ा। ग्रिड पर h = सीधे आड़े खाने + ऊपर-नीचे के खाने (मैनहैटन दूरी)। खोज सबसे आशाजनक खाने को पहले चुनती है। 3D में यह सिर्फ़ 9 खाने जाँचती है।
A* खोज सबसे छोटा f = g + h वाला खाना चुनती है। g अब तक चले क़दम हैं और h लक्ष्य तक का अंदाज़ा। अगर h कभी ज़्यादा नहीं बताता, तो A* सबसे छोटा रास्ता खोज देती है।
ह्यूरिस्टिक सिर्फ़ संकेत है। बीच में दीवार हो तो संकेत कुछ देर भटका सकता है, इसलिए खोज ज़्यादा खाने जाँचती है (3D में दीवार के साथ 29), फिर भी अंधी खोज (58) से कम।
बेज़ तर्क (Bayesian reasoning)
असली जीवन अनिश्चित है। बेज़ तर्क बताता है कि नया सबूत मिलने पर अपना भरोसा कैसे बदलें।
गिनतियों से समझिए। 100 लोग लीजिए। 10 बीमार हैं (यानी पूर्व-संभावना 10%)। जाँच 10 में से 9 बीमारों को पकड़ती है। वह 90 स्वस्थ लोगों में से 10% को ग़लती से भी चिह्नित करती है, यानी 9 लोग। कुल पॉज़िटिव: 9 + 9 = 18। इनमें सच में बीमार सिर्फ़ 9।
पॉज़िटिव आने पर बीमार होने की संभावना = 9 / 18 = 50%।
यह चौंकाता है। 90% अच्छी जाँच भी, जब बीमारी दुर्लभ हो, आधी बार ग़लत हो सकती है। सूत्र में बेज़ का नियम है
P(A | B) = P(B | A) × P(A) / P(B)
यहाँ A = बीमार, B = पॉज़िटिव। सबूत के बाद का भरोसा (उत्तर-संभावना) पूर्व-संभावना, जाँच की गुणवत्ता और ग़लत चेतावनियों पर निर्भर है। ग़लत चेतावनी जितनी ज़्यादा, पॉज़िटिव का भरोसा उतना कम। AI इसे स्पैम फ़िल्टर, चिकित्सा सहायता और अपनी जगह का अंदाज़ा लगाने वाले रोबोट में इस्तेमाल करता है।
विशेषज्ञ प्रणाली (Expert systems)
विशेषज्ञ प्रणाली ऐसा प्रोग्राम है जो किसी सीमित क्षेत्र में, जैसे पौधों के रोग, गाड़ी की ख़राबी या लोन की जाँच, मानव विशेषज्ञ जैसी सलाह देता है।
- ज्ञान-भंडार (नॉलेज बेस): विशेषज्ञों की मदद से लिखे IF-THEN नियमों की सूची। उदाहरण: अगर बुखार और खाँसी तो फ़्लू की संभावना।
- अनुमान-इंजन (इन्फ़रेंस इंजन): वह हिस्सा जो आपके दिए तथ्य लेकर देखता है कि कौन-सा नियम बैठता है। वह आगे बढ़कर (तथ्य से निष्कर्ष) या पीछे लौटकर (अनुमान से उन तथ्यों तक) तर्क कर सकता है।
- यूज़र इंटरफ़ेस: सवाल पूछता है और उत्तर दिखाता है, अक्सर कारण के साथ।
ताक़तें: दिन-रात चलती है, हर बार वही उत्तर देती है, कारण समझा सकती है। सीमाएँ: सिर्फ़ अपने नियम जानती है, ख़ुद सीख नहीं सकती, और जब कोई नियम न बैठे तो विफल होती है ("सिर्फ़ सिरदर्द" मामले में)। आज कई प्रणालियाँ नियमों को मशीन लर्निंग से मिलाती हैं।
करके देखें
कॉपी पर 9 गुणा 7 का ग्रिड बनाइए। बायें बीच में S और दायें बीच में G रखिए। पहले S के चारों ओर छल्लों में खानों पर टिक लगाइए, जब तक G न मिले। टिक गिनिए। फिर दोबारा शुरू कीजिए और सिर्फ़ G की ओर बढ़ते हुए टिक लगाइए। अपनी दोनों गिनतियों की तुलना 3D के 45 और 9 से कीजिए। फिर 3D के चरण 4 में ग़लत चेतावनी को 20% पर ले जाइए और पढ़ने से पहले प्रतिशत का अनुमान लगाइए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- f = g + h (A* खोज)
- h = |x का अंतर| + |y का अंतर| (मैनहैटन दूरी)
- P(A | B) = P(B | A) × P(A) / P(B)
- पॉज़िटिव में बीमार = सही पॉज़िटिव ÷ (सही पॉज़िटिव + ग़लत पॉज़िटिव)
- विशेषज्ञ प्रणाली = ज्ञान-भंडार + अनुमान-इंजन + यूज़र इंटरफ़ेस
हल किए गए उदाहरण
1. अर्थ-जाल में गौरैया एक पक्षी है और पक्षी एक जानवर। पक्षी: पंख हैं। जानवर: भोजन चाहिए। गौरैया: उड़ सकती है। गौरैया के सब तथ्य लिखिए।
गौरैया पक्षी और जानवर से विरासत पाती है: उड़ सकती है (अपना), पंख हैं (पक्षी से), भोजन चाहिए (जानवर से)।
2. 100 लोग, 10 बीमार। जाँच 9 बीमारों को पकड़ती है और 9 स्वस्थ लोगों को ग़लती से चिह्नित करती है। कोई व्यक्ति पॉज़िटिव आया। उसके बीमार होने की संभावना?
पॉज़िटिव = 9 + 9 = 18। इनमें बीमार 9। संभावना = 9/18 = 50%।
3. वही जाँच, पर 90 स्वस्थ लोगों में ग़लत चेतावनी दर 20%। अब संभावना बताइए।
ग़लत पॉज़िटिव = 0.20 × 90 = 18। कुल पॉज़िटिव = 9 + 18 = 27। संभावना = 9/27 = 33.3%।
4. ग्रिड खोज में अंधी खोज ने 45 खाने जाँचे और ह्यूरिस्टिक ने 9। कौन बेहतर है और कितने गुना?
ह्यूरिस्टिक खोज बेहतर है। 45 / 9 = 5 गुना कम खाने जाँचे।
5. एक विशेषज्ञ प्रणाली में R1: अगर बुखार और खाँसी तो फ़्लू की संभावना। उपयोगकर्ता ने बुखार और खाँसी दी। कौन-सा हिस्सा नियम मिलाता है और आउटपुट क्या है?
अनुमान-इंजन तथ्यों को R1 से मिलाता है। आउटपुट: "फ़्लू की संभावना है"।
आम गलतियाँ
- यह मानना कि पॉज़िटिव जाँच का मतलब पक्का बीमार होना है। यह बीमारी कितनी आम है और ग़लत चेतावनी दर पर निर्भर है।
- यह कहना कि ह्यूरिस्टिक हमेशा सबसे अच्छा रास्ता देता है। वह संकेत है। अच्छा संकेत (जो कभी ज़्यादा न बताए) A* के साथ चलता है; बुरा संकेत भटका सकता है।
- ज्ञान-भंडार और अनुमान-इंजन को मिला देना। भंडार नियम रखता है; इंजन उन्हें इस्तेमाल करता है।
- यह सोचना कि विशेषज्ञ प्रणाली ख़ुद नए नियम सीख लेती है। नियम लोग जोड़ते हैं; मशीन लर्निंग इससे अलग है।