राष्ट्रीय मंत्रालय और राज्य पर्यटन संस्थाएँ
ज़्यादातर देशों में एक राष्ट्रीय पर्यटन मंत्रालय या पर्यटन बोर्ड होता है। इसके मुख्य काम:
- नीति: राष्ट्रीय पर्यटन योजना, आसान वीज़ा, ऑपरेटरों के नियम।
- प्रचार: विदेश में देश-ब्रांड अभियान (भारत का "अतुल्य भारत"), विदेशों में पर्यटन कार्यालय, यात्रा मेले।
- आधारभूत ढाँचा: परिपथों, स्थलों तक सड़कों, संकेतों और रास्ते की सुविधाओं के लिए धन।
- मानक और प्रशिक्षण: होटल सितारा श्रेणी, टूर ऑपरेटर और गाइड की मान्यता, आतिथ्य और कैटरिंग संस्थान।
- आँकड़े: आगमन और कमाई की गिनती।
कुछ देशों में एक राष्ट्रीय पर्यटन विकास निगम भी होता है जो होटल, ड्यूटी-फ़्री दुकानें और ध्वनि-प्रकाश कार्यक्रम चलाता है (भारत में ITDC)।
राज्य या क्षेत्रीय संस्थाएँ (राज्य पर्यटन विभाग और विकास निगम) यही काम ज़मीन के क़रीब करते हैं: राज्य के होटल और पर्यटक बसें चलाना, उत्सव और मेले आयोजित करना, स्थानीय सुविधाएँ बनाना और राज्य के अपने ब्रांड का प्रचार करना।
सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP)
सार्वजनिक-निजी भागीदारी एक लंबा समझौता है जिसमें सरकार (सार्वजनिक) और कंपनी (निजी) पर्यटन परियोजना साझा करते हैं।
- सरकार आमतौर पर ज़मीन, अनुमति या स्थल देती है।
- कंपनी पैसा, कौशल और प्रबंधन लाती है और शुल्क से कमाती है।
- दोनों जोखिम बाँटते हैं।
उदाहरण: हवाई अड्डे के टर्मिनल बनाना और चलाना; पुराने किलों या महलों को हेरिटेज होटल बनाना; कंपनियों का स्मारक गोद लेकर शौचालय, रोशनी, कैफ़े और गाइड देना ("अडॉप्ट अ हेरिटेज" जैसी योजनाएँ); क्रूज़ टर्मिनल और रोपवे।
लाभ: तेज़ काम, बेहतर सेवा, सरकारी धन पर कम बोझ। जोखिम: ऊँचे शुल्क, मुनाफ़े के लिए धरोहर को नुकसान; इसलिए साफ़ नियम और जाँच ज़रूरी है।
स्थानीय निकाय और NGO
स्थानीय निकाय (नगर पालिका, ग्राम पंचायत, विकास प्राधिकरण) खुद स्थल की देखभाल करते हैं: सफ़ाई, कचरा, पानी, पार्किंग, सड़क की बत्तियाँ, स्थानीय अनुमति और मेलों में भीड़ प्रबंधन।
NGO (गैर-सरकारी संगठन, नागरिकों द्वारा चलाए जाते हैं) इस तरह मदद करते हैं:
- धरोहर इमारतों की रक्षा और धरोहर सैर;
- वन्य जीव संरक्षण और ज़िम्मेदार व्यवहार सिखाना;
- स्थानीय लोगों को गाइड और होमस्टे मेज़बान के रूप में प्रशिक्षण, ताकि पर्यटन का पैसा उन तक पहुँचे;
- जब पर्यटन प्रकृति या समुदाय को नुकसान पहुँचाए तब आवाज़ उठाना।
उदाहरण: राष्ट्रीय धरोहर ट्रस्ट, वन्यजीव समूह और सामुदायिक पर्यटन समूह।
UN एजेंसियाँ और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ
- UN Tourism (2024 तक UNWTO; मुख्यालय मैड्रिड; स्थापना 1975): पर्यटन की UN एजेंसी। यह ज़िम्मेदार, टिकाऊ और सबके लिए सुलभ पर्यटन को बढ़ाती है, विश्व पर्यटन आँकड़े प्रकाशित करती है और पर्यटन की वैश्विक आचार संहिता रखती है। विश्व पर्यटन दिवस 27 सितंबर है।
- UNESCO: असाधारण प्राकृतिक और सांस्कृतिक स्थलों की विश्व धरोहर सूची रखता है और उनकी रक्षा में मदद करता है।
- ICAO: अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के सुरक्षा नियम बनाने वाली UN एजेंसी।
- UNEP: पर्यटन के पर्यावरणीय प्रभाव पर काम करता है।
UN से बाहर की अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ: WTTC (बड़ी यात्रा कंपनियों का मंच), IATA (एयरलाइनों का संघ), PATA (पैसिफ़िक एशिया ट्रैवल एसोसिएशन)।
पर्यटन की वैश्विक प्रवृत्तियाँ
- बढ़त: अंतरराष्ट्रीय आगमन लगभग 2.5 करोड़ (1950) से बढ़कर लगभग 146 करोड़ (2019) हुए। 2020 की महामारी ने इन्हें लगभग 70% घटा दिया; 2024 तक ये लगभग पूरी तरह लौट आए। एशिया-प्रशांत तेज़ी से बढ़ता क्षेत्र है।
- डिजिटल यात्रा: ऑनलाइन बुकिंग, मोबाइल ऐप, समीक्षाएँ, ई-वीज़ा, डिजिटल भुगतान, AI से यात्रा योजना।
- टिकाऊ और इको-पर्यटन: कम प्लास्टिक और कार्बन, प्रकृति की रक्षा, समुदाय-आधारित पर्यटन।
- अनुभव-आधारित यात्रा: स्थानीय लोगों की तरह रहना, खान-पान यात्राएँ, गाँव में ठहरना, साहसिक खेल।
- स्वास्थ्य और चिकित्सा पर्यटन: योग शिविर, स्पा, विदेश में सस्ता इलाज।
- काम + यात्रा: दूर से काम करने वालों के "वर्केशन", डिजिटल नोमैड वीज़ा।
- अन्य: ज़्यादा अकेले और महिला यात्री, छोटी वीकेंड यात्राएँ, सस्ती एयरलाइनें, क्रूज़ में बढ़त, और भीड़ भरे शहरों में अति-पर्यटन की चिंता।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- UN Tourism (पहले UNWTO): पर्यटन की UN एजेंसी, स्थापना 1975, मुख्यालय मैड्रिड।
- UNESCO: विश्व धरोहर सूची रखता है।
- राष्ट्रीय पर्यटन मंत्रालय: नीति, प्रचार, आधारभूत ढाँचा, मानक, आँकड़े।
- राज्य पर्यटन निगम: राज्य के होटल, बसें, मेले और स्थानीय प्रचार।
- PPP: सरकार (ज़मीन, अनुमति) + कंपनी (पैसा, प्रबंधन) परियोजना और जोखिम बाँटते हैं।
- NGO: जनहित के लिए नागरिकों द्वारा चलाया गया गैर-सरकारी संगठन।
- % परिवर्तन = (नया − पुराना) ÷ पुराना × 100।
हल किए गए उदाहरण
1. त्योहार से पहले समुद्र तट पर सफ़ाई अभियान कौन-सा स्तर चलाएगा?
स्थानीय निकाय (नगर पालिका या ग्राम पंचायत), शायद किसी NGO की मदद से।
2. 2019 में आगमन 1,460 मिलियन और 2020 में 410 मिलियन थे। प्रतिशत गिरावट निकालिए।
गिरावट = 1,460 − 410 = 1,050 मिलियन। 1,050 ÷ 1,460 × 100 ≈ 72% गिरावट।
3. एक कंपनी सरकारी ज़मीन पर ₹60 करोड़ लगाकर रोपवे बनाती है और 30 साल तक किराया लेकर चलाती है। यह कैसी व्यवस्था है और कौन क्या देता है?
PPP। सरकार ज़मीन और अनुमति देती है; कंपनी पैसा लगाती और चलाती है, किराए से कमाती है और कम सवारी का जोखिम उठाती है।
आम गलतियाँ
- UNWTO और WTO (विश्व व्यापार संगठन) को एक मानना। पर्यटन संस्था का नाम अब UN Tourism है।
- WTTC को UN एजेंसी समझना। यह निजी यात्रा कंपनियों का मंच है।
- PPP का मतलब स्थल बेचना समझना। PPP में स्वामित्व और नियम आमतौर पर सरकार के पास रहते हैं; कंपनी तय समय तक चलाती और कमाती है।
- NGO को सरकार का हिस्सा मानना। ये नागरिकों द्वारा चलाए जाते हैं, हालाँकि सरकार के साथ काम कर सकते हैं।