उत्पाद जीवन चक्र क्या है?
उत्पाद जीवन चक्र (PLC) दिखाता है कि उत्पाद की योजना बनने से लेकर बाज़ार से हटने तक उसकी बिक्री कैसे बदलती है। इसके पाँच चरण हैं:
- विकास (development): शोध, डिज़ाइन, नमूना (प्रोटोटाइप) और जाँच। अभी बिक्री नहीं, पर ख़र्च बहुत।
- परिचय (introduction): लॉन्च। बिक्री कम और धीरे बढ़ती है। विज्ञापन पर भारी ख़र्च। कीमत ऊँची (स्किमिंग) या कम (पेनिट्रेशन) हो सकती है।
- वृद्धि (growth): ज़्यादा ग्राहक ख़रीदते हैं; बिक्री तेज़ी से बढ़ती है। मुनाफ़ा शुरू। प्रतियोगी नक़ल करते हैं।
- परिपक्वता (maturity) और संतृप्ति: बिक्री सबसे ऊँची पर स्थिर; जिन्हें चाहिए था, उनके पास है। प्रतियोगिता कड़ी।
- पतन (decline): पसंद बदलने या नई तकनीक आने से बिक्री गिरती है। उत्पाद हटाया जा सकता है।
हर उत्पाद की उम्र अलग है: फ़ैशन की चीज़ एक मौसम चलती है, जबकि कुछ शीतल पेय 100 साल से ज़्यादा से परिपक्वता में हैं।
उत्पाद जीवन चक्र और नकदी प्रवाह
नकदी प्रवाह = आने वाला पैसा − जाने वाला पैसा।
- विकास और परिचय: बड़े ख़र्च (शोध, मशीनें, लॉन्च के विज्ञापन) और कम बिक्री, इसलिए नकदी प्रवाह ऋणात्मक।
- वृद्धि: बिक्री बढ़ती है और नकदी प्रवाह धनात्मक हो जाता है।
- परिपक्वता: नकदी प्रवाह आमतौर पर सबसे ज़्यादा; विकास का ख़र्च निकल चुका।
- पतन: नकदी प्रवाह घटता है।
इसीलिए कंपनियाँ लॉन्च से पहले डिज़ाइन, विपणन और लॉजिस्टिक्स की योजना साथ बनाती हैं: ऋणात्मक दौर झेलने लायक पैसा, ग्राहकों तक पहुँचने की विपणन योजना, और वृद्धि के लिए आपूर्ति-वितरण तैयार। परिपक्व उत्पादों की नकदी से अक्सर अगले उत्पाद बनते हैं।
विस्तार रणनीतियाँ
विस्तार रणनीति (extension strategy) वह कदम है जो पतन को टालता है और बिक्री बनाए रखता है। आम रणनीतियाँ:
- नए फ़ीचर या रूप: नए स्वाद, आकार या मॉडल।
- नए बाज़ार: दूसरे देश में या नए ग्राहक समूह को बेचना।
- नई पैकिंग या छवि: नया रूप, नया विज्ञापन अभियान।
- कीमत बदलना: दाम घटाना या ऑफ़र देना।
- नए उपयोग: ग्राहकों को उत्पाद का दूसरा उपयोग दिखाना।
विस्तार रणनीतियों में पैसा लगता है, इसलिए कंपनी तय करती है कि अतिरिक्त बिक्री उसके लायक है या उत्पाद को जाने देकर नया लाना बेहतर है।
डिज़ाइन मिक्स, USP और बोस्टन मैट्रिक्स
डिज़ाइन मिक्स तीन चीज़ों का संतुलन है:
- काम (function): क्या यह अच्छा और भरोसेमंद चलता है?
- सुंदरता (aesthetics): यह कैसा दिखता, छूने में कैसा, कैसी गंध या आवाज़।
- लागत (cost): क्या इसे इतना सस्ता बनाया जा सकता है कि मुनाफ़े पर बिके?
USP (अनोखी बिक्री विशेषता) वह गुण है जो उत्पाद को प्रतियोगियों से अलग बनाता है। मज़बूत ब्रांड छवि से कंपनी ज़्यादा दाम ले सकती है और ग्राहक वफ़ादार रहते हैं।
बोस्टन मैट्रिक्स
कंपनी आमतौर पर कई उत्पाद बेचती है: यह उसका उत्पाद पोर्टफ़ोलियो है। बोस्टन मैट्रिक्स उन्हें बाज़ार हिस्सेदारी और बाज़ार वृद्धि से बाँटता है:
- स्टार: ऊँची हिस्सेदारी, ऊँची वृद्धि। निवेश चाहिए पर अच्छी कमाई।
- कैश काउ (नकदी गाय): ऊँची हिस्सेदारी, कम वृद्धि। कम ख़र्च में बहुत नकदी।
- प्रश्नचिह्न (problem child): कम हिस्सेदारी, ऊँची वृद्धि। स्टार बन सकते हैं; पैसा और फ़ैसला चाहिए।
- डॉग: कम हिस्सेदारी, कम वृद्धि। अक्सर हटा दिए जाते हैं।
संतुलित पोर्टफ़ोलियो में कैश काउ की नकदी से प्रश्नचिह्नों को स्टार बनाया जाता है।
तकनीक, संस्कृति और गुणवत्ता पूरे जीवन चक्र में
नई तकनीक अक्सर एक उत्पाद का जीवन ख़त्म और दूसरे का शुरू करती है: फ़िल्म कैमरे की जगह डिजिटल कैमरा आया, फिर फ़ोन कैमरा। संस्कृति और फ़ैशन भी बदलते हैं: लोग अब मरम्मत-योग्य, पुनर्चक्रण-योग्य और कम कार्बन वाले उत्पाद चाहते हैं। डिज़ाइनर इन रुझानों पर नज़र रखते हैं ताकि जान सकें कब उत्पाद सुधारना या बदलना है।
निरंतर सुधार (जापानी में काइज़ेन) यानी पूरे जीवन चक्र में ग्राहकों की राय और जाँच के नतीजों से छोटे-छोटे बहुत से सुधार।
गुणवत्ता नियंत्रण जाँचता है कि उत्पाद अपनी विशिष्टता पर खरे हैं। यह मापिकी (metrology) पर टिका है (वर्नियर कैलिपर्स और माइक्रोमीटर जैसे औज़ारों से SI इकाइयों में सटीक माप) और मानकों जैसे ISO मानक पर, ताकि अलग जगह बने पुर्ज़े ठीक बैठें और सुरक्षित चलें। अच्छी गुणवत्ता पतन धीमा करती है क्योंकि ग्राहक भरोसा करते हैं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- PLC के चरण: विकास → परिचय → वृद्धि → परिपक्वता → पतन
- नकदी प्रवाह: ऋणात्मक (विकास, परिचय) → धनात्मक (वृद्धि) → सबसे ज़्यादा (परिपक्वता) → घटता (पतन)
- विस्तार रणनीतियाँ: नए फ़ीचर, नए बाज़ार, नई पैकिंग, कीमत बदलना, नए उपयोग
- डिज़ाइन मिक्स = काम + सुंदरता + लागत
- बोस्टन मैट्रिक्स: स्टार (ऊँची हिस्सेदारी, ऊँची वृद्धि), कैश काउ (ऊँची हिस्सेदारी, कम वृद्धि), प्रश्नचिह्न (कम हिस्सेदारी, ऊँची वृद्धि), डॉग (कम, कम)
- गुणवत्ता नियंत्रण = मापो (मापिकी) + मानक से मिलाओ + सुधारो
हल किए गए उदाहरण
1. एक नया इलेक्ट्रिक स्कूटर ब्रांड पहले 3 महीनों में 200 स्कूटर बेचता है और विज्ञापन पर भारी ख़र्च करता है। यह किस चरण में है, और नकदी प्रवाह कैसा होगा?
परिचय: लॉन्च के बाद बिक्री कम और धीरे बढ़ रही है। नकदी प्रवाह शायद ऋणात्मक है, क्योंकि डिज़ाइन और लॉन्च का ख़र्च ज़्यादा और आमदनी कम है।
2. एक टूथपेस्ट की बिक्री 10 साल से स्थिर थी पर अब गिरने लगी है। दो विस्तार रणनीतियाँ सुझाओ।
1) नया रूप लाओ, जैसे हर्बल या व्हाइटनिंग फ़ॉर्मूला। 2) नए बाज़ार में जाओ, जैसे गाँवों में छोटे सस्ते पैक या निर्यात। नया विज्ञापन या पैकिंग भी छवि ताज़ा कर सकते हैं।
3. एक कंपनी के शीतल पेय की बाज़ार हिस्सेदारी 40% है और बाज़ार 1% सालाना बढ़ता है। उसके नए एनर्जी ड्रिंक की हिस्सेदारी 5% है और बाज़ार 20% सालाना बढ़ता है। बोस्टन मैट्रिक्स में रखो।
शीतल पेय: ऊँची हिस्सेदारी, कम वृद्धि → कैश काउ। एनर्जी ड्रिंक: कम हिस्सेदारी, ऊँची वृद्धि → प्रश्नचिह्न। कंपनी शीतल पेय की नकदी से एनर्जी ड्रिंक का प्रचार करके उसे स्टार बनाने की कोशिश कर सकती है।
आम गलतियाँ
- यह मानना कि हर उत्पाद एक ही रफ़्तार से चरणों से गुज़रता है। जीवन चक्र हफ़्तों से लेकर सदी तक चल सकता है।
- कहना कि लॉन्च पर मुनाफ़ा सबसे ज़्यादा है। परिचय में नकदी प्रवाह आमतौर पर ऋणात्मक होता है।
- स्टार और कैश काउ को मिला देना। स्टार तेज़ बढ़ते बाज़ार में हैं; कैश काउ धीमे बढ़ते बाज़ार में।
- यह मानना कि विस्तार रणनीति हमेशा काम करती है। इसमें पैसा लगता है और पतन थोड़ी देर ही टल सकता है।