उत्पाद प्रतिस्पर्धी कब बनता है?
कोई उत्पाद प्रतिस्पर्धी तब है जब ग्राहक उसे वैसा ही काम करने वाले दूसरे उत्पादों से बेहतर माने। ग्राहक मूल्य (उत्पाद उसके लिए क्या करता है: काम, गुणवत्ता, आराम, रूप, सेवा) की तुलना दाम (ख़रीदने और चलाने का ख़र्च) से करता है।
सीधा विचार: मूल्य ÷ दाम जितना बढ़े, प्रतिस्पर्धात्मकता उतनी बढ़ती है। कंपनी मूल्य बढ़ा सकती है, लागत घटा सकती है, या दोनों कर सकती है। आगे मुख्य औज़ार देखिए।
नवाचार के प्रकार
नवाचार (innovation) यानी किसी नए या सुधरे विचार को उपयोग में लाना। मुख्य प्रकार:
क्रमिक नवाचार: छोटा क़दम, जैसे उसी फ़ोन में हल्की बैटरी। आमूल (बड़ी खोज) नवाचार: बड़ी छलाँग, जैसे पहला स्मार्टफ़ोन। प्रक्रिया नवाचार: वही उत्पाद सस्ते या तेज़ तरीके से बनाना। विपणन या संगठन नवाचार: बेचने या चलाने का नया तरीका, जैसे ऑनलाइन दुकान या इस्तेमाल के हिसाब से भुगतान।
तकनीकी नवाचार उत्पाद या प्रक्रिया बदलता है। हर प्रकार प्रदर्शन, लागत या ग्राहकों की संख्या को अलग ढंग से बदलता है, जैसा धूसर और रंगीन स्तंभ दिखाते हैं।
पेटेंट, मानक और औद्योगिक संपत्ति
औद्योगिक संपत्ति व्यापार में इस्तेमाल होने वाले विचारों पर क़ानूनी अधिकारों का समूह है: पेटेंट (तकनीकी आविष्कार के लिए), डिज़ाइन (उत्पाद के रूप के लिए), ट्रेडमार्क (नाम और लोगो के लिए)।
पेटेंट मालिक को आविष्कार बनाने और बेचने का अकेला अधिकार लगभग 20 साल तक देता है, बदले में आविष्कार कैसे काम करता है यह प्रकाशित करना पड़ता है। उसके बाद कोई भी इसे इस्तेमाल कर सकता है। पेटेंट के लिए विचार नया, स्पष्ट रूप से अलग और उद्योग में उपयोगी होना चाहिए।
मानक (standard) अलग चीज़ हैं। ये साझा नियम हैं, जैसे माप, सुरक्षा और कनेक्टर के, ताकि कई कंपनियों के उत्पाद साथ काम करें। मानक प्रतिस्पर्धा में मदद करते हैं क्योंकि सब संगत उत्पाद बना सकते हैं। कभी-कभी मानक में कोई पेटेंट शामिल होता है और उसके मालिक को उसे उचित शर्तों पर देना पड़ता है।
एर्गोनॉमिक्स: आराम, कार्यकुशलता, सुरक्षा
एर्गोनॉमिक्स उत्पाद को उसे चलाने वाले लोगों के अनुकूल बनाता है। इसके तीन लक्ष्य हैं।
आराम: दर्द या खिंचाव न हो, जैसे हाथ के माप का हैंडल। कार्यकुशलता: कम मेहनत और कम ग़लतियों में काम हो, जैसे पहुँच में बटन। सुरक्षा: चोट न लगे, जैसे फिसलने वाली पकड़ न हो।
डिज़ाइनर कई लोगों के शरीर के माप (केवल एक के नहीं) लेते हैं और असली उपयोगकर्ताओं पर जाँच करते हैं। लगभग 30 से 35 मिमी का हैंडल ज़्यादातर वयस्क हाथों को ठीक बैठता है, पर बच्चों के औज़ार के लिए छोटा चाहिए।
सुविधा, लागत और ज़रूरत का संतुलन
ज़रूरत वह है जो ग्राहक सचमुच करवाना चाहता है। सुविधा (function) वह है जो उत्पाद करता है। हर सुविधा लागत जोड़ती है।
शुरुआती सुविधाएँ ज़रूरत को ज़ोर से पूरा करती हैं। बाद की सुविधाएँ थोड़ा जोड़ती हैं पर पैसा उतना ही लेती हैं। 3D में हर सुविधा से ज़रूरत पूरी होना बढ़ता है पर धीमा होता जाता है, जबकि लागत सीधी रेखा में बढ़ती है। इसलिए सौदा (ज़रूरत पूरी ÷ लागत) पहले बढ़ता है, शिखर पर पहुँचता है, फिर घटता है।
यही मूल्य विश्लेषण का विचार है: हर सुविधा की सूची बनाइए, पूछिए कि ग्राहक को चाहिए या नहीं, और जो लागत से कम काम की है उसे हटाइए या सरल कीजिए। ज़रूरत से ज़्यादा सुविधाओं वाले उत्पाद सरल उत्पादों से हार जाते हैं।
सुविधा बनाम पर्यावरण पर असर
हर जुड़ी सुविधा को ज़्यादा सामग्री, ऊर्जा और पुर्ज़े चाहिए, इसलिए वह पर्यावरण पर असर बढ़ाती है: ज़्यादा संसाधन, कचरा और उत्सर्जन।
डिज़ाइनर असर की तुलना प्रति साल उपयोग पर करते हैं: कुल असर ÷ उत्पाद की उम्र। 8 साल चलने वाले उत्पाद का सालाना असर उसी तरह के 2 साल में टूटने वाले उत्पाद से बहुत कम होता है। इसलिए टिकाऊपन, मरम्मत और पुनर्चक्रण उन ग्राहकों और कंपनियों के लिए प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाते हैं जिन्हें धरती की परवाह है या जिन्हें नियम मानने हैं।
अच्छा डिज़ाइन केवल ज़रूरी सुविधाएँ रखता है, कम सामग्री लेता है और ज़्यादा चलता है।
करके देखिए: दो उत्पादों को परखें
घर के दो एक जैसे उत्पाद लीजिए, जैसे दो पानी की बोतलें। हर एक को काम, आराम, दाम और अपेक्षित उम्र के लिए 1 से 5 अंक दीजिए। किसका मूल्य-दाम बेहतर है? किसका प्रति वर्ष असर कम है? 3D के स्लाइडरों से अपनी सोच जाँचिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- प्रतिस्पर्धात्मकता का विचार: मूल्य ÷ दाम
- पेटेंट की सुरक्षा: लगभग 20 साल तक
- सौदा (3D मॉडल) = ज़रूरत पूरी ÷ लागत, जहाँ लागत = 1 + 0.9 × सुविधाएँ
- प्रति वर्ष असर = कुल असर ÷ उत्पाद की उम्र (वर्ष)
हल किए गए उदाहरण
1. उत्पाद A का मूल्य 8 और दाम 6 है। उत्पाद B का मूल्य 6 और दाम 3 है। कौन ज़्यादा प्रतिस्पर्धी है?
A: 8 ÷ 6 = 1.33। B: 6 ÷ 3 = 2.00। B ज़्यादा प्रतिस्पर्धी है।
2. 2008 में 20 साल का पेटेंट मिला। सुरक्षा किस साल ख़त्म होगी?
2008 + 20 = 2028।
3. 3D मॉडल में लागत = 1 + 0.9 × सुविधाएँ। 4 सुविधाओं की लागत और 4 से 5 सुविधाओं पर अतिरिक्त लागत निकालिए।
लागत(4) = 1 + 3.6 = 4.6। लागत(5) = 1 + 4.5 = 5.5। अतिरिक्त = 0.9।
4. एक उत्पाद का कुल असर 4.8 और उम्र 2 साल है। उतने ही असर वाला मज़बूत संस्करण 8 साल चलता है। प्रति वर्ष असर की तुलना कीजिए।
पहला: 4.8 ÷ 2 = 2.4 प्रति वर्ष। दूसरा: 4.8 ÷ 8 = 0.6 प्रति वर्ष। लंबी उम्र वाले का सालाना असर चौथाई है।
आम गलतियाँ
- सबसे सस्ते उत्पाद को हमेशा सबसे प्रतिस्पर्धी मानना। ग्राहक मूल्य और उम्र भी तौलते हैं।
- पेटेंट (एक मालिक, सीमित समय) और मानक (सबके लिए साझा नियम) को मिला देना।
- यह मानना कि ज़्यादा सुविधाएँ हमेशा बेहतर उत्पाद बनाती हैं। अतिरिक्त सुविधाएँ पैसा लेती हैं और असर बढ़ाती हैं।
- एर्गोनॉमिक्स को केवल सुंदरता समझना। यह असली उपयोगकर्ता के आराम, कार्यकुशलता और सुरक्षा के बारे में है।