बाज़ार विभक्तिकरण क्या है?
बाज़ार = वे सब लोग जो कोई उत्पाद ख़रीद सकते हैं। वे आयु, आय, जगह और पसंद में अलग हैं।
बाज़ार विभक्तिकरण = बाज़ार को छोटे समूहों, यानी खंडों (segments) में बाँटना, जिनके सदस्यों की ज़रूरतें और ख़रीद व्यवहार मिलते-जुलते हों।
सबको एक ही उत्पाद एक ही तरह बेचना जन विपणन है। विभक्तिकरण से फ़र्म हर समूह के लिए बेहतर प्रस्ताव बनाती है। यह STP का पहला क़दम है: विभक्तिकरण → लक्ष्यीकरण → स्थितिकरण।
विभक्तिकरण के आधार
- भौगोलिक: देश, क्षेत्र, शहर या गाँव, जलवायु। (हीटर ठंडी जगहों पर; छोटे पैक गाँवों में।)
- जनांकिकीय: आयु, लिंग, आय, परिवार का आकार, शिक्षा, व्यवसाय, धर्म। सबसे ज़्यादा उपयोग होता है क्योंकि मापना आसान।
- मनोवैज्ञानिक: जीवनशैली, रुचियाँ, मूल्य, व्यक्तित्व, सामाजिक वर्ग। (फ़िटनेस-प्रेमी, पर्यावरण-जागरूक ख़रीदार।)
- व्यवहारगत: कितनी बार ख़रीदते हैं (भारी/हल्के उपयोगकर्ता), ब्रांड निष्ठा, चाहा गया लाभ (सफ़ेदी, संवेदनशीलता, कम दाम), अवसर (त्योहार, परीक्षा का मौसम)।
फ़र्में अक्सर आधार मिलाती हैं, जैसे "फ़िटनेस की परवाह करने वाले युवा शहरी पेशेवर"।
अच्छा खंड होता है
मापने योग्य (आकार और ख़र्च का अनुमान लगे), पर्याप्त बड़ा (लाभ दे सके), पहुँच योग्य (प्रचार और वितरण से पहुँचा जा सके), और ज़रूरतों में बाक़ी खंडों से अलग।
विभक्तिकरण के लाभ और सीमाएँ
लाभ
- ग्राहकों को बेहतर समझना और उनकी ज़रूरतें पूरी करना।
- फ़िट होने वाले उत्पाद, कीमत और प्रचार; ज़्यादा बिक्री और निष्ठा।
- विपणन का पैसा कुशलता से ख़र्च (ग़लत लोगों पर कम बर्बादी)।
- ख़ाली जगह और आला अवसर ढूँढना; बेहतर प्रतिस्पर्धा।
- अतिरिक्त गुण चाहने वाले खंडों से ऊँची कीमत।
सीमाएँ: ज़्यादा उत्पाद और अभियान महँगे; खंड बहुत छोटे हो सकते हैं; पसंद बदलती है; डेटा ग़लत या पुराना हो सकता है।
लक्ष्यीकरण: बाज़ार चुनना
बाँटने के बाद फ़र्म हर खंड को परखती है (आकार, वृद्धि, लाभ, प्रतिस्पर्धा, अपनी ताक़त से मेल) और अपना लक्ष्य बाज़ार चुनती है।
- अविभेदित (जन) विपणन: पूरे बाज़ार के लिए एक प्रस्ताव। सस्ता, पर कमज़ोर मेल। (नमक, साधारण चीनी।)
- विभेदित विपणन: कई खंड, हर एक का अलग विपणन मिश्रण। अच्छा मेल, पर महँगा।
- केंद्रित (आला) विपणन: एक छोटे खंड की बहुत अच्छी सेवा। छोटी फ़र्मों के लिए अच्छा, पर वह खंड घटे तो जोखिम।
स्थितिकरण और स्थितिकरण मानचित्र
स्थितिकरण = यह तय करना कि प्रतियोगियों की तुलना में लक्ष्य ग्राहक के मन में ब्रांड की कौन-सी साफ़, अलग जगह हो, जैसे "सबसे सुरक्षित कार", "सबसे सस्ती एयरलाइन", "सबसे प्रीमियम फ़ोन"।
स्थितिकरण (बोधात्मक) मानचित्र ब्रांडों को ग्राहकों की परवाह वाली दो विशेषताओं पर दिखाता है (दाम और गुणवत्ता, सेहतमंद और स्वादिष्ट)। इससे पता चलता है कि प्रतियोगी कहाँ भीड़ में हैं और कहाँ ख़ाली जगह हो सकती है। ख़ाली जगह को अनुसंधान से जाँचना चाहिए; शायद कोई उसे चाहता ही न हो।
स्थिति को विपणन मिश्रण (उत्पाद, कीमत, स्थान, प्रचार) से सहारा मिलता है और एक साफ़ मूल्य प्रस्ताव में कहा जाता है। पसंद या प्रतिस्पर्धा बदलने पर फ़र्म ब्रांड की पुनःस्थिति कर सकती है।
करके देखो
कोई उत्पाद चुनो जो तुम इस्तेमाल करते हो, जैसे स्कूल बैग या शीतल पेय। तीन ब्रांड लिखो। हर एक का संभावित लक्ष्य खंड (आयु, आय, जीवनशैली) और एक वाक्य में उसकी स्थिति लिखो। दाम और स्टाइल अक्षों वाला स्थितिकरण मानचित्र बनाओ। ख़ाली जगह कहाँ है? फिर 3D बटनों से वही ग्राहक अलग आधारों पर बाँटो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- STP = विभक्तिकरण → लक्ष्यीकरण → स्थितिकरण
- आधार: भौगोलिक, जनांकिकीय, मनोवैज्ञानिक, व्यवहारगत
- अच्छा खंड: मापने योग्य, पर्याप्त बड़ा, पहुँच योग्य, अलग
- लक्ष्यीकरण: अविभेदित (जन), विभेदित, केंद्रित (आला)
- खंड हिस्सा (%) = खंड के ग्राहक ÷ कुल ग्राहक × 100
- खंड मूल्य = ख़रीदारों की संख्या × प्रति ख़रीदार औसत ख़र्च
हल किए गए उदाहरण
1. एक जूता कंपनी बच्चों के लिए स्कूल जूते, खिलाड़ियों के लिए दौड़ के जूते और दफ़्तर वालों के लिए औपचारिक जूते बनाती है। कौन-से आधार?
जनांकिकीय (आयु, व्यवसाय) और मनोवैज्ञानिक/व्यवहारगत (खेल वाली जीवनशैली, चाहा गया लाभ: प्रदर्शन)। यह विभेदित विपणन है।
2. एक शहर में 20,000 फ़ोन ख़रीदार हैं। 4,000 विद्यार्थी हैं जो लगभग ₹12,000 ख़र्च करते हैं। खंड हिस्सा और खंड मूल्य?
हिस्सा = 4,000 ÷ 20,000 × 100 = 20%। मूल्य = 4,000 × ₹12,000 = ₹4,80,00,000 (₹4.8 करोड़)।
3. एक छोटी बेकरी सुपरमार्केट के बड़े ब्रेड ब्रांडों से मुक़ाबला करना चाहती है। लक्ष्यीकरण रणनीति और स्थिति सुझाओ।
केंद्रित (आला) विपणन: सेहत के प्रति जागरूक, ऊँची आय वाले स्थानीय ग्राहक जो ताज़गी को महत्व देते हैं। स्थिति: "हर सुबह प्राकृतिक सामग्री से ताज़ा बना", प्रीमियम कीमत, अपनी दुकान और पास के कैफ़े में बिक्री। इससे बड़े ब्रांडों से सीधी कीमत-लड़ाई नहीं होती।
आम गलतियाँ
- सोचना कि विभक्तिकरण का मतलब सिर्फ़ अमीरों को बेचना है। कोई भी समूह खंड हो सकता है।
- लक्ष्यीकरण (खंड चुनना) और स्थितिकरण (ग्राहक के मन में छवि) में भ्रम।
- ऐसा खंड चुनना जो लाभ के लिए बहुत छोटा हो।
- स्थितिकरण मानचित्र की हर ख़ाली जगह को माँग जाँचे बिना अवसर मान लेना।