आंतरिक व्यापार क्या है?
आंतरिक व्यापार (देशी व्यापार) एक ही देश की सीमा के अंदर वस्तुओं और सेवाओं की ख़रीद-बिक्री है। भुगतान अपनी मुद्रा में होता है और सीमा शुल्क नहीं लगता। इसके दो भाग हैं:
- थोक व्यापार: उत्पादकों से बड़ी मात्रा में ख़रीदकर फुटकर व्यापारियों या बड़े उपयोगकर्ताओं को दोबारा बेचने के लिए बेचना।
- फुटकर व्यापार: थोक व्यापारी या उत्पादक से ख़रीदकर अंतिम उपभोक्ता को थोड़ी मात्रा में बेचना।
थोक व्यापारी की सेवाएँ
उत्पादकों को
- बड़े पैमाने पर उत्पादन: बड़े ऑर्डर से फ़ैक्टरी कम लागत पर ज़्यादा बनाती है।
- जोखिम उठाना: दाम गिरने, चोरी, नुकसान का।
- वित्तीय मदद: जल्दी या पहले ही नकद भुगतान।
- सलाह और बाज़ार की ख़बर: ग्राहक क्या चाहते हैं, प्रतिस्पर्धियों के दाम।
- विपणन में मदद: बहुत से फुटकर व्यापारियों तक पहुँच।
- भंडारण: ज़रूरत तक माल गोदाम में।
फुटकर व्यापारियों को
- उपलब्धता: कई उत्पादकों का माल एक जगह।
- छोटी मात्रा: बड़ा स्टॉक रखने की ज़रूरत नहीं।
- उधार: माल अभी, भुगतान बाद में।
- विपणन सहायता: विज्ञापन, नए उत्पादों की जानकारी।
- विशेष ज्ञान और बड़े स्टॉक के जोखिम में हिस्सा।
फुटकर व्यापारी की सेवाएँ
उत्पादकों और थोक व्यापारियों को
- वितरण: माल को दूर-दूर फैले ख़रीदारों तक पहुँचाना।
- व्यक्तिगत विक्रय: ग्राहकों को समझाना और मनाना।
- बड़े पैमाने का काम संभव बनाना।
- बाज़ार की जानकारी: ग्राहकों की पसंद-नापसंद बताना।
- प्रवर्तन: प्रदर्शन और स्थानीय विज्ञापन।
उपभोक्ताओं को
- घर के पास नियमित उपलब्धता।
- नए उत्पादों की जानकारी।
- सुविधा: थोड़ी मात्रा, सही समय।
- ब्रांडों में विस्तृत चुनाव।
- बिक्री-बाद सेवा, घर तक डिलीवरी और कभी-कभी उधार।
छोटे फुटकर व्यापारी: भ्रमणशील और छोटी स्थायी दुकानें
भ्रमणशील फुटकर व्यापारी (कोई स्थायी जगह नहीं)
- फेरीवाले: पैदल, साइकिल, ठेले या सिर पर माल लेकर घर-घर बेचते हैं।
- बाज़ार व्यापारी: तय दिनों पर साप्ताहिक हाट या मेलों में बेचते हैं।
- पटरी विक्रेता: बस अड्डे जैसी भीड़ वाली जगहों पर।
- सस्ते दर की दुकान (चीप जैक): कुछ समय के लिए किसी इलाके में छोटी दुकान लेते हैं, फिर आगे बढ़ते हैं।
छोटी स्थायी दुकानें
- जनरल स्टोर: घर के पास रोज़ की ज़रूरतें।
- एक ही प्रकार के सामान की दुकान: जैसे जूते या किताबें।
- विशिष्ट दुकान: एक तरह का सामान गहराई से, जैसे बच्चों के कपड़े।
- सड़क किनारे स्टॉल: भीड़ वाले कोनों पर।
- पुराने सामान की दुकान: पुरानी किताबें, फ़र्नीचर, कपड़े।
बड़े फुटकर व्यापारी: विभागीय भंडार, शृंखला भंडार, डाक आदेश
विभागीय भंडार
एक बड़ा भंडार जिसमें एक छत और एक प्रबंध के नीचे कई विभाग होते हैं, हर विभाग अलग तरह का सामान बेचता है। गुण: एक ही जगह सब ख़रीदारी, आकर्षक सेवाएँ, केंद्रीय स्थान। सीमाएँ: ऊँचा ख़र्च, इसलिए दाम ज़्यादा हो सकते हैं; कम व्यक्तिगत ध्यान।
शृंखला भंडार (बहुसंख्यक दुकानें)
एक कंपनी की अलग-अलग इलाकों में एक जैसी दुकानों का जाल, एक जैसा मानक सामान और एक जैसे दाम, केंद्रीय ख़रीद। गुण: बड़ी ख़रीद से कम लागत, जोखिम बँटता है, हर जगह एक गुणवत्ता। सीमाएँ: सीमित सामान, दुकान प्रबंधक को कम आज़ादी, कम व्यक्तिगत सेवा।
डाक आदेश गृह
विज्ञापन, सूची-पत्र या पत्रों से बेचते हैं, डाक से ऑर्डर लेते हैं और माल डाक से भेजते हैं, अक्सर वी.पी.पी. / डिलीवरी पर भुगतान। दुकान नहीं, इसलिए कम लागत और दूर तक पहुँच। सीमाएँ: ख़रीदार पहले माल देख नहीं सकता, व्यक्तिगत संपर्क नहीं, डिलीवरी में देरी। ऑनलाइन ख़रीदारी इसका आधुनिक रूप है।
विभागीय भंडार बनाम शृंखला भंडार
- स्थान: एक केंद्रीय जगह बनाम ख़रीदारों के पास कई जगह।
- सामान: लगभग सब कुछ बनाम सीमित प्रकार।
- दाम: बदल सकते हैं बनाम हर जगह एक।
- उधार: दे सकते हैं बनाम ज़्यादातर नकद।
वस्तु एवं सेवा कर (GST)
GST वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति पर एक गंतव्य-आधारित कर है, जो भारत में 1 जुलाई 2017 से लागू हुआ। इसने उत्पाद शुल्क, सेवा कर, VAT जैसे कई पुराने अप्रत्यक्ष करों की जगह ली: "एक राष्ट्र, एक कर"।
GST के भाग
- CGST (केंद्रीय GST) और SGST/UTGST (राज्य या केंद्रशासित प्रदेश GST): बिक्री एक ही राज्य के अंदर हो तो आधा-आधा।
- IGST (एकीकृत GST): माल एक राज्य से दूसरे में जाए तो केंद्र लगाता है; बाद में उपभोग वाले राज्य से बाँटता है।
इनपुट टैक्स क्रेडिट
हर चरण पर विक्रेता सिर्फ़ अपने जोड़े मूल्य पर GST देता है, क्योंकि ख़रीद पर दिए GST की छूट मिलती है। इसलिए "कर पर कर" (व्यापक प्रभाव) नहीं होता।
दूसरी बातें
- GST परिषद (केंद्र और राज्यों के वित्त मंत्री) दरें तय करती है।
- दरें स्लैब में; सितंबर 2025 से मुख्य स्लैब 5% और 18%, विलासिता और हानिकारक वस्तुओं पर 40%, बहुत सी ज़रूरी चीज़ों पर 0%।
- एक सीमा से ज़्यादा कारोबार वाले व्यवसायों को पंजीकरण कर GSTIN लेना होता है; रिटर्न ऑनलाइन।
लाभ
पूरे देश का एक बाज़ार, ऑनलाइन रिकॉर्ड से कर चोरी कम, राज्यों के बीच माल का आसान आवागमन (चेक-पोस्ट नहीं), और इनपुट टैक्स क्रेडिट से व्यापारियों की लागत कम।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- आंतरिक व्यापार = थोक व्यापार + फुटकर व्यापार (सीमा शुल्क नहीं)
- कड़ी: उत्पादक → थोक व्यापारी → फुटकर व्यापारी → उपभोक्ता
- राज्य के अंदर बिक्री: GST = CGST + SGST (आधा-आधा)
- राज्यों के बीच बिक्री: GST = IGST (पूरी दर)
- किसी चरण पर देय कर = बिक्री पर GST − ख़रीद पर इनपुट टैक्स क्रेडिट
हल किए गए उदाहरण
1. जयपुर की दुकान जयपुर के ही ख़रीदार को ₹1,000 का सामान 18% GST पर बेचती है। कर बाँटिए।
GST = 1,000 का 18% = ₹180। एक ही राज्य, इसलिए CGST ₹90 + SGST ₹90। ख़रीदार ₹1,180 देगा।
2. वही सामान जयपुर से चेन्नई के ख़रीदार को भेजा जाता है। कौन-सा कर लगेगा?
राज्यों के बीच बिक्री: 18% IGST = ₹180, केंद्र वसूलेगा (बाद में तमिलनाडु से बाँटेगा)।
3. फुटकर व्यापारी ₹500 + 18% GST पर ख़रीदकर ₹700 + 18% GST पर बेचता है। इनपुट टैक्स क्रेडिट के बाद कितना GST जमा करेगा?
बिक्री पर GST = 126। ख़रीद पर दिया GST = 90। जमा = 126 − 90 = ₹36, जो उसके जोड़े ₹200 मूल्य का 18% है।
4. वर्गीकरण करें: (क) बस अड्डे पर भुट्टा बेचने वाला, (ख) जूतों की दुकान, (ग) साइकिल पर गाँव-गाँव खिलौने बेचने वाला, (घ) पुरानी किताबों की दुकान।
(क) पटरी विक्रेता (भ्रमणशील), (ख) एक ही प्रकार की स्थायी दुकान, (ग) फेरीवाला (भ्रमणशील), (घ) पुराने सामान की दुकान (स्थायी)।
5. एक कंपनी की कई शहरों में 300 एक जैसी दुकानें हैं जो एक ही दाम पर वही कमीज़ें बेचती हैं। यह किस प्रकार का फुटकर व्यापार है, एक गुण बताइए।
शृंखला भंडार। गुण: केंद्रीय बड़ी ख़रीद से लागत कम, और जोखिम कई दुकानों में बँटता है।
6. थोक व्यापारी छोटी किराना दुकान को कौन-सी दो सेवाएँ देता है?
छोटी मात्रा में बेचता है ताकि बड़ा स्टॉक न रखना पड़े, और उधार पर माल देता है; साथ में कई ब्रांड एक जगह उपलब्ध कराता है।
आम गलतियाँ
- कहना कि आंतरिक व्यापार में सीमा शुल्क लगता है। सीमा शुल्क सिर्फ़ विदेशी व्यापार में है।
- शृंखला भंडार को विभागीय भंडार कहना। शृंखला = कई जगह एक जैसी कई दुकानें; विभागीय भंडार = कई विभागों वाला एक बड़ा भंडार।
- राज्यों के बीच बिक्री पर CGST + SGST लगाना। दो राज्यों के बीच IGST लगता है।
- सोचना कि हर चरण पर पूरे दाम पर GST लगता है। इनपुट टैक्स क्रेडिट से हर विक्रेता सिर्फ़ जोड़े गए मूल्य पर कर देता है।