अवसर पहचानना और पर्यावरण अवलोकन
विचार किसी उत्पाद या सेवा के बारे में सोच है। अवसर वह विचार है जिसके लिए लोग पैसे देंगे, लाभ के साथ, सही समय पर। अवसर पहचानना यानी ऐसे मौकों के लिए सजग रहना।
पर्यावरण अवलोकन व्यवसाय के आसपास की दुनिया को ध्यान से देखकर बदलाव खोजना है। देखिए:
- ग्राहक और समाज: नई आदतें, जनसंख्या की उम्र, जीवनशैली, त्योहार।
- तकनीक: नए उपकरण, ऐप, सस्ते सौर पैनल, तेज़ इंटरनेट।
- सरकारी नियम: नए क़ानून, प्लास्टिक पर रोक, योजनाएँ और सब्सिडी।
- अर्थव्यवस्था: आय का बढ़ना-घटना, क़ीमतें, ब्याज दर।
- प्रतियोगी और प्रकृति: दूसरे क्या बेचते हैं, पानी की कमी, जलवायु परिवर्तन।
एक आसान साधन SWOT है: आपकी ताक़त और कमज़ोरी (अंदर), और अवसर तथा ख़तरे (बाहर)।
समस्या पहचानना और विचार क्षेत्र
ज़्यादातर अच्छे विचार किसी असली समस्या को हल करते हैं। पूछिए: कौन परेशान है? क्या बहुत समय लेता है, बहुत महँगा है या मिलता ही नहीं? लोगों से बात कीजिए, उन्हें देखिए और शिकायतें सुनिए।
विचार क्षेत्र (विचारों के स्रोत)
- प्राकृतिक और स्थानीय संसाधन: फल, मिट्टी, बाँस, समुद्री भोजन, धूप।
- कौशल, शौक और शिक्षा: खाना बनाना, कोडिंग, कला, मरम्मत।
- किसी समूह की ज़रूरतें: छात्र, बुज़ुर्ग, नौकरीपेशा माता-पिता, किसान।
- कचरा: कचरे से कमाई (रीसायकल काग़ज़, खाद, बायोगैस)।
- व्यापार और सेवाएँ: आयात, निर्यात, डिलीवरी, पर्यटन।
- तकनीक और शोध: नए आविष्कार, ऐप, पेटेंट।
रुझान पहचानना
रुझान (ट्रेंड) लोगों के जीने या ख़रीदने के तरीके में ऐसा बदलाव है जो कई साल बढ़ता है। फ़ैड छोटा सा जुनून है जो जल्दी ख़त्म हो जाता है। रुझान पर बने व्यवसाय लंबे चलते हैं।
रुझान के उदाहरण: ऑनलाइन ख़रीदारी और डिजिटल भुगतान, सेहत और फ़िटनेस, बढ़ती बुज़ुर्ग आबादी, हरित ऊर्जा, घर से काम, छोटे वीडियो। रुझान समाचार, सरकारी आँकड़ों, व्यापार मेलों, सोशल मीडिया और युवाओं को देखकर मिलते हैं।
सृजनशीलता और नवप्रवर्तन
सृजनशीलता नए और उपयोगी विचार सोचने की क्षमता है। नवप्रवर्तन सृजनात्मक विचार को व्यवहार में लाना है: नया उत्पाद, नई प्रक्रिया या बेचने का नया तरीका।
सृजनशीलता की प्रक्रिया
- तैयारी: समस्या के तथ्य जुटाना।
- उद्भवन (इनक्यूबेशन): मन को आराम; विचार चुपचाप पकते हैं।
- प्रबोधन (इल्यूमिनेशन): "अहा!" वाला पल।
- सत्यापन: जाँचना कि विचार सच में काम करता है।
साधन: विचार-मंथन (ब्रेनस्टॉर्मिंग) (बिना आलोचना के ढेर सारे विचार), माइंड मैप, "अगर ऐसा हो तो?" पूछना, दो विचारों को जोड़ना, और प्रकृति से सीखना।
सही अवसर का चयन
बहुत से विचार जुटाने के बाद उनकी छँटाई कीजिए। हर विचार को जाँचिए:
- माँग: क्या पैसे देने वाले पर्याप्त ग्राहक हैं?
- कौशल और रुचि: क्या आप और आपकी टीम इसे अच्छी तरह कर सकते हैं?
- पैसा: क्या ज़रूरी पूँजी जुटा सकते हैं?
- प्रतियोगिता: कितने लोग यह बेचते हैं? आपका क्या ख़ास है?
- जोखिम और नियम: लाइसेंस, सुरक्षा, क्या-क्या ग़लत हो सकता है?
- लाभ: क्या क़ीमत लागत से ज़्यादा होगी?
हर विचार को अंक दीजिए, सबसे अच्छा चुनिए, फिर व्यवहार्यता अध्ययन से परखिए और व्यवसाय योजना लिखिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- अवसर = विचार + पैसे देने वाले ग्राहक + सही समय + लाभ
- विचार के अंक = माँग × 3 + कौशल × 2 + पैसा × 2 + कम प्रतियोगिता × 1 (उदाहरण पैमाना)
- सृजनशीलता के चरण: तैयारी → उद्भवन → प्रबोधन → सत्यापन
- रुझान (सालों चलता) ≠ फ़ैड (जल्दी ख़त्म)
हल किए गए उदाहरण
1. रुझान या फ़ैड बताइए: (a) डिजिटल भुगतान, (b) वायरल डांस चैलेंज, (c) छत पर सौर पैनल।
(a) रुझान। (b) फ़ैड। (c) रुझान।
2. एक क़स्बे में बहुत पर्यटक आते हैं पर साफ़ सार्वजनिक शौचालय नहीं हैं। इसे व्यवसाय विचार बनाइए और विचार क्षेत्र बताइए।
विचार: साफ़ "भुगतान करो और उपयोग करो" शौचालय, साथ में छोटा कैफ़े या दुकान। विचार क्षेत्र: एक समूह (पर्यटकों) की ज़रूरत और सेवाएँ।
3. उदाहरण पैमाने से अंक निकालिए: माँग 4, कौशल 3, पैसा 2, कम प्रतियोगिता 5 (हर एक 5 में से)।
4×3 + 3×2 + 2×2 + 5×1 = 12 + 6 + 4 + 5 = 40 में से 27। "शायद": पहले पैसे की योजना सुधारिए।
4. सृजनशीलता का कौन-सा चरण है: छात्र किसानों के अनाज भंडारण का अध्ययन करता है, फिर भूल जाता है, और साइकिल चलाते हुए विचार आता है?
अध्ययन = तैयारी; भूल जाना = उद्भवन; साइकिल पर विचार = प्रबोधन। इसके बाद सत्यापन (परखना) आता है।
आम गलतियाँ
- हर विचार को अवसर मान लेना: अवसर के लिए पैसे देने वाले ग्राहक और लाभ चाहिए।
- फ़ैड के पीछे भागना: जाँचिए कि बदलाव सालों चलेगा या नहीं।
- विचार-मंथन के दौरान ही विचारों को परखना: पहले ढेर सारे विचार, परख बाद में।
- कौशल, पैसा और प्रतियोगिता जाँचे बिना सिर्फ़ रोमांचक लगने से विचार चुन लेना।