सामाजिक उत्तरदायित्व की अवधारणा
व्यवसाय का सामाजिक उत्तरदायित्व उसका ऐसा कर्तव्य है कि वह ऐसे फ़ैसले और काम करे जो सिर्फ़ उसके लाभ के लिए नहीं, समाज के लिए भी अच्छे हों। यह कानूनी दायित्व से ज़्यादा है: कानून मानना न्यूनतम है, सामाजिक उत्तरदायित्व उससे आगे अपनी इच्छा से किया गया काम है।
अक्सर चार प्रकार बताए जाते हैं: आर्थिक (समाज को चाहिए ऐसा सामान बनाना और लाभ कमाना), कानूनी (कानून मानना), नैतिक (सही काम करना, भले कोई कानून न कहे) और विवेकशील (पूरी तरह स्वैच्छिक मदद, जैसे दान)।
सामाजिक उत्तरदायित्व के पक्ष में तर्क
- अस्तित्व और विकास का औचित्य: व्यवसाय तभी टिकता है जब समाज की सेवा करे।
- दीर्घकालीन स्वहित: ख़ुश ग्राहक, कर्मचारी और पड़ोसी व्यवसाय की ही मदद करते हैं।
- सरकारी नियंत्रण से बचाव: ज़िम्मेदार व्यवहार से सख़्त नए कानूनों की ज़रूरत घटती है।
- समाज की व्यवस्था बनाए रखना: ठगे हुए लोग व्यवसाय के विरोधी हो सकते हैं; परवाह से शांति रहती है।
- संसाधनों की उपलब्धता: व्यवसाय के पास पैसा, कौशल और प्रबंधक हैं।
- समस्याओं को अवसर में बदलना: जैसे कचरे से नया उत्पाद।
- व्यवसाय के लिए बेहतर वातावरण: स्वस्थ समाज बेहतर बाज़ार है।
- सामाजिक समस्याओं की ज़िम्मेदारी: जैसे प्रदूषण, जो व्यवसाय ने पैदा किया।
विपक्ष में तर्क (संक्षेप में)
कुछ लोग कहते हैं कि इससे लाभ घटता है, उपभोक्ता पर बोझ पड़ता है (लागत से दाम बढ़ सकते हैं), व्यवसाय में सामाजिक कौशल नहीं, और व्यवसाय के पास पहले ही बहुत शक्ति है। कुल मिलाकर पक्ष के तर्क ज़्यादा मज़बूत हैं।
विभिन्न हित समूहों के प्रति उत्तरदायित्व
स्वामियों (शेयरधारकों) के प्रति
व्यवसाय अच्छी तरह चलाना, उचित लाभ देना और उनके पैसे का सही उपयोग।
निवेशकों (ऋणदाता, बैंक) के प्रति
पैसे की सुरक्षा, समय पर ब्याज और वापसी, फ़र्म के बारे में सच्ची और पूरी जानकारी।
उपभोक्ताओं के प्रति
सुरक्षित, अच्छी गुणवत्ता का सामान उचित मूल्य पर; मिलावट, जमाख़ोरी, कालाबाज़ारी या झूठे विज्ञापन नहीं; शिकायतों का जल्दी हल; जानकारी पाने के अधिकार का सम्मान।
कर्मचारियों के प्रति
उचित वेतन, सुरक्षित काम की जगह, सीखने-बढ़ने के मौके, सम्मान और उनसे जुड़े फ़ैसलों में राय।
सरकार के प्रति
कानून मानना, ईमानदारी से कर देना, प्रदूषण और सुरक्षा नियम मानना, और ग़लत तरीकों से लाभ न लेना।
समुदाय के प्रति
रोज़गार देना, स्कूल, स्वास्थ्य और आपदा राहत में मदद, स्थानीय संस्कृति की रक्षा और कमज़ोर वर्गों का साथ।
व्यवसाय और पर्यावरण संरक्षण
उद्योग से वायु प्रदूषण (धुआँ), जल प्रदूषण (नदियों में कचरा), भूमि प्रदूषण (ज़हरीला कचरा) और ध्वनि प्रदूषण (मशीनें) होता है। प्रदूषण सेहत बिगाड़ता है, प्रकृति नष्ट करता है और सबका जीवन-स्तर घटाता है।
प्रदूषण नियंत्रण क्यों?
लोगों की सेहत बचाने, नुकसान की लागत घटाने, फ़र्म की छवि सुधारने, कानून मानने और भविष्य के लिए प्राकृतिक संसाधन बचाने के लिए।
व्यवसाय क्या कर सकता है
- शीर्ष प्रबंधन स्वच्छ पर्यावरण के लिए प्रतिबद्ध हो।
- स्वच्छ तकनीक, फ़िल्टर और गंदे पानी का उपचार।
- कम करो, दोबारा उपयोग करो, रीसायकल करो; प्लास्टिक घटाओ; ऊर्जा और पानी बचाओ।
- प्रदूषण नियंत्रण के सभी कानून मानो।
- सरकार और समुदाय के कार्यक्रमों में भाग लो, जैसे पेड़ लगाना।
- अपने प्रदूषण की नियमित जाँच करो और आपूर्तिकर्ताओं व डीलरों को भी सिखाओ।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- सामाजिक उत्तरदायित्व = कानून से आगे, समाज के प्रति स्वैच्छिक कर्तव्य।
- चार प्रकार: आर्थिक, कानूनी, नैतिक, विवेकशील।
- हित समूह: स्वामी, निवेशक, उपभोक्ता, कर्मचारी, सरकार, समुदाय।
- प्रदूषण के प्रकार: वायु, जल, भूमि, ध्वनि।
- भारत में CSR: एक तय आकार से बड़ी कंपनियों को औसत शुद्ध लाभ का 2% सामाजिक कामों पर।
हल किए गए उदाहरण
1. साबुन कंपनी पैक पर सही वज़न और सारी सामग्री छापती है और ख़राब पैक जल्दी बदलती है। वह किस समूह के प्रति ज़िम्मेदार है?
उपभोक्ताओं के प्रति: ईमानदार जानकारी और शिकायत का जल्दी हल।
2. फ़ैक्टरी समय पर वेतन देती है, सुरक्षा उपकरण देती है और कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण चलाती है। कौन-सा समूह?
कर्मचारी।
3. कंपनी का तीन साल का औसत शुद्ध लाभ ₹50 करोड़ है। 2% CSR पर ख़र्च करना हो तो कितना?
₹50 करोड़ का 2% = ₹1 करोड़।
4. कपड़ा इकाई ने उपचार संयंत्र लगाया ताकि रंगीन पानी नदी में जाने से पहले साफ़ हो। कौन-सा उत्तरदायित्व?
पर्यावरण संरक्षण (और समुदाय के प्रति उत्तरदायित्व)।
5. व्यवसाय कहता है, "कानून इस सस्ते रंग पर रोक नहीं लगाता, पर यह बच्चों को नुकसान कर सकता है, इसलिए हम इसे नहीं लगाएँगे।" यह कानूनी है या सामाजिक उत्तरदायित्व?
सामाजिक (नैतिक) उत्तरदायित्व, क्योंकि यह कानून से आगे है।
आम गलतियाँ
- सामाजिक उत्तरदायित्व को कानून मानना ही समझना। यह कानून से आगे है।
- सोचना कि सिर्फ़ दान गिना जाता है। उचित वेतन, सुरक्षित सामान और ईमानदार कर भी सामाजिक उत्तरदायित्व हैं।
- निवेशकों को स्वामियों जैसा ही मानना: ऋणदाता और बैंक को पैसे की सुरक्षा और सच्ची जानकारी चाहिए।
- मानना कि प्रदूषण नियंत्रण सिर्फ़ ख़र्च है। इससे पैसा भी बचता है, जुर्माने से बचाव होता है और छवि सुधरती है।