नए उद्यम के वित्तीय लक्ष्य
वित्तीय लक्ष्य बताता है कि व्यवसाय को पैसे का कौन-सा परिणाम कब तक चाहिए। अच्छे लक्ष्य SMART होते हैं: विशिष्ट, मापने योग्य, पाने योग्य, प्रासंगिक, समय-बद्ध।
- बिक्री लक्ष्य: "पहले 12 महीनों में 60,000 की बिक्री।"
- लाभ लक्ष्य: "8वें महीने तक सम-विच्छेद और दूसरे साल 10% लाभ।"
- नकद लक्ष्य: "बैंक में हमेशा कम से कम 2,000।"
- ऋण लक्ष्य: "7,000 का ऋण 2 साल में चुकाना।"
- निजी लक्ष्य: "10वें महीने से खुद को 1,500 प्रति माह।"
"बहुत पैसा कमाना" SMART नहीं: न मापा जा सकता, न समय-सीमा है।
प्रारंभिक पूँजी और वित्त के स्रोत
प्रारंभिक पूँजी वह सारा पैसा है जो व्यवसाय के अपने खर्च खुद उठाने लायक कमाने से पहले चाहिए:
- एक-बार की लागत: उपकरण, फ़र्नीचर, मरम्मत, लाइसेंस, वेबसाइट, पहला माल।
- कार्यशील पूँजी गद्दी: बिक्री बढ़ने तक पहले कुछ महीनों का किराया, वेतन, बिल।
उदाहरण: उपकरण 12,000 + सेटअप 3,000 + गद्दी 5,000 = 20,000।
वित्त के स्रोत
| स्वामित्व पूँजी (Equity) | उधार पूँजी (Debt) |
|---|---|
| मालिक की बचत; हिस्सेदार बनने वाले परिवार-मित्र; साझेदार; एंजेल निवेशक, वेंचर कैपिटल; क्राउडफ़ंडिंग | बैंक ऋण और क्रेडिट लाइन; सरकारी स्टार्टअप ऋण (जैसे भारत में मुद्रा ऋण); पूर्तिकर्ता की उधारी; क्रेडिट कार्ड (महँगा) |
अनुदान लौटाना नहीं पड़ता। स्वामित्व पूँजी लौटानी नहीं पड़ती पर मालिकाना हिस्सा देना पड़ता है; ऋण ब्याज सहित लौटाना पड़ता है पर नियंत्रण मालिक के पास रहता है। ऋणदाता चाहते हैं कि मालिक भी अपना पैसा लगाए और ज़मानत (गिरवी संपत्ति) माँग सकते हैं।
नकद-प्रवाह अनुमान
नकद-प्रवाह अनुमान हर महीने आने और जाने वाले नकद का अंदाज़ा है, आम तौर पर 12 महीने का।
शुरुआती नकद + नकद आवक − नकद जावक = अंतिम नकद; इस महीने का अंतिम नकद अगले महीने का शुरुआती नकद है।
| माह | शुरुआती | आवक | जावक | अंतिम |
|---|---|---|---|---|
| 1 | 5,000 | 2,000 | 6,000 | 1,000 |
| 2 | 1,000 | 3,000 | 6,000 | −2,000 |
| 3 | −2,000 | 6,000 | 6,000 | −2,000 |
| 4 | −2,000 | 8,000 | 6,000 | 0 |
क्यों ज़रूरी: कागज़ पर लाभ होते हुए भी नकद खत्म हो सकता है, क्योंकि ग्राहक देर से देते हैं या बड़े बिल पहले आते हैं। अनुमान कमी पहले दिखा देता है, ताकि मालिक क्रेडिट लाइन ले, खरीद टाले या वसूली तेज़ करे। बैंक लगभग हमेशा यह माँगते हैं।
परिचालन बजट, सम-विच्छेद और बैंक से काम
परिचालन बजट
साल की आय और खर्च की योजना: बिक्री पूर्वानुमान, बेचे माल की लागत, स्थिर लागत (किराया, बीमा, वेतन), परिवर्ती लागत (कच्चा माल, पैकिंग) और अनुमानित लाभ। हर महीने वास्तविक परिणाम इससे मिलाए जाते हैं।
सम-विच्छेद बिंदु
सम-विच्छेद इकाइयाँ = स्थिर लागत ÷ (बिक्री मूल्य − प्रति इकाई परिवर्ती लागत)। स्थिर लागत 4,000, कीमत 50, परिवर्ती लागत 30: 4,000 ÷ 20 = 200 इकाई। 200 से कम = हानि; ज़्यादा = लाभ।
नकद सँभालना और वित्तीय संस्थाओं से काम
- व्यवसाय का अलग बैंक खाता खोलें; जमा पर्ची से रोज़ नकद जमा करें।
- चेक, कार्ड, UPI या बैंक ट्रांसफ़र से भुगतान, रसीद रखें; हर महीने बैंक विवरण मिलाएँ।
- ऑनलाइन बैंकिंग और POS भुगतान सुरक्षित ढंग से इस्तेमाल करें।
- ऋण के लिए व्यवसाय योजना, वित्तीय विवरण और नकद-प्रवाह अनुमान तैयार करें; ब्याज दर, शुल्क और चुकाने की शर्तें मिलाएँ; अच्छा क्रेडिट इतिहास बनाएँ।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- प्रारंभिक पूँजी = एक-बार की लागत + कार्यशील पूँजी गद्दी
- अंतिम नकद = शुरुआती नकद + आवक − जावक
- सम-विच्छेद इकाइयाँ = स्थिर लागत ÷ (कीमत − प्रति इकाई परिवर्ती लागत)
- प्रति इकाई अंशदान = कीमत − परिवर्ती लागत
- लाभ = आय − कुल लागत
हल किए गए उदाहरण
1. एक बेकरी को ओवन 9,000, सजावट 4,500, परमिट 500 चाहिए और 4 महीने की 1,500 प्रति माह की गद्दी। प्रारंभिक पूँजी?
एक-बार = 14,000। गद्दी = 6,000। प्रारंभिक पूँजी = 20,000।
2. शुरुआती नकद 3,000। माह 1: आवक 4,000, जावक 5,500। माह 2: आवक 5,000, जावक 5,500। हर माह का अंतिम नकद?
माह 1: 3,000 + 4,000 − 5,500 = 1,500। माह 2: 1,500 + 5,000 − 5,500 = 1,000।
3. स्थिर लागत 6,000 प्रति माह; कीमत 25; परिवर्ती लागत 10। सम-विच्छेद इकाइयाँ?
अंशदान 15। 6,000 ÷ 15 = 400 इकाई।
4. ऊपर के उदाहरण में 500 इकाई बिकें तो लाभ?
आय 12,500 − (6,000 + 5,000) = 1,500। या (500 − 400) × 15 = 1,500।
5. प्रारंभिक पूँजी 20,000। मालिक के पास 8,000, बैंक प्रारंभिक पूँजी का 50% तक ऋण देगा। और कितना चाहिए?
ऋण 10,000। 8,000 + 10,000 = 18,000। अभी 2,000 और (परिवार, अनुदान या क्राउडफ़ंडिंग)।
6. क्या "बिक्री बढ़ाना" SMART लक्ष्य है? सुधारें।
नहीं: न मापने योग्य, न समय-बद्ध। बेहतर: "जून के अंत तक मासिक बिक्री 4,000 से 5,000 करना।"
आम गलतियाँ
- नकद गद्दी भूलकर प्रारंभिक लागत में केवल उपकरण गिनना।
- लाभ और नकद को एक मानना। लाभ वाला व्यवसाय भी नकद से खाली हो सकता है।
- सम-विच्छेद सूत्र में अंशदान (कीमत − परिवर्ती लागत) की जगह बिक्री मूल्य लेना।
- नकद-प्रवाह में हर महीना शून्य से शुरू करना, पिछले महीने का अंतिम नकद आगे न ले जाना।