Ontario Grade 11 BDP3O Entrepreneurship: The Enterprising Person (Grade 11, Open)
अध्याय: 4
1. Developing and Completing a Venture Plan for the Proposed Business
1 Resource Analysis · 2 The Production Plan · 3 The Marketing Plan · 4 The Financial Plan · 5 Completing the Venture Plan
- उद्यमिता विकास – उद्यमिता का अर्थ है ज़रूरत पहचानकर, संसाधन जोड़कर और जोखिम उठाकर नया व्यवसाय शुरू करना। भारत को रोज़गार, नए विचारों और संतुलित विकास के लिए उद्यमी चाहिए। प्रक्रिया खुद को जानने से शुरू होकर व्यवसाय शुरू करने और बढ़ाने तक जाती है। स्टार्टअप इंडिया (2016) नई फ़र्मों की मदद करता है; पैसा बचत, एंजेल, वेंचर कैपिटल, बैंक और क्राउडफ़ंडिंग से आता है; और बौद्धिक संपदा अधिकार नए विचारों, ब्रांड और रचनाओं की रक्षा करते हैं।
- विपणन प्रबंध – विपणन का मतलब है ख़रीदारों की ज़रूरत पहचानना और मूल्य के बदले, लाभ के साथ, उसे पूरा करना। इसके कई कार्य हैं (अनुसंधान, योजना, ब्रांड, लेबल, पैकेजिंग, कीमत, संवर्धन, वितरण, सेवा) और पाँच विचारधाराएँ (उत्पादन, उत्पाद, विक्रय, विपणन, सामाजिक विपणन)। विपणन मिश्र 4P है: उत्पाद (ब्रांड, लेबल, पैकेजिंग के साथ), कीमत (लागत, माँग, प्रतियोगिता, सरकारी नियम, उद्देश्य और विपणन तरीकों से तय), स्थान (माध्यम और भौतिक वितरण) और संवर्धन (विज्ञापन, व्यक्तिगत विक्रय, विक्रय संवर्धन, जनसंपर्क)।
- व्यवसाय की वित्तीय योजना – वित्तीय योजना बताती है कि व्यवसाय अपना खर्च कैसे उठाएगा। इसमें SMART वित्तीय लक्ष्य, ज़रूरी प्रारंभिक पूँजी, वित्त के स्रोत (मालिक का पैसा, ऋण, निवेशक, अनुदान), हर महीने का नकद-प्रवाह अनुमान ताकि कमी पहले दिख जाए, और सम-विच्छेद बिंदु के साथ परिचालन बजट होता है। साथ ही नकद सँभालने और बैंक से काम करने के तरीके भी।
2. The Changing Nature of the Workplace
1 Factors Affecting the Labour Market · 2 Changes in the Workplace · 3 The Enterprising Work Environment · 4 Employability Skills
- श्रम बाज़ार (Labour Market) – श्रम बाज़ार में मज़दूर अपना समय और हुनर बेचते हैं और नियोक्ता उसे खरीदते हैं। कंपनी को मज़दूर इसलिए चाहिए क्योंकि लोग उसका सामान खरीदते हैं (व्युत्पन्न माँग)। मज़दूरी बढ़े तो ज़्यादा लोग काम को तैयार होते हैं। मज़दूरी वहाँ तय होती है जहाँ माँग और पूर्ति मिलती हैं। न्यूनतम मज़दूरी वेतन बढ़ा सकती है पर नौकरियाँ घटा भी सकती है। यूनियन, एक बड़ा नियोक्ता (मोनोप्सनी), हुनर, भेदभाव और नई तकनीक भी मज़दूरी बदलते हैं।
- उद्यमशील व्यक्ति: बदलते कार्यस्थल के लिए कौशल – तकनीक, वैश्विक व्यापार, गिग व रिमोट काम और हरित नौकरियों की वजह से काम लगातार बदल रहा है। उद्यमशील व्यक्ति पहल करता है, नए ढंग से सोचता है, समस्याएँ सुलझाता है, तथ्य जाँचकर सोचता है, टीम में काम करता है और ख़ुद को सँभालता है। नियोक्ता इन्हें रोज़गार-योग्य कौशल कहते हैं। स्व-मूल्यांकन से इन्हें मापिए और स्कूल, क्लब, स्वयंसेवा व पार्ट-टाइम काम से बढ़ाइए।
- पर्यावरण संरक्षण: तकनीक इस्तेमाल करते हुए धरती की देखभाल – पर्यावरण संरक्षण (environmental stewardship) का मतलब है धरती के संसाधनों को सोच-समझकर इस्तेमाल करना ताकि वे लंबे समय तक चलें, और जहाँ नुक़सान हुआ हो उसे ठीक करना। फ़ोन हो या अस्पताल की मशीन, हर उत्पाद का एक जीवन-चक्र होता है: कच्चा माल, निर्माण, परिवहन, उपयोग और जीवन का अंत। हर चरण में ऊर्जा लगती है और कचरा बनता है। अच्छा संरक्षक चीज़ें लंबे समय तक चलाता है, कम बिजली वाली मशीनें चुनता है, कचरा-पदानुक्रम मानता है, ई-कचरा सही जगह देता है और प्रकृति बचाने वाले नियमों का साथ देता है।
3. Entrepreneurship and the Enterprising Employee
1 Entrepreneurial Characteristics and Factors Affecting Successful Entrepreneurship · 2 Attitudes and Attributes of Enterprising Employees · 3 Reactions to Uncertainty and Risk · 4 The Contributions of Enterprising Employees
- उद्यमिता विकास – उद्यमिता का अर्थ है ज़रूरत पहचानकर, संसाधन जोड़कर और जोखिम उठाकर नया व्यवसाय शुरू करना। भारत को रोज़गार, नए विचारों और संतुलित विकास के लिए उद्यमी चाहिए। प्रक्रिया खुद को जानने से शुरू होकर व्यवसाय शुरू करने और बढ़ाने तक जाती है। स्टार्टअप इंडिया (2016) नई फ़र्मों की मदद करता है; पैसा बचत, एंजेल, वेंचर कैपिटल, बैंक और क्राउडफ़ंडिंग से आता है; और बौद्धिक संपदा अधिकार नए विचारों, ब्रांड और रचनाओं की रक्षा करते हैं।
4. Enterprising Skills
1 Assessing Skills · 2 Assessing Personal Progress · 3 Identifying Opportunities for Developing Enterprising Skills
- उद्यमशील व्यक्ति: बदलते कार्यस्थल के लिए कौशल – तकनीक, वैश्विक व्यापार, गिग व रिमोट काम और हरित नौकरियों की वजह से काम लगातार बदल रहा है। उद्यमशील व्यक्ति पहल करता है, नए ढंग से सोचता है, समस्याएँ सुलझाता है, तथ्य जाँचकर सोचता है, टीम में काम करता है और ख़ुद को सँभालता है। नियोक्ता इन्हें रोज़गार-योग्य कौशल कहते हैं। स्व-मूल्यांकन से इन्हें मापिए और स्कूल, क्लब, स्वयंसेवा व पार्ट-टाइम काम से बढ़ाइए।