सामान्य और विशेष तकनीकें
वन संवर्धन (silviculture) जंगल उगाने का विज्ञान और हुनर है। इसके दो स्तर हैं।
सामान्य तकनीकें बड़ी योजना हैं। आप चुनते हैं:
- प्राकृतिक पुनर्जनन: जंगल अपने आप गिरे बीजों और कल्लों से फिर उगता है।
- कृत्रिम पुनर्जनन: लोग पौधे लगाते हैं या बीज बोते हैं।
- समआयु वन: सब पेड़ लगभग एक उम्र के। विषमआयु वन: कई उम्र और आकार के पेड़।
विशेष तकनीकें ज़मीन पर होने वाले अलग-अलग काम हैं: भूमि तैयारी, रोपण, निराई, सफाई, छँटाई, शाखा कटाई और अंतिम कटाई। रोपण से अंतिम कटाई तक का समय चक्र अवधि (rotation) है, जैसे तेज़ बढ़ने वाले शंकुधारी के लिए 40 से 50 साल।
उत्पादन वन की संवर्धन तकनीक
उत्पादन वन मुख्य रूप से लकड़ी के लिए उगाया जाता है, इसलिए लक्ष्य है उचित खर्च में सीधा, मोटा, बिना गाँठ का तना। काम क्रम से:
- भूमि तैयारी: ज़मीन साफ़ करना और मिट्टी ढीली करना।
- रोपण: पौधे कतार में, अक्सर 2 मी की दूरी पर, यानी 1 हेक्टेयर में लगभग 2,500 पेड़।
- शुरू के सालों में निराई, ताकि पौधे छाया में न दबें।
- सफाई: लताएँ और बेकार छोटे पेड़ काटना।
- छँटाई (thinning): कमज़ोर या टेढ़े पेड़ हटाना। सबसे अच्छे पेड़ (फ़सल-वृक्ष) को ज़्यादा रोशनी मिलती है और वे मोटे होते हैं।
- शाखा कटाई (pruning): नीचे की डालियाँ काटना ताकि लट्ठे में गाँठें कम हों।
- चक्र के अंत में अंतिम कटाई, फिर दोबारा रोपण।
एक टुकड़े के सब पेड़ एक साथ काटना (क्लियर-कटिंग) सस्ता है और समआयु वन देता है। केवल कुछ पेड़ काटना (चयन या आश्रय-कटाई) ज़्यादा छाया रखता है पर महँगा है।
पर्यावरण वन का प्रबंधन
पर्यावरण वन सबके फ़ायदे के लिए रखा जाता है: साफ़ पानी, ढलान पर मज़बूत मिट्टी, वन्यजीव, साफ़ हवा और घूमने-सीखने की जगह। लकड़ी मुख्य लक्ष्य नहीं है।
- मिश्रित वन रखें जिसमें कई तरह के पेड़ हों और बहुस्तरीय रूप हो: ऊँचे पेड़, झाड़ियाँ और ज़मीन के पौधे।
- प्राकृतिक पुनर्जनन और लंबा चक्र चुनें, ताकि बड़े पुराने पेड़ बचे रहें।
- हल्की कटाई, छोटे टुकड़ों में। खड़ी ढलान पर नंगी ज़मीन से बचें।
- कुछ सूखी लकड़ी छोड़ें: उसमें कीड़े, फफूँद और पक्षी रहते हैं।
- नालों के किनारे पेड़ों की पट्टी रखें।
- कीट, आग और बहुत ज़्यादा चरते हिरण जैसी समस्याओं पर नज़र रखें और जल्दी कदम उठाएँ।
सही तकनीक का चुनाव
तीन सवाल पूछिए। यह जंगल किसलिए है? (लकड़ी, पानी, वन्यजीव)। ज़मीन क्या अनुमति देती है? (खड़ी या समतल, गीली या सूखी)। हम कितना इंतज़ार कर सकते हैं? फिर योजना चुनिए। कई जंगलों में दोनों मिलते हैं: समतल निचली ज़मीन पर लकड़ी के लिए कतारें, खड़ी ढलान और सोते के पास प्राकृतिक जंगल।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- प्रति हेक्टेयर पेड़ = 10,000 मी² / (कतार की दूरी × पेड़ की दूरी)
- छँटाई के बाद बचे पेड़ = पहले के पेड़ × (1 − हटाया हिस्सा)
- चक्र अवधि = रोपण से अंतिम कटाई तक के वर्ष
- मुख्य काम क्रम से: तैयारी, रोपण, निराई, सफाई, छँटाई, शाखा कटाई, कटाई
हल किए गए उदाहरण
1. पौधे 2 मी की दूरी पर, 2 मी की दूरी वाली कतारों में लगे हैं। 1 हेक्टेयर में कितने पेड़ आएँगे?
1 हेक्टेयर = 10,000 मी²। हर पेड़ को 2 × 2 = 4 मी² चाहिए। पेड़ = 10,000 / 4 = 2,500।
2. एक वन-खंड में 2,500 पेड़ हैं। पहली छँटाई में 30% हटाए गए। कितने बचे?
हटे = 0.30 × 2,500 = 750। बचे = 2,500 − 750 = 1,750 पेड़।
3. गाँव के ऊपर की पहाड़ी बारिश में मिट्टी खोती रहती है। कौन-सा वन और कौन-सी तकनीक ठीक है?
पर्यावरण वन। मिश्रित, बहुस्तरीय वन रखें, प्राकृतिक पुनर्जनन अपनाएँ, खड़ी ढलान पर क्लियर-कटिंग न करें और नाले के किनारे पेड़ों की पट्टी रखें।
4. 1 हेक्टेयर में पेड़ 2.5 मी × 2 मी पर लगे। कितने पेड़ हुए? लगभग 1,600 पेड़ के लिए कैसी दूरी चाहिए?
हर पेड़ को 5 मी² चाहिए, इसलिए 10,000 / 5 = 2,000 पेड़। 1,600 पेड़ के लिए हर एक को 10,000 / 1,600 = 6.25 मी² चाहिए, जैसे 2.5 मी × 2.5 मी।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि छँटाई पेड़ बर्बाद करती है। असल में यह अच्छे पेड़ों को मोटा होने की जगह देती है।
- निराई (छोटे पौधे, शुरू के साल) और छँटाई (पहले से बड़े पेड़ काटना) को मिला देना।
- यह मानना कि पर्यावरण वन कभी नहीं कटता। वह हल्के और सावधानी से कटता है, ज़्यादा लकड़ी के लिए नहीं।
- क्षेत्रफल बदलना भूलना: 1 हेक्टेयर 10,000 मी² है, 100 मी² नहीं।