कार्य प्रणालियाँ
कार्य प्रणाली (work system) खड़े पेड़ से ट्रक तक के कामों, लोगों और मशीनों की चुनी हुई कड़ी है। दो आम प्रणालियाँ:
- कट-टू-लेंथ प्रणाली: पेड़ गिराकर ठूँठ के पास ही लट्ठों में काट दिया जाता है। फिर फॉरवर्डर नाम की छोटी मशीन लट्ठे बाहर ले जाती है। टहनियाँ जंगल में रह जाती हैं।
- फुल-ट्री प्रणाली: पूरा पेड़ घसीटकर (स्किडिंग) सड़क किनारे लाया जाता है और लैंडिंग पर काटा जाता है।
चुनाव ढलान, मिट्टी, पेड़ के आकार और पैसे पर निर्भर है। हल्की ढलान पर मशीनें चल सकती हैं। खड़ी ढलान पर लट्ठे तारों से उठाए जाते हैं (केबल यार्डिंग), क्योंकि भारी गाड़ियाँ मिट्टी बिगाड़ देंगी। छोटी या कठिन जगह पर चेनसॉ से हाथ का काम होता है।
वन सड़क और कार्य पथ
सड़कें तय करती हैं कि कटाई कितनी सस्ती और सुरक्षित होगी।
- वन सड़क (forest road): स्थायी, चौड़ी (लगभग 4 मी या ज़्यादा), योजना से बनी, बजरी और नालियों वाली। ट्रक इस पर चलते हैं। यह आग बुझाने और जंगल की देखभाल में भी काम आती है।
- कार्य पथ (operation road): सँकरी (लगभग 2.5 से 3 मी), सादी सड़क जो वन सड़क से निकलकर जंगल के अंदर फॉरवर्डर और छोटे ट्रकों के लिए जाती है। यह खुरदरी हो सकती है और सालों चलती है।
अच्छी सड़कों की ढलान हल्की होती है, उनमें नालियाँ होती हैं ताकि बारिश गड्ढे न काटे, और वे नालों से बचती हैं। सड़क घनत्व = सड़क की लंबाई ÷ वन क्षेत्रफल, जैसे 30 मी प्रति हेक्टेयर। ज़्यादा सड़कों से काम आसान होता है पर खर्च और मिट्टी की छेड़छाड़ बढ़ती है।
फेलिंग, बकिंग और यार्डिंग
फेलिंग (felling) का मतलब है खड़े पेड़ को काटकर गिराना। कटाई करने वाला पहले पेड़ का झुकाव, हवा और रुकावटें देखता है, गिरने की दिशा और भागने का रास्ता तय करता है। फिर जिस तरफ पेड़ गिराना है उधर खाँचा (notch) काटता है और उलटी तरफ थोड़ा ऊपर पीछे का कट लगाता है। दोनों के बीच बची लकड़ी की पट्टी, कब्ज़ा (hinge), गिरावट की दिशा सँभालती है।
लिंबिंग डालियाँ हटाती है। बकिंग (bucking) तने को खरीदार की माँगी लंबाई, जैसे 3 मी या 4 मी, के लट्ठों में काटती है, मोड़ और सड़न से बचते हुए। यार्डिंग (yarding) लट्ठों को ठूँठ से लैंडिंग तक ले जाती है, यानी सड़क किनारे समतल मैदान। तरीके: स्किडिंग (घसीटना), फॉरवर्डिंग (मशीन पर ढोना) और केबल यार्डिंग (तार पर लटकाना)। लैंडिंग पर लट्ठे छाँटे, ढेर किए और ट्रक में लादे जाते हैं।
व्यावसायिक सुरक्षा
लकड़ी कटाई सबसे खतरनाक कामों में से है, इसलिए हर चरण में सुरक्षा शामिल है।
- सुरक्षा-सामान: चेहरे की जाली वाला हेलमेट, कानों की सुरक्षा, कट-रोधी पतलून, सुरक्षा जूते, दस्ताने, चटख कपड़े।
- सुरक्षित दूरी: कटते पेड़ से कम से कम पेड़ की 2 लंबाई दूर रहें। केवल काटने वाला पास रहता है।
- गिरने की रेखा से लगभग 45 डिग्री पीछे दो भागने के रास्ते बनाएँ। पेड़ गिरने से पहले चेतावनी की आवाज़ लगाएँ।
- अटके पेड़ (hung tree) की जाँच करें, यानी जो दूसरे पेड़ में फँस गया हो। उसके नीचे कभी न चलें।
- चेनसॉ दोनों हाथों से पकड़ें और किकबैक से सावधान रहें। उसे तेज़ और ठीक रखें।
- अकेले काम न करें, तेज़ हवा या बारिश में रुकें, प्रशिक्षण और आराम लें, और प्राथमिक उपचार किट रखें।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- सुरक्षित दूरी = 2 × पेड़ की ऊँचाई
- सड़क घनत्व (मी/हे) = सड़क की लंबाई (मी) / वन क्षेत्रफल (हे)
- लट्ठे का आयतन ≈ π × (व्यास/2)² × लंबाई
- कटाई का क्रम: सड़क → फेलिंग → लिंबिंग → बकिंग → यार्डिंग → लदाई
हल किए गए उदाहरण
1. एक पेड़ 25 मी ऊँचा है। उसे काटते समय सुरक्षित दूरी कितनी है?
सुरक्षित दूरी = 2 × 25 = 50 मी।
2. 20 हे के वन-खंड को 600 मी कार्य पथ मिलता है। सड़क घनत्व निकालिए।
घनत्व = 600 / 20 = 30 मी प्रति हेक्टेयर।
3. एक काम का तना 12 मी लंबा है। उसे 4 मी के लट्ठों में काटा गया। कितने लट्ठे?
12 / 4 = 3 लट्ठे।
4. एक लट्ठा 0.3 मी मोटा और 4 मी लंबा है। उसका आयतन अनुमानित निकालिए (π = 3.14)।
त्रिज्या = 0.15 मी। आयतन = 3.14 × 0.15 × 0.15 × 4 = 0.28 मी³ (लगभग)।
आम गलतियाँ
- पेड़ गिरता देखने के लिए पास खड़े होना। 2 पेड़-लंबाई दूर रहें।
- दोनों सड़कों को मिला देना: वन सड़क स्थायी और चौड़ी है, कार्य पथ सँकरा और सादा है।
- बकिंग (गिरे तने को लट्ठों में काटना) और फेलिंग (खड़ा पेड़ काटना) को मिला देना।
- यह सोचना कि केबल यार्डिंग समतल ज़मीन के लिए है। यह खड़ी ढलान के लिए है।