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फलदार पौधे: प्रकार, वृद्धि, छँटाई और कलम बाँधना

फलदार पौधे पेड़, बेल या झाड़ी होते हैं। हर साल ये आराम, फूल, फल बढ़ना और पकना इन अवस्थाओं से गुज़रते हैं। मौसम (ठंड, गर्मी, रोशनी, पानी) और छँटाई वृद्धि को नियंत्रित करते हैं। नए पौधे प्रजनन (नई किस्म) और प्रवर्धन (कटिंग, दाब, कलम) से बनते हैं। कलम बाँधने में कलम (scion) को मूलवृंत (rootstock) से जोड़ते हैं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. तीन तरह के फलदार पौधे: पेड़, बेल और झाड़ी। किसी को चुनकर देखें।
  2. साल के चार मौसम: सर्दी में पत्ते नहीं, वसंत में फूल, गर्मी में कच्चे फल, पतझड़ में पके फल।
  3. सर्दी की ठंड कलियों को आराम देती है। इसके बाद वसंत में फूल खिलते हैं।
  4. छँटाई करने पर डालियाँ कम होती हैं, फल कम पर बड़े बनते हैं। बटन दबाकर देखें।
  5. कलम बाँधना: अच्छे पेड़ की टहनी (कलम) को मज़बूत जड़ (मूलवृंत) से जोड़ते हैं।
  6. अब सब खुद करके देखें: प्रकार, मौसम, छँटाई और कलम।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

क्या बेल भी पेड़ है?

नहीं। बेल का तना पतला होता है और वह सहारे पर चढ़ती है। 3D में जाली देखें।

फूलों के बाद फल कहाँ से आते हैं?

फूल का परागण होता है और अंडाशय बढ़कर फल बनता है। 3D में गुलाबी फूलों की जगह फल आ जाते हैं।

क्या सर्दी में पेड़ मर जाता है?

नहीं। वह सुप्त है, यानी आराम कर रहा है। कलियाँ जीवित हैं और ठीक से जागने के लिए उन्हें ठंड चाहिए।

डालियाँ कम करने से तो फल कम होंगे, फिर क्यों काटें?

फल गिनती में कम होते हैं पर हर फल बड़ा बनता है और उसे ज़्यादा रोशनी मिलती है। पेड़ अपनी शर्करा कम फलों में लगाता है।

कलम के जोड़ पर टेप क्यों ज़रूरी है?

कलम और मूलवृंत की कटी परतें छूती रहनी चाहिए और हिलनी नहीं चाहिए। टेप उन्हें तब तक थामे रखता है जब तक वे जुड़ न जाएँ।

फलदार पौधों के प्रकार और विशेषताएँ

फलदार पौधे तीन आकार के होते हैं।

पत्तों के हिसाब से दो समूह हैं। पर्णपाती (सेब, आड़ू, अंगूर) ठंड में पत्ते गिराकर आराम करते हैं। सदाबहार (आम, नींबू-वर्ग, केला) साल भर पत्ते रखते हैं। जलवायु के हिसाब से भी फल बँटे हैं: शीतोष्ण (सेब, नाशपाती), उपोष्ण (नींबू-वर्ग) और उष्ण (आम, केला)।

वृद्धि और साल भर का चक्र

पर्णपाती फल-वृक्ष हर साल एक चक्र पूरा करता है: सुप्तावस्था (सर्दी का आराम) → कली फूटना और फूल आना (वसंत) → परागण और फल लगना → फल बढ़ना (गर्मी) → पकना और तुड़ाई (पतझड़) → पत्ते झड़ना। अगले साल की फूल-कलियाँ गर्मी में बनती हैं, इसलिए इस साल की देखभाल अगले साल की फसल तय करती है। फल-वृक्ष की लकड़ी बहुवर्षीय होती है, यानी वही पेड़ कई साल जीता और फल देता है।

पत्तियाँ प्रकाश-संश्लेषण से शर्करा बनाकर फलों को भेजती हैं। हर फल के लिए जितनी ज़्यादा स्वस्थ पत्तियाँ, फल उतना मीठा।

पर्यावरण और वृद्धि का नियंत्रण

वृद्धि तापमान, रोशनी, पानी, हवा और मिट्टी पर निर्भर है।

किसान वृद्धि को छँटाई (आकार देने और रोशनी आने देने के लिए डालियाँ काटना), फल विरलन (फालतू फल हटाना ताकि बाक़ी बड़े हों), सहारे पर चढ़ाने, और समय पर पानी-खाद देकर नियंत्रित करते हैं।

प्रजनन और प्रवर्धन

प्रजनन (breeding) अच्छे गुणों वाले (मीठा, रोग-रोधी, बड़ा, देर तक टिकने वाला) जनकों का संकरण करके नई किस्म बनाता है और सबसे अच्छे पौधे चुनता है। पेड़ों में इसमें बहुत साल लगते हैं।

प्रवर्धन (propagation) यानी और पौधे बनाना। बीज से उगा पौधा माँ-पेड़ जैसा नहीं होता, इसलिए अच्छे पेड़ की नक़ल दूसरे तरीकों से बनाते हैं: कटिंग (तने का टुकड़ा जड़ पकड़ता है), दाब कलम (झुकी डाली जुड़ी-जुड़ी जड़ निकालती है) और कलम बाँधना (grafting)। कलम बाँधने में अच्छी किस्म की टहनी कलम (scion) को मज़बूत जड़ वाले निचले तने मूलवृंत (rootstock) से जोड़ते हैं। दोनों की कैम्बियम परतें छूनी चाहिए ताकि वे साथ बढ़ें; जोड़ को टेप से बाँधते हैं। मूलवृंत रोग-प्रतिरोध दे सकता है और पेड़ का आकार तय कर सकता है।

खुद करके देखें

1) 3D में तीनों बटन दबाकर पेड़ के फल गिनें। 2) पतझड़ पर जाएँ, गिनें, फिर छँटाई दबाएँ और फिर गिनें। फल कम हुए या बड़े? 3) घर पर सेब या आम का बीज लगाएँ और अमरूद या गुलाब की कटिंग। देखें कौन माँ-पौधे जैसा बनता है। 4) 3D में कलम बाँधना दबाएँ और कलम को नीचे आते देखें।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. एक पेड़ पर 100 ग्राम के 200 फल लगे। फल-विरलन के बाद 150 ग्राम के 125 फल रखे गए। कुल वज़न की तुलना कीजिए।

पहले: 200 × 100 = 20000 ग्राम। बाद में: 125 × 150 = 18750 ग्राम। कुल थोड़ा कम है, पर फल बड़े हैं और अक्सर ज़्यादा दाम पर बिकते हैं।

2. सेब के बीज से माँ-पेड़ जैसा सेब क्यों नहीं मिलता?

बीज परागण से बनता है जिसमें दो जनकों के गुण मिलते हैं, इसलिए पौधा अलग होता है। कलम बाँधने से माँ-पेड़ की हूबहू नक़ल बनती है।

3. किसान को छोटा पेड़ चाहिए जिसकी तुड़ाई आसान हो और जड़ के रोग से बचे। कलम के किस हिस्से को उसे ध्यान से चुनना चाहिए?

मूलवृंत को। यह पेड़ का आकार और जड़ के रोग का प्रतिरोध तय करता है, जबकि फल कलम से आता है।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. अंगूर है एक:
2. कलम बाँधने में ऊपरी हिस्सा कहलाता है:
3. छोटे कच्चे फल हटाना कहलाता है:
4. कौन-सा साल भर पत्ते रखता है?
5. किसान बीज की जगह कलम क्यों बाँधते हैं?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फलदार पौधों के प्रकार कौन-से हैं?

पेड़ (सेब, आम), बेल (अंगूर) और झाड़ी (ब्लूबेरी)। ये पर्णपाती या सदाबहार भी हो सकते हैं।

कलम बाँधना सरल शब्दों में क्या है?

अच्छे फल-वृक्ष की टहनी (कलम) को मज़बूत जड़ (मूलवृंत) से जोड़ना ताकि वे एक पौधे की तरह बढ़ें।

छँटाई क्यों की जाती है?

पेड़ को आकार देने, धूप-हवा आने देने, सूखी लकड़ी हटाने और पत्तों-फलों में संतुलन के लिए, ताकि फल बड़ा और मीठा हो।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

जापान高校(専門学科)1〜3年Fruit Trees

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