वन मापन: एक पेड़ को नापना
जंगल सँभालने के लिए पहले संख्याएँ चाहिए। पेड़ों और जंगल को नापने को वन मापन कहते हैं।
व्यास। तने की मोटाई सीने की ऊँचाई पर नापते हैं, यानी ज़मीन से 1.3 मी पर। इसे DBH कहते हैं। हर बार एक ही ऊँचाई लेते हैं ताकि संख्याओं की तुलना हो सके। फ़ीते से परिधि मिलती है; व्यास = परिधि / 3.14।
ऊँचाई। ऊँचे पेड़ को फ़ीते से नापना कठिन है। आसान तरीका छाया का है: एक ही समय पर डंडी और पेड़ में ऊँचाई और छाया का अनुपात बराबर होता है। वनकर्मी क्लाइनोमीटर (पेड़ की चोटी का कोण नापने वाला यंत्र) या लेज़र भी इस्तेमाल करते हैं।
आयतन: पेड़ में कितनी लकड़ी है
आयतन बताता है कि पेड़ में कितनी लकड़ी है। चरण:
- आधार क्षेत्रफल = 0.785 x d x d (तने के गोले का क्षेत्रफल, d मीटर में)।
- बेलन का आयतन = आधार क्षेत्रफल x ऊँचाई।
- तना ऊपर पतला होता है, इसलिए लगभग 0.5 के रूप-गुणक (form factor) से गुणा करो।
d = 0.30 मी और h = 12 मी के लिए: 0.785 x 0.09 = 0.071 मी2; x 12 = 0.85 मी3; x 0.5 = 0.42 मी3। d का वर्ग होता है, इसलिए दोगुना मोटा तना चार गुना लकड़ी देता है।
पूरे जंगल को नापना: नमूना प्लॉट
लाखों पेड़ नहीं नापे जा सकते। इसलिए हम जंगल में फैले हुए छोटे नमूना प्लॉट चुनते हैं (जैसे 20 मी x 20 मी)। हर प्लॉट के सारे पेड़ नापते हैं। फिर गुणा करके बढ़ाते हैं: अगर प्लॉट क्षेत्रफल का 1/10 है और उसमें 6 पेड़ हैं, तो जंगल में लगभग 60 पेड़ हैं। प्लॉट जितने ज़्यादा और जितने फैले हुए, अंदाज़ा उतना सही। जंगल की कुल लकड़ी को स्थित भंडार (growing stock) कहते हैं, जो अक्सर मी3 प्रति हेक्टेयर में दिया जाता है (1 हेक्टेयर = 10 000 मी2)।
रिमोट सेंसिंग का उपयोग
रिमोट सेंसिंग जंगल को छुए बिना उसकी जानकारी लेती है। उपग्रह, विमान या ड्रोन पर लगा कैमरा या सेंसर ज़मीन से आती रोशनी दर्ज करता है। स्वस्थ पत्तियाँ और खाली मिट्टी अलग दिखती हैं, इसलिए रंग बताते हैं कि जंगल कहाँ घना, विरल या कटा है। लेज़र स्कैनर (LiDAR) नीचे रोशनी की धड़कनें भेजकर लौटने का समय नापता है और पेड़ों की ऊँचाई बताता है। फ़ायदे: बहुत बड़ी या दुर्गम जगह जल्दी कवर होती है, और हर साल दोहराकर बदलाव देख सकते हैं। सीमाएँ: बादल, खर्च, और तस्वीर सही है या नहीं यह जाँचने के लिए कुछ ज़मीनी प्लॉट फिर भी चाहिए।
वन मूल्यांकन
मूल्यांकन का मतलब है संख्याओं से निष्कर्ष निकालना। हम पूछते हैं: कितनी लकड़ी है और उसकी क़ीमत क्या है? भंडार हर साल बढ़ रहा है या घट रहा है? दूसरे कामों के लिए जंगल कैसा है: साफ़ पानी, मिट्टी, वन्य जीव, जमा कार्बन, लोगों के लिए जगह? फिर अपने लक्ष्य से तुलना करके तय करते हैं: ज़्यादा काटें, कम काटें, छँटाई करें या फिर से पेड़ लगाएँ। कुछ सालों बाद नाप दोहराते हैं ताकि पता चले कि हमारे फ़ैसले काम कर रहे हैं या नहीं।
करके देखो: घर पर पेड़ नापो
एक पेड़ ढूँढो। दोस्त को उसके पास खड़ा करो। दोस्त की ऊँचाई और छाया फ़ीते से नापो। उसी समय पेड़ की छाया नापो। पेड़ की ऊँचाई = पेड़ की छाया x (दोस्त की ऊँचाई / दोस्त की छाया)। फिर अपनी सीने की ऊँचाई पर तने पर डोरी लपेटो, उसे नापो और 3.14 से भाग देकर व्यास निकालो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- DBH ज़मीन से 1.3 मी पर नापते हैं
- व्यास = परिधि / 3.14
- पेड़ की ऊँचाई = पेड़ की छाया x (डंडी की ऊँचाई / डंडी की छाया)
- आधार क्षेत्रफल = 0.785 x d x d (d मीटर में)
- पेड़ का आयतन = 0.785 x d x d x h x रूप-गुणक (लगभग 0.5)
- जंगल का अनुमान = प्लॉट की गिनती x (जंगल का क्षेत्रफल / प्लॉट का क्षेत्रफल)
- शुद्ध बदलाव = वृद्धि - कटाई
हल किए गए उदाहरण
1. 1.5 मी की डंडी की छाया 1 मी है। उसी समय पेड़ की छाया 8 मी है। पेड़ कितना ऊँचा है?
ऊँचाई / छाया बराबर है: 1.5 / 1 = 1.5। पेड़ की ऊँचाई = 8 x 1.5 = 12 मी।
2. तने पर फ़ीता 94.2 सेमी पढ़ता है। DBH निकालो।
व्यास = परिधि / 3.14 = 94.2 / 3.14 = 30 सेमी।
3. d = 40 सेमी, h = 20 मी और रूप-गुणक 0.5 वाले पेड़ की लकड़ी का आयतन निकालो।
d = 0.40 मी। आधार क्षेत्रफल = 0.785 x 0.16 = 0.1256 मी2। बेलन = 0.1256 x 20 = 2.512 मी3। आयतन = 2.512 x 0.5 = 1.256 मी3, लगभग 1.26 मी3।
4. 400 मी2 के नमूना प्लॉट में 10 पेड़ हैं, औसत आयतन 0.5 मी3। प्रति हेक्टेयर लकड़ी निकालो।
10 पेड़ x 0.5 = 5 मी3, 400 मी2 में। 1 हे = 10 000 मी2 = 25 प्लॉट। 5 x 25 = 125 मी3 प्रति हेक्टेयर।
5. पिछले उदाहरण का जंगल 50 हे का है। उसका स्थित भंडार निकालो।
125 मी3/हे x 50 हे = 6250 मी3।
6. जंगल हर साल 125 मी3 बढ़ता है और मालिक 150 मी3 काटता है। क्या यह टिकाऊ है? शुद्ध बदलाव क्या है?
शुद्ध बदलाव = 125 - 150 = -25 मी3। यह ऋणात्मक है, भंडार घट रहा है। टिकाऊ नहीं। कटाई 125 मी3 या उससे कम होनी चाहिए।
आम गलतियाँ
- हर बार अलग ऊँचाई पर व्यास नापना। हमेशा 1.3 मी लो।
- आयतन सूत्र से पहले सेमी को मीटर में बदलना भूलना: 30 सेमी = 0.30 मी।
- रूप-गुणक भूल जाना। इसके बिना आयतन असली लकड़ी से लगभग दोगुना आता है।
- एक प्लॉट पर भरोसा करना। एक प्लॉट बहुत घना या विरल हो सकता है; जंगल में फैले कई प्लॉट लो।