Germany Jahrgangsstufe 13 Economics and Law
अध्याय: 2
1. Law
Civil law: contracts and breaches · Civil law: buying and selling · Criminal law
- आपराधिक कानून (Criminal Law): अपराध और बचाव – आपराधिक कानून बताता है कि राज्य किन कामों को अपराध मानता है और उनकी सज़ा क्या है। ज़्यादातर अपराधों के दो हिस्से होते हैं: दोषी कार्य (actus reus) और दोषी मन (mens rea)। अपराध व्यक्ति के विरुद्ध (घातक जैसे हत्या; गैर-घातक जैसे हमला) या संपत्ति के विरुद्ध (चोरी, लूट, सेंधमारी, धोखाधड़ी, संपत्ति को नुकसान) हो सकते हैं। अपराध करने की कोशिश (प्रयास) भी अपराध है। आत्मरक्षा, दबाव, पागलपन या आपराधिक ज़िम्मेदारी की उम्र से कम होना जैसे बचाव दोष हटा या घटा सकते हैं। अभियुक्त निर्दोष माना जाता है; अभियोजन को उचित संदेह से परे दोष साबित करना होता है।
2. Economics
Money and the price level · Foreign trade and exchange rates · Current macroeconomic problems in depth
- मुद्रा और उसकी पूर्ति: वस्तु-विनिमय, मुद्रा के कार्य और M1 – वस्तु-विनिमय (वस्तु के बदले वस्तु) के लिए आवश्यकताओं का दोहरा संयोग चाहिए और इसमें मूल्य का कोई साझा माप नहीं। मुद्रा यह हल करती है। इसके कार्य: विनिमय का माध्यम (मुख्य), लेखे की इकाई, मूल्य का संचय और स्थगित भुगतान का मानक। मुद्रा पूर्ति = किसी समय-बिंदु पर जनता (परिवार और फर्में) के पास मुद्रा का कुल स्टॉक। नोट RBI जारी करता है, सिक्के सरकार; माँग जमा व्यावसायिक बैंक बनाते हैं। संकुचित मुद्रा M1 = जनता के पास करेंसी (CU) + बैंकों में शुद्ध माँग जमा (DD) + RBI के पास अन्य जमा (OD)।
- विदेशी विनिमय दर – विदेशी विनिमय दर एक मुद्रा की दूसरी मुद्रा में कीमत है, जैसे ₹80 प्रति डॉलर। लचीली दर में विदेशी मुद्रा की माँग और पूर्ति दर तय करते हैं; दर बढ़े तो रुपये का मूल्यह्रास। स्थिर दर में सरकार दर तय करती है और अवमूल्यन या पुनर्मूल्यन से बदलती है। प्रबंधित तिरती दर दोनों का मेल है: बाज़ार दर तय करता है और केंद्रीय बैंक बड़े उतार-चढ़ाव रोकता है।
- समष्टि अर्थशास्त्र के उद्देश्य और नीतियों का टकराव – सरकार पूरी अर्थव्यवस्था के लिए चार मुख्य चीज़ें चाहती है: वास्तविक GDP की लगातार वृद्धि, कम बेरोज़गारी, स्थिर क़ीमतें (कम मुद्रास्फीति, अक्सर लगभग 2%) और संतुलित व्यापार। कई सरकारें आय की समानता और पर्यावरण की रक्षा भी चाहती हैं। ये लक्ष्य अक्सर आपस में टकराते हैं, इसलिए सरकार को चुनाव (trade-off) करना पड़ता है।