Ukraine 9 клас Technologies
अध्याय: 4
1. Design (project planning)
Designing and inventing · New materials · Technical and artistic construction
- डिज़ाइन प्रक्रिया: समस्या से उत्पाद तक – डिज़ाइन प्रक्रिया कदमों का एक चक्र है जिससे डिज़ाइनर असली लोगों की असली समस्या हल करते हैं: ज़रूरत की खोजबीन, उसे ब्रीफ़ और नापने लायक विनिर्देश में लिखना, कई विचार बनाना, प्रोटोटाइप बनाना, और विनिर्देश पर परीक्षण व मूल्यांकन। जो फ़ेल हो, वह आपको चक्र में वापस भेजता है। इस दोहराव को पुनरावृत्ति (iteration) कहते हैं, और लगभग हर उत्पाद, ऐप, इमारत और कलाकृति ऐसे ही बेहतर बनती है।
- बहुलक (Polymers) – बहुलक एक विशाल अणु है जो कई छोटे अणुओं (एकलकों) को लंबी श्रृंखला में जोड़कर बनता है। योगात्मक बहुलकीकरण में C=C द्विबंध वाले एकलक खुलकर जुड़ते हैं और कुछ नहीं निकलता (एथीन → पॉलीएथीन)। संघनन बहुलकीकरण में दोनों सिरों पर क्रियाशील समूह वाले दो तरह के एकलक जुड़ते हैं और हर जोड़ पर पानी जैसा छोटा अणु निकलता है (नायलॉन, पॉलिएस्टर)। प्रकृति भी बहुलक बनाती है: स्टार्च, सेलुलोज़, प्रोटीन, DNA, रबर। अलग-अलग श्रृंखलाएँ थर्मोप्लास्टिक बनाती हैं जो पिघलकर पुनः चक्रित होते हैं; अनुप्रस्थ-बंधित श्रृंखलाएँ थर्मोसेट बनाती हैं जो कभी नहीं पिघलते। ज़्यादातर प्लास्टिक सड़ते नहीं, इसलिए कम इस्तेमाल, दोबारा इस्तेमाल और पुनः चक्रण ज़रूरी है।
- तकनीकी ड्राइंग: डिज़ाइन के विचार बताना – तकनीकी ड्राइंग एक साझा चित्र-भाषा है जो किसी वस्तु का सही आकार और माप दिखाती है। डिज़ाइनर हाथ से स्केच से शुरू करते हैं, फिर आइसोमेट्रिक या तिर्यक (ऑब्लीक) दृश्य से वस्तु को 3D में दिखाते हैं, और ऑर्थोग्राफ़िक प्रक्षेप (सामने, ऊपर, बगल के दृश्य) में मानक रेखाएँ, मिलीमीटर में माप और स्केल लगाते हैं ताकि कोई भी उसे बना सके। आज ज़्यादातर ड्राइंग CAD सॉफ़्टवेयर से बनती हैं।
2. Production technologies
Structural materials, machinery and technologies · Evaluating, presenting and advertising the project
- स्मार्ट और आधुनिक पदार्थ – स्मार्ट पदार्थ वह है जो आसपास कुछ बदलने पर (जैसे ताप, प्रकाश, बल या वोल्टेज) अपना कोई गुण बदल लेता है, जैसे आकार, रंग, पारदर्शिता या बिजली देना। यह बदलाव उत्क्रमणीय होता है, यानी उद्दीपक हटाने पर पदार्थ वापस पहले जैसा हो जाता है। मुख्य उदाहरण: निटिनॉल जैसी आकार-स्मृति मिश्रधातु गर्म होने पर याद रखा आकार ले लेती है; थर्मोक्रोमिक रंग ताप से बदलते हैं; फ़ोटोक्रोमिक पदार्थ UV में काले होते हैं; पीज़ोइलेक्ट्रिक क्रिस्टल दबाने पर वोल्टेज देते हैं। आधुनिक पदार्थ, जो ज़रूरी नहीं कि स्मार्ट हों, उनमें कार्बन-फ़ाइबर और काँच-फ़ाइबर कंपोज़िट, ग्राफ़ीन जैसे नैनो पदार्थ, तकनीकी और स्मार्ट वस्त्र, द्रव क्रिस्टल और पौधों से बने प्लास्टिक आते हैं। इंजीनियर गुण, कीमत और पर्यावरण पर असर देखकर पदार्थ चुनते हैं।
- डिज़ाइन प्रक्रिया: समस्या से उत्पाद तक – डिज़ाइन प्रक्रिया कदमों का एक चक्र है जिससे डिज़ाइनर असली लोगों की असली समस्या हल करते हैं: ज़रूरत की खोजबीन, उसे ब्रीफ़ और नापने लायक विनिर्देश में लिखना, कई विचार बनाना, प्रोटोटाइप बनाना, और विनिर्देश पर परीक्षण व मूल्यांकन। जो फ़ेल हो, वह आपको चक्र में वापस भेजता है। इस दोहराव को पुनरावृत्ति (iteration) कहते हैं, और लगभग हर उत्पाद, ऐप, इमारत और कलाकृति ऐसे ही बेहतर बनती है।
3. Decorative-applied art
Decorative-applied art in project work
- डिज़ाइन (Design) क्या है? क्षेत्र, रूप-कार्य और सबके लिए डिज़ाइन – डिज़ाइन यानी किसी चीज़ की सोच-समझकर योजना बनाना ताकि वह लोगों का कोई काम करे। इसके कई क्षेत्र हैं: उत्पाद, ग्राफ़िक, फ़ैशन-वस्त्र, इंटीरियर, लैंडस्केप, वास्तुकला और डिजिटल (UX)। अच्छा डिज़ाइन रूप (आकार, रंग, सामग्री) और कार्य को जोड़ता है: "रूप कार्य के पीछे चलता है"। डिज़ाइनर तत्वों और सिद्धांतों का उपयोग करते हैं, वस्तु को शरीर के अनुसार बनाते हैं (एर्गोनॉमिक्स), सबके लिए (समावेशी) और धरती के लिए कम नुकसानदेह (टिकाऊ) चीज़ें बनाते हैं।
4. Project work at home
Living space and personal style · Household appliances · Responsible consumption · Career self-determination
- गृह विज्ञान: घर को अच्छे से चलाना – गृह विज्ञान (गृह अर्थशास्त्र) घर के संसाधनों, यानी जगह, समय, पैसा, ऊर्जा और कौशल, को ऐसे सँभालने के बारे में है कि घर में रहने वाले सब स्वस्थ, सुरक्षित और ख़ुश रहें। इसमें घर के कामों की योजना और बँटवारा, आसान डिज़ाइन नियमों से जगह सजाना, सामान रखने के तरीके, समय पर मरम्मत, कारीगर कब बुलाएँ यह जानना, और ऐसा घर बनाना शामिल है जो काम का भी हो और सुंदर भी।
- घरेलू उपकरण: प्रकार, शक्ति और सुरक्षित उपयोग – घर के उपकरण बिजली की ऊर्जा को गर्मी, गति, ठंडक या रोशनी में बदलते हैं। लेबल पर वोल्टता और शक्ति वाट (W) में लिखी होती है। ऊर्जा = शक्ति × समय, जो किलोवाट-घंटा (यूनिट) में गिनी जाती है। स्मार्ट प्लग और टाइमर उपकरण को समय या फ़ोन से चालू-बंद करते हैं। सुरक्षित उपयोग यानी सूखे हाथ, सही सॉकेट, बोर्ड पर ज़्यादा भार नहीं, और तारों की नियमित सफ़ाई व जाँच।
- उपभोक्ता शिक्षा: समझदार ख़रीदार कैसे बनें – जो भी सामान या सेवा ख़रीदता या इस्तेमाल करता है, वह उपभोक्ता है। समझदार ख़रीदारी ज़रूरत (जो चाहिए ही) और इच्छा (जो अच्छा लगे) को अलग करने से शुरू होती है। विवेकपूर्ण उपभोग लाभ और क़ीमत की तुलना करता है, अवसर लागत (वही पैसा और किस काम आता) गिनता है और बजट में रहता है। विक्रेता मनोविज्ञान का इस्तेमाल करते हैं: एंकर क़ीमत (बड़ी कटी क़ीमत), भेड़चाल ('सबके पास है'), जल्दबाज़ी (उलटी गिनती), 99 वाली क़ीमतें और सेलिब्रिटी विज्ञापन; किशोर ऑनलाइन बड़े निशाने पर हैं। 'मैं सहमत हूँ' दबाना अनुबंध है, इसलिए शर्तें, ऑटो-रिन्यूअल, रद्द और रिफ़ंड नियम पढ़ें। लेबल पढ़ें: प्रति इकाई क़ीमत, एक्सपायरी, सामग्री, एलर्जन, पोषण और सुरक्षा निशान। उपभोक्ता के अधिकार हैं (सुरक्षा, सूचना, चुनाव, सुनवाई, निवारण, शिक्षा, बुनियादी ज़रूरतें, स्वच्छ पर्यावरण) और कर्तव्य भी (बिल रखना, निशान जाँचना, सही शिकायत, टिकाऊ ख़रीदारी)। मिलकर उपभोक्ता संस्कृति तय करते हैं: हम जो ख़रीदते हैं, वही बनता है।
- करियर प्लानिंग: ख़ुद को जानने से पहली नौकरी तक – करियर प्लानिंग के पाँच कदम हैं। 1) ख़ुद को जानो: रुचियाँ, कौशल और मूल्य। 2) करियर परिवार खोजो और जानो कि काम क्या है, कौन-सी पढ़ाई चाहिए, वेतन और माँग कितनी है। 3) SMART लक्ष्य और प्लान B के साथ रास्ता बनाओ। 4) CV, आवेदन पत्र, डिजिटल पोर्टफ़ोलियो और इंटरव्यू अभ्यास से नौकरी खोजो। 5) स्कूल से काम की ओर बढ़ो और सीखते रहो, क्योंकि ज़िंदगी भर करियर बदलता है।