Ukraine 10 клас Geography (profile level)
अध्याय: 8
1. Introduction and maps
Regions of the world and the map
- मानचित्र कौशल: नक्शे पढ़ना और इस्तेमाल करना – मानचित्र (map) किसी जगह का ठीक ऊपर से देखा गया, छोटा किया गया चपटा चित्र है। इसे पढ़ने के लिए चाहिए: संकेत-सूची (चिह्न), मापनी (दूरी नापने के लिए), दिशा (दिशा-बिंदु और दिकमान), ग्रिड संदर्भ (जगह ढूँढने और बताने के लिए) और समोच्च रेखाएँ (ऊँचाई और ढलान देखने के लिए)। आज GPS उपग्रहों से हमारी जगह बताता है, और GIS कंप्यूटर पर आँकड़ों की कई परतें जोड़कर जगहों के बारे में सवालों के जवाब देता है।
2. The globalised world
Political-geographic patterns · Geography of civilisations · Global patterns of the world system
- राजनीतिक भूगोल: भूमि, लोग और सत्ता कैसे जुड़ते हैं – राजनीतिक भूगोल बताता है कि लोग ज़मीन को कैसे बाँटते और चलाते हैं। राज्य के लिए चार चीज़ें चाहिए: भूमि (क्षेत्र), जनसंख्या, सरकार और संप्रभुता। सीमाएँ नदी-पहाड़ जैसी प्राकृतिक हो सकती हैं या सीधी खींची गई कृत्रिम रेखाएँ। देश के अंदर सत्ता कई स्तरों में बँटी है। देश संगठनों में मिलकर सहयोग करते हैं, पर पानी, खनिज, ज़मीन या पहचान पर विवाद भी होते हैं। बातचीत और समझौते विवाद को सहयोग में बदलते हैं।
- सांस्कृतिक भूगोल: जगह संस्कृति को और संस्कृति जगह को कैसे गढ़ती है – सांस्कृतिक भूगोल यह पढ़ता है कि अलग-अलग जगहों पर संस्कृति कैसे अलग है और कैसे फैलती है. संस्कृति किसी समूह के जीने का साझा तरीका है: भाषा, धर्म, भोजन, पहनावा, भवन, कला और त्योहार. लोग अपनी संस्कृति के हिसाब से ज़मीन बदलते हैं, जिससे सांस्कृतिक भूदृश्य बनता है. प्राकृतिक पर्यावरण, ख़ासकर जलवायु और समुद्र की नज़दीकी, घर, भोजन और कपड़ों पर असर डालते हैं, पर लोग तकनीक और अपनी पसंद से भी चुनते हैं. मिलते-जुलते गुणों वाले इलाक़े सांस्कृतिक प्रदेश बनाते हैं. संस्कृति किसी केंद्र (हर्थ) से शुरू होकर प्रसार से फैलती है: स्थानांतरण (लोग जाते हैं) या विस्तार (विचार जाता है), जो संक्रामक, पदानुक्रमिक या उद्दीपन प्रकार का होता है. प्रसार से संस्कृति-ग्रहण, आत्मसात्करण, समन्वय और आज वैश्वीकरण होता है.
- वैश्वीकरण और वैश्विक शासन – वैश्वीकरण यानी सामान, पूँजी, सूचना और श्रम के प्रवाह का बढ़ना, जो जगहों को आपस में जोड़ता है। तकनीक, परिवहन और व्यापार समझौते इसे चलाते हैं। प्रवाह असमान हैं: अमीर देशों के पास ज़्यादा ताक़त है, ग़रीब देशों की बाज़ार तक पहुँच कमज़ोर है। TNC एक ही चीज़ को कई जगह बनवाती हैं। UN, WTO, IMF और विश्व बैंक जैसी संस्थाएँ इन प्रवाहों को संभालने की कोशिश करती हैं, और संधियाँ अंटार्कटिका जैसे साझा क्षेत्रों को बचाती हैं। वैश्वीकरण विकास और सस्ता सामान लाता है, पर असमानता, टकराव और पर्यावरण का नुक़सान भी।
3. Europe
General features of Europe · G7 countries in Europe: Germany, France, UK, Italy · Developed smaller countries: Sweden, Norway, Switzerland, Spain · Neighbouring countries of Ukraine
- प्रादेशिक भूगोल: हम दुनिया को प्रदेशों में कैसे बाँटते हैं – प्रदेश (region) वह क्षेत्र है जिसमें एक या अधिक लक्षण साझा हों, जो उसे आसपास के क्षेत्रों से अलग बनाएँ। औपचारिक (एकरूप) प्रदेश अंदर से एक जैसे होते हैं, जैसे कोई मैदान या धान पट्टी। क्रियात्मक (नोडल) प्रदेश किसी केंद्र से जुड़ाव से बनते हैं, जैसे शहर और वहाँ आने-जाने वाले गाँव। बोधगम्य प्रदेश लोगों के मन में होते हैं। प्रदेशों के किनारे आम तौर पर संक्रमण क्षेत्र होते हैं, और प्रदेश लोगों, सामान, पानी और विचारों के प्रवाह से एक-दूसरे पर निर्भर रहते हैं।
4. Asia
General features of Asia · East Asia: Japan, China, Korea · South and South-East Asia: India, Singapore, Indonesia · West and Central Asia: Turkey, Saudi Arabia, Kazakhstan
- प्रादेशिक भूगोल: हम दुनिया को प्रदेशों में कैसे बाँटते हैं – प्रदेश (region) वह क्षेत्र है जिसमें एक या अधिक लक्षण साझा हों, जो उसे आसपास के क्षेत्रों से अलग बनाएँ। औपचारिक (एकरूप) प्रदेश अंदर से एक जैसे होते हैं, जैसे कोई मैदान या धान पट्टी। क्रियात्मक (नोडल) प्रदेश किसी केंद्र से जुड़ाव से बनते हैं, जैसे शहर और वहाँ आने-जाने वाले गाँव। बोधगम्य प्रदेश लोगों के मन में होते हैं। प्रदेशों के किनारे आम तौर पर संक्रमण क्षेत्र होते हैं, और प्रदेश लोगों, सामान, पानी और विचारों के प्रवाह से एक-दूसरे पर निर्भर रहते हैं।
5. Oceania
Australia · Micronesia, Melanesia, Polynesia
- प्रादेशिक भूगोल: हम दुनिया को प्रदेशों में कैसे बाँटते हैं – प्रदेश (region) वह क्षेत्र है जिसमें एक या अधिक लक्षण साझा हों, जो उसे आसपास के क्षेत्रों से अलग बनाएँ। औपचारिक (एकरूप) प्रदेश अंदर से एक जैसे होते हैं, जैसे कोई मैदान या धान पट्टी। क्रियात्मक (नोडल) प्रदेश किसी केंद्र से जुड़ाव से बनते हैं, जैसे शहर और वहाँ आने-जाने वाले गाँव। बोधगम्य प्रदेश लोगों के मन में होते हैं। प्रदेशों के किनारे आम तौर पर संक्रमण क्षेत्र होते हैं, और प्रदेश लोगों, सामान, पानी और विचारों के प्रवाह से एक-दूसरे पर निर्भर रहते हैं।
6. America
General features of America · North America: USA and Canada · Central and South America: Mexico, Brazil
- प्रादेशिक भूगोल: हम दुनिया को प्रदेशों में कैसे बाँटते हैं – प्रदेश (region) वह क्षेत्र है जिसमें एक या अधिक लक्षण साझा हों, जो उसे आसपास के क्षेत्रों से अलग बनाएँ। औपचारिक (एकरूप) प्रदेश अंदर से एक जैसे होते हैं, जैसे कोई मैदान या धान पट्टी। क्रियात्मक (नोडल) प्रदेश किसी केंद्र से जुड़ाव से बनते हैं, जैसे शहर और वहाँ आने-जाने वाले गाँव। बोधगम्य प्रदेश लोगों के मन में होते हैं। प्रदेशों के किनारे आम तौर पर संक्रमण क्षेत्र होते हैं, और प्रदेश लोगों, सामान, पानी और विचारों के प्रवाह से एक-दूसरे पर निर्भर रहते हैं।
7. Africa
General features of Africa · Egypt, Nigeria, South Africa
- प्रादेशिक भूगोल: हम दुनिया को प्रदेशों में कैसे बाँटते हैं – प्रदेश (region) वह क्षेत्र है जिसमें एक या अधिक लक्षण साझा हों, जो उसे आसपास के क्षेत्रों से अलग बनाएँ। औपचारिक (एकरूप) प्रदेश अंदर से एक जैसे होते हैं, जैसे कोई मैदान या धान पट्टी। क्रियात्मक (नोडल) प्रदेश किसी केंद्र से जुड़ाव से बनते हैं, जैसे शहर और वहाँ आने-जाने वाले गाँव। बोधगम्य प्रदेश लोगों के मन में होते हैं। प्रदेशों के किनारे आम तौर पर संक्रमण क्षेत्र होते हैं, और प्रदेश लोगों, सामान, पानी और विचारों के प्रवाह से एक-दूसरे पर निर्भर रहते हैं।
8. Current problems and development strategies
Globalisation challenges of the 21st century · Development strategies of humanity · Ukraine in the international space
- वैश्वीकरण और वैश्विक शासन – वैश्वीकरण यानी सामान, पूँजी, सूचना और श्रम के प्रवाह का बढ़ना, जो जगहों को आपस में जोड़ता है। तकनीक, परिवहन और व्यापार समझौते इसे चलाते हैं। प्रवाह असमान हैं: अमीर देशों के पास ज़्यादा ताक़त है, ग़रीब देशों की बाज़ार तक पहुँच कमज़ोर है। TNC एक ही चीज़ को कई जगह बनवाती हैं। UN, WTO, IMF और विश्व बैंक जैसी संस्थाएँ इन प्रवाहों को संभालने की कोशिश करती हैं, और संधियाँ अंटार्कटिका जैसे साझा क्षेत्रों को बचाती हैं। वैश्वीकरण विकास और सस्ता सामान लाता है, पर असमानता, टकराव और पर्यावरण का नुक़सान भी।
- संधारणीयता (Sustainability) – संधारणीयता यानी आज अपनी ज़रूरतें ऐसे पूरी करना कि आने वाली पीढ़ियाँ भी अपनी ज़रूरतें पूरी कर सकें। यह तीन स्तंभों पर टिकी है — पर्यावरण, समाज और अर्थव्यवस्था। कोई संसाधन तभी टिकाऊ ढंग से इस्तेमाल होता है जब हम उसे उसके नवीकरण से तेज़ न लें। आज मानवता हर साल लगभग 1.7 पृथ्वी जितना इस्तेमाल करती है, और यह इस्तेमाल बहुत असमान है। देखभाल (stewardship), समझदार योजना और GIS जैसे औज़ार हमें संधारणीयता की ओर ले जाते हैं।
- पर्यावरण और धारणीय विकास – पर्यावरण हमें संसाधन देता है, हमारा कचरा सोखता है, जीवन चलाता है और सुंदरता देता है। जब हम संसाधन प्रकृति के नवीकरण से तेज़ लेते हैं, या कचरा उसकी सोखने की क्षमता से ज़्यादा फेंकते हैं, तो धारण क्षमता पार होती है और पर्यावरण संकट आता है। भारत में भूमि अपक्षय, वायु-जल प्रदूषण, वन और जैव-विविधता की हानि है। जीवाश्म ईंधन जलाने से गर्मी फँसती है और वैश्विक उष्णता होती है; CFC ओज़ोन परत पतली करते हैं। धारणीय विकास आज की ज़रूरतें पूरी करता है बिना भावी पीढ़ियों की क्षमता घटाए।
- अंतर्राष्ट्रीय व्यापार – देशों की सीमाओं के पार वस्तुओं और सेवाओं का ख़रीदना-बेचना अंतर्राष्ट्रीय व्यापार है। बाहर बेचना निर्यात और बाहर से ख़रीदना आयात है। इससे देश को विदेशी मुद्रा, विकास और रोज़गार मिलते हैं, और कंपनियों को लाभ और नए बाज़ार। निर्यात और आयात तय चरणों से होते हैं और इनमें साख पत्र, बिल ऑफ़ लेडिंग जैसे कई प्रलेख लगते हैं। WTO (1995) व्यापार के नियम बनाता है और बाधाएँ घटाता है।
- अंतर्राष्ट्रीय व्यापार: आधार, संतुलन, WTO और पत्तन – अंतर्राष्ट्रीय व्यापार देशों के बीच सामान और सेवाओं का आदान-प्रदान है। यह वस्तु-विनिमय से शुरू हुआ, रेशम मार्ग जैसे रास्तों पर बढ़ा, क्रूर दास व्यापार और औपनिवेशिक व्यापार से गुज़रा, और उद्योगों के साथ फैला। देश इसलिए व्यापार करते हैं क्योंकि वे संसाधन, जनसंख्या, विकास, विदेशी निवेश और परिवहन में अलग हैं। व्यापार संतुलन निर्यात और आयात की तुलना है। व्यापार द्विपक्षीय या बहुपक्षीय हो सकता है; मुक्त व्यापार रुकावटें घटाता है, जबकि राशिपातन विदेश में लागत से कम पर माल बेचता है। WTO विश्व नियम बनाता है, प्रादेशिक समूह पड़ोसियों को जोड़ते हैं, और कई तरह के पत्तन व्यापार के द्वार हैं।