Netherlands HAVO 5 (eindexamenjaar) Business Economics
अध्याय: 3
1. Investing and financing
Investing · Financing
- निवेश मूल्यांकन (Investment Appraisal): पेबैक, ARR और NPV – निवेश मूल्यांकन का मतलब है जाँचना कि कोई बड़ा ख़र्च (मशीन, दुकान, नया उत्पाद) फ़ायदेमंद है या नहीं। पेबैक अवधि = आने वाला नकद कितने समय में लागत लौटा देगा। ARR = औसत वार्षिक लाभ ÷ शुरुआती लागत × 100। NPV = भविष्य के नकद का आज का मूल्य − लागत; धनात्मक NPV मूल्य जोड़ता है। कंपनियाँ संवेदनशीलता (अगर बिक्री गिरे तो?), जोखिम और ग़ैर-वित्तीय बातें भी देखती हैं।
- व्यावसायिक वित्त के स्रोत – हर व्यवसाय को लंबे समय की संपत्तियों (स्थायी पूँजी) और रोज़ के काम (कार्यशील पूँजी) के लिए पैसा चाहिए। यह पैसा दो बड़े स्रोतों से आता है: स्वामित्व निधि (समता अंश, पूर्वाधिकार अंश, प्रतिधारित आय), जिसे लौटाना नहीं पड़ता, और उधार निधि (ऋणपत्र, बॉन्ड, बैंक व वित्तीय संस्थाओं के ऋण, जन जमा, व्यापार साख, अंतर-निगमीय जमा), जिसे ब्याज के साथ लौटाना पड़ता है।
2. Financial management
Recording financial information · Costs and profit for a service company
- एकल स्वामित्व के वित्तीय विवरण – साल के अंत में तलपट से दो विवरण बनते हैं। व्यापार और लाभ-हानि खाता आयगत मदों से सकल लाभ, परिचालन लाभ और शुद्ध लाभ निकालता है। तुलन पत्र पूँजीगत मदों से अंतिम दिन की संपत्ति, देयता और पूँजी को समूहों में और क्रम से दिखाता है। इसके अंतिम शेष प्रारंभिक प्रविष्टि से अगले साल की पुस्तकें खोलते हैं।
- सम-विच्छेद विश्लेषण (Break-Even Analysis) – जब कुल आय कुल लागत के बराबर हो, यानी लाभ शून्य, तो व्यवसाय सम-विच्छेद पर है। हर बिकी इकाई अंशदान देती है = कीमत − प्रति इकाई परिवर्ती लागत, जो पहले स्थिर लागत चुकाता है। सम-विच्छेद मात्रा = स्थिर लागत ÷ प्रति इकाई अंशदान। इससे ज़्यादा बिक्री पर लाभ, कम पर हानि। सुरक्षा सीमा = असली बिक्री − सम-विच्छेद बिक्री। लक्ष्य लाभ के लिए (स्थिर लागत + लक्ष्य लाभ) ÷ अंशदान इकाइयाँ बेचनी होंगी।
3. Reporting and electives
Annual accounts · Elective topics
- एकल स्वामित्व के वित्तीय विवरण – साल के अंत में तलपट से दो विवरण बनते हैं। व्यापार और लाभ-हानि खाता आयगत मदों से सकल लाभ, परिचालन लाभ और शुद्ध लाभ निकालता है। तुलन पत्र पूँजीगत मदों से अंतिम दिन की संपत्ति, देयता और पूँजी को समूहों में और क्रम से दिखाता है। इसके अंतिम शेष प्रारंभिक प्रविष्टि से अगले साल की पुस्तकें खोलते हैं।
- व्यावसायिक अर्थशास्त्र: फ़र्म पैसों के बारे में कैसे सोचती है – व्यावसायिक अर्थशास्त्र किसी भी समस्या को एक फ़र्म के मैनेजर की नज़र से देखता है। फ़र्म इनपुट (श्रम, पूँजी, कच्चा माल, उद्यमी की सूझ) लेकर आउटपुट बनाती है। लागत स्थिर (किराया, हर महीने उतना ही) या परिवर्ती (उत्पादन के साथ बदलती) होती है। आय = कीमत × मात्रा। लाभ = आय − कुल लागत। उत्पादकता = आउटपुट ÷ इनपुट, जैसे प्रति घंटे गिलास। ब्रेक-ईवन मात्रा = स्थिर लागत ÷ (कीमत − प्रति इकाई परिवर्ती लागत)। हर फ़ैसले का असर हितधारकों पर पड़ता है: ग्राहक, कर्मचारी, मालिक, आपूर्तिकर्ता, बैंक, सरकार और आसपास का समाज — और इनकी चाहतें अलग-अलग हो सकती हैं।