विकलांगता क्या है?
हर शरीर और मन थोड़ा अलग होता है। अक्षमता (impairment) शरीर, इंद्रियों या मन में लंबे समय का फ़र्क़ या कमी है। जैसे चल न पाना, देख या सुन न पाना, सीखने में ज़्यादा समय लगना या तेज़ भावनाओं को सँभालने में कठिनाई।
विकलांगता (disability) तब बनती है जब अक्षमता किसी बाधा (barrier) से टकराती है। इसे ऐसे याद रखें:
अक्षमता + बाधा = विकलांगता
उदाहरण: जो चल नहीं सकता, उसके सामने सीढ़ियाँ हैं। सीढ़ी बाधा है। रैंप बन जाए तो बाधा हट जाती है और वह आसानी से अंदर जाता है।
- चिकित्सा की नज़र (medical view): व्यक्ति के शरीर को देखती है और पूछती है "इलाज कैसे हो?"
- सामाजिक नज़र (social view): दुनिया को देखती है और पूछती है "हम क्या बदलें कि सब भाग ले सकें?"
दोनों काम की हैं। दवा और अभ्यास मदद करते हैं, पर सामाजिक नज़र याद दिलाती है कि इमारतें, नियम और सोच भी बदली जा सकती हैं।
तथ्य: दुनिया में लगभग 6 में से 1 व्यक्ति किसी बड़ी विकलांगता के साथ जीता है (विश्व स्वास्थ्य संगठन)। कुछ जन्म से होती हैं, कुछ दुर्घटना या बीमारी से और कई बुढ़ापे में आती हैं। कुछ दिखती हैं, कुछ अदृश्य होती हैं, जैसे कम सुनाई देना, मिर्गी, लंबे समय का दर्द या मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति।
विकलांगता के प्रकार और रोज़ का जीवन
विकलांगताओं को इस आधार पर बाँटते हैं कि क्या प्रभावित है। एक व्यक्ति में एक से ज़्यादा भी हो सकती हैं।
- चलना-फिरना (शारीरिक): चलने, हाथ चलाने या संतुलन में कठिनाई। सहारा: व्हीलचेयर, छड़ी, रैंप।
- देखना: दृष्टिहीन या कम दिखना। सहारा: सफ़ेद छड़ी, ब्रेल, स्क्रीन रीडर, बड़े अक्षर।
- सुनना और बोलना: बधिर, कम सुनना या बोलने में कठिनाई। सहारा: श्रवण-यंत्र, कैप्शन, सांकेतिक भाषा, चित्र-कार्ड।
- सीखना और सोचना (बौद्धिक): सीखने या समझने में ज़्यादा समय। सहारा: सरल शब्द, चित्र, धैर्य से सिखाना।
- मन और भावनाएँ (मानसिक स्वास्थ्य): जैसे अवसाद या घबराहट। सहारा: ध्यान से सुनना, परामर्श, दवा, शांत दिनचर्या।
- लंबी बीमारी: जैसे मधुमेह, मिर्गी, गुर्दे की बीमारी। सहारा: नियमित इलाज और लचीला समय।
रोज़ के काम (daily functioning)। विशेषज्ञ देखते हैं कि व्यक्ति रोज़ क्या कर पाता है। बुनियादी काम: खाना, चलना-फिरना, नहाना, कपड़े पहनना, शौच, बात करना। आगे के काम: खाना बनाना, खरीदारी, पैसे सँभालना, फ़ोन चलाना, यात्रा। जहाँ कोई काम कठिन हो, वहाँ पूछो: कौन सा साधन या सहायक इसे संभव बनाएगा? जैसे मोटे हैंडल वाला चम्मच, बाथरूम में पकड़ने की रेलिंग, बोलने वाला फ़ोन, खरीदारी में साथी।
लक्ष्य है सम्मान के साथ आत्मनिर्भरता: जितना खुद कर सको करो, मदद वहीं लो जहाँ चाहो।
बाधाएँ और सहारा
बाधाएँ आम तौर पर चार तरह की होती हैं।
- भौतिक: सीढ़ियाँ, तंग दरवाज़े, ऊँचे काउंटर, टूटे फ़ुटपाथ।
- जानकारी की: बिना कैप्शन की सूचना, ऐसी वेबसाइट जिसे स्क्रीन रीडर न पढ़ सके, बहुत छोटे अक्षरों वाले फ़ॉर्म।
- सोच की: दया, घूरना, कम उम्मीद, "यह नहीं कर पाएगा", बच्चे को खेल से बाहर रखना।
- नियम और व्यवस्था की: परीक्षा में अतिरिक्त समय नहीं, नौकरी में ऐसी शर्त जो असल में ज़रूरी नहीं, सहारे के लिए पैसा नहीं।
इन्हीं के मुताबिक चार तरह के सहारे हैं: रैंप और लिफ़्ट, कैप्शन, ब्रेल और सांकेतिक भाषा, सम्मान और ऊँची उम्मीद, और साधन व सहायक, जैसे व्हीलचेयर, श्रवण-यंत्र, स्क्रीन रीडर और निजी सहायक।
उचित समायोजन (reasonable accommodation) का मतलब किसी एक व्यक्ति के लिए उचित बदलाव, जैसे परीक्षा में अतिरिक्त समय। सार्वभौमिक डिज़ाइन (universal design) का मतलब शुरू से ऐसा बनाना कि सब इस्तेमाल कर सकें, जैसे रैंप जो बच्चा-गाड़ी वालों और भारी सामान वालों के भी काम आता है।
दिव्यांगजन का जीवन और अधिकार
दिव्यांगजन स्कूल जाते हैं, काम करते हैं, शादी करते हैं, खेलते हैं, कला बनाते हैं, वोट देते हैं और कारोबार चलाते हैं। बाधाएँ हटें तो उनका जीवन भी उतना ही भरा-पूरा होता है। आम कठिनाइयाँ हैं: स्कूल या काम तक न पहुँच पाना, कम वेतन, अकेलापन और बच्चे जैसा व्यवहार।
अधिकार। संयुक्त राष्ट्र का दिव्यांगजन अधिकार अभिसमय (CRPD, 2006) कहता है कि दिव्यांगजन को शिक्षा, काम, स्वास्थ्य सेवा, परिवार और अपने फ़ैसलों में बराबर अधिकार हैं। कई देशों के अपने कानून हैं: जैसे भारत का दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 (इसमें 21 प्रकार की दिव्यांगता गिनी गई हैं और शिक्षा व नौकरी में सहारा है) और जापान का 2016 का कानून जो विकलांगता के आधार पर भेदभाव रोकता है। कानून अलग हैं, पर बात एक है: बराबर मौका और भेदभाव नहीं।
स्वतंत्र जीवन (independent living) का मतलब है ज़रूरी सहारे के साथ अपने फ़ैसले खुद लेना कि कहाँ और कैसे रहें। इस आंदोलन का नारा है: "हमारे बारे में हमारे बिना कुछ नहीं।"
अच्छे साथी या सहायक कैसे बनें।
- व्यक्ति से बात करो, सिर्फ़ उसके साथ वाले से नहीं।
- मदद करने से पहले पूछो "क्या आपको मदद चाहिए?" और जवाब सुनो।
- सम्मान के शब्द बोलो: "व्हीलचेयर इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति", न कि "व्हीलचेयर से बँधा" या "पीड़ित"।
- इजाज़त के बिना व्हीलचेयर, छड़ी या गाइड-डॉग को न छुओ।
- रास्ते खाली रखो; जो होंठ पढ़ता है उसके सामने मुँह करके साफ़ बोलो।
खुद करके देखें
3D में: आख़िरी चरण में रैंप, कैप्शन, सम्मान और साधन के बटन एक-एक करके दबाएँ। कौन सा बटन आशा को आगे बढ़ाता है? कौन से बटन सिर्फ़ "भागीदारी" की पट्टी बढ़ाते हैं? देखें हर टाइल (खाना, चलना, नहाना, कपड़े, बात) हरी होने के लिए क्या माँगती है।
घर या स्कूल में: अपने स्कूल का "बाधा नक्शा" बनाओ। सीढ़ियाँ, तंग दरवाज़े, छोटे अक्षरों की सूचना और बैठने की जगह की कमी चिह्नित करो। फिर हर एक का एक हल लिखो। किसी की फ़ोटो बिना पूछे न खींचो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- अक्षमता = शरीर, इंद्रियों या मन में लंबे समय का फ़र्क़
- अक्षमता + बाधा = विकलांगता
- बाधाएँ: भौतिक, जानकारी की, सोच की, नियमों की
- रोज़ के काम: खाना, चलना, नहाना, कपड़े पहनना, शौच, बात
- उचित समायोजन = एक व्यक्ति के लिए उचित बदलाव
- सार्वभौमिक डिज़ाइन = शुरू से सबके लिए बना
हल किए गए उदाहरण
1. आपकी कक्षा में एक बधिर लड़की आई है। दो बाधाएँ और दो सहारे बताइए।
बाधाएँ: शिक्षक बोर्ड की तरफ़ मुँह करके बोलें (वह होंठ नहीं पढ़ पाती), बिना कैप्शन के वीडियो। सहारे: कैप्शन या सांकेतिक भाषा का सहायक, शिक्षक कक्षा की ओर मुँह करके बोलें और मुख्य बातें बोर्ड पर लिखें, साथी उसे कंधा थपथपाकर बुलाएँ।
2. भौतिक, जानकारी या सोच की बाधा में बाँटिए: (क) दुकान के दरवाज़े पर सीढ़ी, (ख) बस-स्टॉप जो समय सिर्फ़ आवाज़ से बताता है, (ग) "यह नौकरी नहीं कर पाएगा।"
(क) भौतिक, (ख) जानकारी की (बधिर सुन नहीं सकता, स्क्रीन भी लगाओ), (ग) सोच की।
3. श्री राव को लकवा (stroke) हुआ और अब कपड़े पहनना और खाना बनाना कठिन है। वे आत्मनिर्भर कैसे रहें?
पहले देखो कौन से काम कठिन हैं (कपड़े, खाना)। आसान साधन लो: बड़े बटन या वेल्क्रो वाली कमीज़, रसोई में स्टूल, बंद होने वाले हैंडल का बर्तन, भारी काम के लिए ही सहायक। चिकित्सक के साथ अभ्यास करें। उनसे पूछें कि कौन सी मदद चाहिए, क्योंकि जीवन उनका है।
आम गलतियाँ
- यह मानना कि विकलांगता सिर्फ़ व्यक्ति के अंदर है। दुनिया की बाधाएँ उतनी ही मायने रखती हैं।
- "पीड़ित" या "व्हीलचेयर से बँधा" कहना। सम्मान के शब्द बोलें: "व्हीलचेयर इस्तेमाल करता है"।
- बिना पूछे मदद करना, या व्यक्ति की जगह उसके सहायक से बात करना।
- सोचना कि हर विकलांगता दिखती है। कई अदृश्य होती हैं, जैसे कम सुनना, मिर्गी या घबराहट।