उपयोगितावाद क्या है?
उपयोगितावाद (Utilitarianism) सही-ग़लत तय करने का एक तरीक़ा है। यह केवल काम के परिणाम को देखता है। शब्द utility यानी उपयोगिता से बना है।
विचार छोटा है: वह काम चुनो जिससे उससे जुड़े सब लोगों को सबसे ज़्यादा सुख और सबसे कम दुख मिले। सब बराबर गिने जाते हैं: राजा और किसान, आप और कोई अनजान।
दार्शनिक इसे परिणामवाद (consequentialism) कहते हैं: काम सही या ग़लत इसलिए है कि उसका नतीजा कैसा है, किसी नियम या इरादे की वजह से नहीं।
जेरेमी बेंथम: सुख की गिनती
जेरेमी बेंथम (इंग्लैंड, लगभग 1800) ने कहा कि इंसान दो मालिकों के अधीन है: सुख और दुख। इसलिए अच्छा क़ानून वह है जो सुख ज़्यादा और दुख कम करे।
वे इसे नापना चाहते थे। उन्होंने पूछा कि सुख कितना तेज़ है, कितनी देर रहता है, कितना संभावित है और कितने लोग उसे महसूस करते हैं। फिर सबको जोड़ दो। हमारे 3D में "ब्लॉक जोड़ना" यही है।
आलोचकों ने कहा: बेंथम के लिए हर सुख बराबर है, चाहे वह मामूली ही क्यों न हो। बहुतों को यह बहुत नीचा लगा।
जॉन स्टुअर्ट मिल: मात्रा के साथ गुणवत्ता
जॉन स्टुअर्ट मिल (इंग्लैंड, 1806-1873) बेंथम के अनुयायी थे, पर उन्होंने विचार बदला। उन्होंने कहा कुछ सुख उच्च हैं (पढ़ना-सीखना, मित्रता, कला, दूसरों की मदद) और कुछ निम्न (सिर्फ़ खाना, सिर्फ़ सोना)। थोड़ा-सा उच्च सुख बहुत सारे निम्न सुख से ज़्यादा मूल्यवान हो सकता है।
उनकी प्रसिद्ध बात आसान शब्दों में: दुखी पर सोचने वाला इंसान होना, ख़ुश मूर्ख होने से बेहतर है। उन्होंने कहा जिन्होंने दोनों तरह के सुख चखे हैं, वे अक्सर उच्च सुख चुनते हैं।
मिल का अधिकतम सुख सिद्धांत (greatest happiness principle): जो काम सुख बढ़ाते हैं वे सही हैं, और जो उल्टा करते हैं वे ग़लत।
कर्म-उपयोगितावाद और नियम-उपयोगितावाद
कर्म-उपयोगितावाद (act utilitarianism) हर अकेले काम को जाँचता है: "अभी कौन-सा काम सबसे अच्छा जोड़ देगा?"
नियम-उपयोगितावाद (rule utilitarianism) पूछता है: "कौन-सा नियम, अगर सब मानें, तो सबसे अच्छा जोड़ देगा?" जैसे "वादा निभाओ" का नियम लंबे समय में "फ़ायदा हो तो वादा तोड़ दो" से ज़्यादा सुख देता है, क्योंकि भरोसा उपयोगी है।
यह एक आम शंका का जवाब देता है: एक बार जोड़ अच्छा दिखे, सिर्फ़ इसलिए कोई क्रूर काम नहीं करना चाहिए।
मिल की आज़ादी: हानि सिद्धांत
पुस्तक On Liberty (1859) में मिल पूछते हैं कि सरकार या समाज किसी इंसान पर कितना नियंत्रण कर सकता है। उनका उत्तर हानि सिद्धांत (harm principle) है: किसी की इच्छा के विरुद्ध उसकी आज़ादी रोकने का एकमात्र अच्छा कारण है दूसरे लोगों को नुक़सान से बचाना।
इसलिए आप विश्वास करने, बोलने, काम चुनने और समूह बनाने के लिए स्वतंत्र हैं, जब तक दूसरों को नुक़सान न हो। समाज आपको सिर्फ़ इसलिए नहीं रोक सकता कि वह आपको ग़लत मानता है, या "आपकी भलाई" के नाम पर। मिल ने तीन आज़ादियों की रक्षा की: विचार और अभिव्यक्ति की आज़ादी, अपनी योजनाओं पर चलने की आज़ादी और दूसरों के साथ जुड़ने की आज़ादी।
उपयोगितावादी को आज़ादी की चिंता क्यों? मिल मानते थे कि जब लोग अलग-अलग तरह से जीकर देखते हैं, तब समाज सीखता है कि असली सुख किसमें है। इसलिए आज़ादी उपयोगी है।
मज़बूत और कमज़ोर पक्ष
मज़बूत: यह सरल है, सबके साथ बराबरी करता है, और क़ानून व अस्पताल जैसे बड़े फ़ैसलों में काम आता है।
कमज़ोर: (1) सुख को नापना कठिन है। (2) अगर बहुत लोगों को लाभ हो तो यह कुछ को नुक़सान पहुँचाने की छूट दे सकता है। (3) हम सारे नतीजे पहले से नहीं जान सकते। नियम, अधिकार और मिल का हानि सिद्धांत इन शंकाओं का उत्तर देने की कोशिश करते हैं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- उपयोगितावादी जाँच: कुल = (सारा भला) − (सारा नुक़सान), प्रभावित सब लोगों के लिए
- अधिकतम सुख सिद्धांत: सही = सुख बढ़ाने वाला; ग़लत = उल्टा करने वाला
- हानि सिद्धांत: आज़ादी तभी रोकें जब दूसरों को हानि रोकनी हो
- मुख्य शब्द: परिणामवाद, उपयोगिता, उच्च-निम्न सुख, कर्म और नियम उपयोगितावाद, On Liberty
हल किए गए उदाहरण
1. क्रिया A पाँच लोगों को +3, +2, +2, -1, -2 देती है। क्रिया B सबको +1 देती है। उपयोगितावाद कौन-सी चुनेगा?
A: 3+2+2-1-2 = +4। B: 1+1+1+1+1 = +5। B का जोड़ बड़ा है, इसलिए उपयोगितावाद B चुनेगा।
2. कक्षा फ़िल्म X देख सकती है (4 विद्यार्थियों को बहुत पसंद: हर एक +3; 6 बोर: हर एक -1) या फ़िल्म Y (सबको +1)। जोड़ के हिसाब से कौन बेहतर है?
X: 4 × 3 − 6 × 1 = 12 − 6 = +6। Y: 10 × 1 = +10। Y का जोड़ ज़्यादा है, इसलिए Y उपयोगितावादी चुनाव है।
3. कोई बहुत चटकीली कमीज़ पहनना चाहता है जो कुछ लोगों को नापसंद है पर किसी को नुक़सान नहीं पहुँचाती। क्या मिल के हानि सिद्धांत से समाज उसे रोक सकता है?
नहीं। नापसंद करना हानि नहीं है। कमीज़ किसी के शरीर, संपत्ति या अधिकार को चोट नहीं पहुँचाती, इसलिए समाज को उसकी आज़ादी नहीं रोकनी चाहिए।
4. एक कारख़ाना नदी में कचरा डालता है और नीचे के गाँव के लोग बीमार होते हैं। क्या हानि सिद्धांत क़ानून को कारख़ाना रोकने की अनुमति देता है?
हाँ। कारख़ाना दूसरे लोगों (उनके स्वास्थ्य) को हानि पहुँचा रहा है, इसलिए उसकी आज़ादी रोकना उचित है।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि उपयोगितावाद का मतलब "जिससे मैं ख़ुश रहूँ" है। यह सबका सुख बराबर गिनता है, सिर्फ़ आपका नहीं।
- बेंथम और मिल को एक जैसा मान लेना। बेंथम ने सुख की मात्रा गिनी; मिल ने गुणवत्ता (उच्च और निम्न सुख) जोड़ी।
- "हानि" और "बुरा लगना" को एक समझना। हानि सिद्धांत में हानि का मतलब दूसरों को असली नुक़सान है, सिर्फ़ यह नहीं कि उन्हें कुछ पसंद नहीं।
- भूल जाना कि उपयोगितावाद नतीजों से परखता है, अच्छे इरादों से नहीं।