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तर्कशास्त्र में परिभाषा

परिभाषा किसी शब्द का अर्थ समझाती है। इसके तीन भाग हैं: जिस शब्द को समझाना है (परिभाषेय), जोड़ने वाला शब्द जैसे 'है' या 'का अर्थ है' (योजक), और समझाने वाले शब्द (परिभाषक)। प्रकार: वर्ग-भेद वाली (शास्त्रीय), दिखाकर, गिनाकर और वाक्य के संदर्भ वाली। अच्छी परिभाषा न बहुत चौड़ी होती है, न बहुत तंग, न गोल-गोल, और उसमें शब्द से आसान शब्द होते हैं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. यहाँ बहुत-से आकार हैं। हमें एक शब्द 'घन' की परिभाषा बनानी है। जिस शब्द को समझाना है, उसे परिभाषेय कहते हैं।
  2. शास्त्रीय परिभाषा: पहले जानी-पहचानी जाति लो, 'ठोस'। फिर फ़र्क़ जोड़ो, 'छह बराबर वर्ग-फलक'। अब सिर्फ़ घन चमकते हैं।
  3. दिखाकर परिभाषा: शब्द नहीं, बस घन की ओर इशारा करो और कहो, 'यह घन है'।
  4. गिनाकर परिभाषा: हर सदस्य का नाम लो। 'प्राथमिक रंग हैं लाल, पीला और नीला।'
  5. अब ग़लत परिभाषाएँ। बहुत चौड़ी में डिब्बे भी आ गए। बहुत तंग में घन छूट गए। गोल-गोल परिभाषा कुछ नया नहीं बताती।
  6. खेलो: बटन दबाओ और देखो कौन-से आकार अंदर आते हैं। अच्छी परिभाषा ठीक घनों को ही चुनती है।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

हम असल में किस शब्द की परिभाषा बना रहे हैं?

परिभाषेय की। 3D में वह शब्द 'घन' है जो लाल घन के ऊपर तैर रहा है।

शास्त्रीय परिभाषा में 'ठोस' से शुरू क्यों करते हैं?

क्योंकि पहले चीज़ को किसी जाने-पहचाने समूह में रखते हैं, फिर बताते हैं कि वह उस समूह के बाक़ी सदस्यों से कैसे अलग है। 'छह बराबर वर्ग-फलक' जुड़ते ही सिर्फ़ घन चमकते हैं।

क्या इशारा करना सच में परिभाषा है?

हाँ, दिखाकर वाली। यह रंग और स्वाद के लिए अच्छी है, पर अस्पष्ट हो सकती है: उँगली रंग, आकार या चीज़, कुछ भी दिखा सकती है।

सूची कब काफ़ी होती है?

जब समूह छोटा और तय हो, जैसे प्राथमिक रंग। अनगिनत समूहों, जैसे सारे त्रिभुज, की सूची नहीं बन सकती, वहाँ शास्त्रीय परिभाषा चाहिए।

मैं कैसे देखूँ कि परिभाषा बहुत चौड़ी है?

'बहुत चौड़ी' दबाओ। दोनों डिब्बे चमकते हैं जबकि वे घन नहीं हैं, यानी परिभाषा ज़रूरत से ज़्यादा अंदर ले रही है।

चक्रीय परिभाषा 3D में क्या दिखाती है?

'गोल-गोल' दबाओ। कुछ नहीं चमकता, क्योंकि वह यह नहीं बताती कि कौन-सा आकार घन है।

परिभाषा क्या होती है?

परिभाषा बताती है कि किसी शब्द का मतलब क्या है। जब दो लोग एक ही शब्द अलग-अलग मतलब में बोलते हैं, तो बात नहीं बनती। साफ़ परिभाषा इसे ठीक करती है।

हर परिभाषा के तीन भाग होते हैं:

वाक्य का रूप: परिभाषेय + योजक + परिभाषक।

परिभाषा के चार प्रकार

1. शास्त्रीय परिभाषा। पहले बड़ा समूह (जाति, genus) बताओ, फिर उस समूह में इस चीज़ की ख़ास बात (विभेदक, differentia)। 'त्रिभुज एक बंद आकृति (समूह) है जिसकी तीन भुजाएँ हैं (फ़र्क़)।'

2. दिखाकर (ostensive) परिभाषा। उदाहरण की ओर इशारा करना। 'लाल रंग यह है।' छोटा बच्चा 'कुत्ता' ऐसे ही सीखता है। इशारा साफ़ न हो तो कमज़ोर है: 'यह' का मतलब रंग है, आकार है या चीज़?

3. गिनाकर (enumerative) परिभाषा। सभी सदस्यों की सूची देना। 'भारत के राष्ट्रीय चिह्न हैं ध्वज, प्रतीक और गान।' यह तभी चलती है जब सूची छोटी और पूरी हो।

4. संदर्भ वाली (contextual) परिभाषा। शब्द को अकेले नहीं समझाते, बल्कि उस शब्द वाले पूरे वाक्य का मतलब बताते हैं। 'वह कुँवारा है' का मतलब 'वह अविवाहित पुरुष है'। विज्ञान में यह तब काम आती है जब शब्द किसी वाक्य या सूत्र के भीतर ही अर्थ पाता है।

परिभाषा की ग़लतियाँ

अपर्याप्तता (ग़लत नाप)। परिभाषा ग़लत चीज़ें पकड़ लेती है।

अज्ञात से अज्ञात की व्याख्या (ignotum per ignotum), लैटिन में 'अनजाने को अनजाने से'। समझाने वाले शब्द शब्द से भी कठिन हैं। 'दीपक यानी प्रकाशोत्सर्जक उपकरण।' अब दूसरा शब्दकोश चाहिए।

चक्रीयता (गोल-गोल)। शब्द अपनी ही परिभाषा में आ जाता है। 'शिक्षक वह है जो शिक्षा देता है।' या चक्कर: 'साहसी यानी जो डरपोक न हो', 'डरपोक यानी जो साहसी न हो'।

करके देखो: परिभाषा बनाओ और जाँचो

3D में बहुत चौड़ी, बहुत तंग और गोल-गोल बटन दबाओ और गिनो कितने आकार अंदर आते हैं। फिर घर पर: 'कुर्सी' की एक वाक्य में परिभाषा लिखो और उसे स्टूल, सोफ़े और पेड़ के ठूँठ पर जाँचो। क्या वह चौड़ी है या तंग? ठीक करो और फिर जाँचो। दार्शनिक भी इसी तरह, कठिन उदाहरण से परख कर परिभाषाएँ सुधारते हैं।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. 'वर्ग वह आयत है जिसकी चारों भुजाएँ बराबर हैं' के तीन भाग बताओ।

परिभाषेय: वर्ग। योजक: 'है'। परिभाषक: 'वह आयत जिसकी चारों भुजाएँ बराबर हैं'। यह शास्त्रीय परिभाषा है: जाति = आयत, फ़र्क़ = चारों भुजाएँ बराबर।

2. 'स्वर हैं अ, इ, उ, ए, ओ' किस प्रकार की परिभाषा है?

गिनाकर (enumerative)। इसमें समूह के सभी सदस्यों की सूची दी गई है।

3. शिक्षक कहता है, 'आम वह फल है जो पीला होता है।' यह बहुत चौड़ी है या तंग? क्यों?

दोनों। चौड़ी: केला और नींबू पीले फल हैं पर आम नहीं। तंग: कच्चे आम हरे होते हैं, इसलिए असली आम छूट गए।

4. 'न्याय यानी न्यायी होने की अवस्था।' कौन-सी ग़लती है?

चक्रीयता। 'न्यायी' और 'न्याय' एक ही शब्द-परिवार के हैं, इसलिए परिभाषक को समझने के लिए परिभाषेय पहले से चाहिए।

5. बच्चे को बताया गया, 'प्रकाश-संश्लेषण यानी हरित-लवक वाले जीवों द्वारा कार्बन का स्वपोषी उपचयी स्वांगीकरण।' क्या दिक़्क़त है?

अज्ञात से अज्ञात। समझाने वाले शब्द शब्द से भी कठिन हैं। बेहतर: 'वह तरीका जिससे हरे पौधे धूप, पानी और कार्बन डाइऑक्साइड से अपना भोजन बनाते हैं'।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. 'घन छह बराबर वर्ग-फलकों वाला ठोस है' में परिभाषेय क्या है?
2. साइकिल की ओर इशारा करके 'यह साइकिल है' कहना है:
3. 'मछली वह जानवर है जो पानी में रहता है' मुख्य रूप से ग़लत है क्योंकि वह:
4. 'दुखी यानी जो सुखी नहीं, सुखी यानी जो दुखी नहीं।' यह है:
5. 'त्रिभुज तीन भुजाओं वाली बंद आकृति है' में जाति कौन-सी है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

परिभाषा के तीन भाग कौन-से हैं?

परिभाषेय (जिस शब्द को समझाना है), योजक (जैसे 'है', 'का अर्थ है') और परिभाषक (समझाने वाले शब्द)।

शास्त्रीय और गिनाकर परिभाषा में क्या अंतर है?

शास्त्रीय परिभाषा समूह और ख़ास गुण बताती है, इसलिए अनगिनत सदस्यों पर लागू होती है। गिनाकर परिभाषा बस सदस्यों की सूची देती है, इसलिए छोटी और पूरी सूची पर ही चलती है।

चक्रीय परिभाषा बुरी क्यों है?

क्योंकि उसे समझने के लिए शब्द पहले से आना चाहिए। वह गोल घूमती है और कुछ नया नहीं सिखाती।

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