पदार्थ और उनका प्रसंस्करण
पदार्थ वे हैं जिनसे चीज़ें बनती हैं: लकड़ी, धातु, प्लास्टिक, काँच, कपड़ा, सिरेमिक। हर पदार्थ के गुण होते हैं, जैसे मज़बूती, भार, गर्मी सहने की क्षमता, और जंग लगना या नहीं। काम के हिसाब से गुण देखकर पदार्थ चुनते हैं। स्टील मज़बूत है, प्लास्टिक हल्का है, काँच गर्मी सह लेता है पर टूटता है।
प्रसंस्करण का मतलब है कच्चे पदार्थ को काम के आकार में बदलना: काटना, मोड़ना, ढलाई (पिघली धातु साँचे में डालना), वेल्डिंग या पेंच से जोड़ना, और पेंट या पॉलिश से अंतिम रूप देना।
अच्छा चुनाव लागत, पर्यावरण और पुनर्चक्रण का भी ध्यान रखता है।
ऊर्जा रूपांतरण
ऊर्जा बनाई या नष्ट नहीं की जा सकती; वह केवल रूप बदलती है। मशीन एक रूप लेती है और दूसरा देती है। मोटर विद्युत ऊर्जा को गतिज ऊर्जा में बदलती है। पंखा फिर हवा चलाता है।
सारी ऊर्जा काम की नहीं बनती। कुछ घर्षण और तारों से गर्मी बन जाती है। काम की ऊर्जा का हिस्सा दक्षता है:
दक्षता = उपयोगी ऊर्जा ÷ दी गई ऊर्जा × 100 %
अच्छा डिज़ाइन घर्षण और गर्मी घटाकर और ज़रूरत न होने पर बंद होकर ऊर्जा बचाता है।
सूचना का प्रबंधन
कई मशीनें खुद निर्णय लेती हैं। वे एक चक्र चलाती हैं: सेंसर (दुनिया को पढ़ता है, जैसे तापमान), नियंत्रक (पढ़े मान को नियम से मिलाता है) और आउटपुट (पंखा, बल्ब या मोटर जो काम करे)। सूचना इस चक्र में संकेत की तरह चलती है।
उदाहरण नियम: तापमान 30 °C या ज़्यादा हो तो पंखा चालू करो। सूचना सही होनी चाहिए, सुरक्षित रखी जानी चाहिए और निजी हो तो गुप्त रहनी चाहिए।
उत्पाद का रखरखाव
हर पुर्ज़ा घिसता है, इसलिए हम उसकी देखभाल करते हैं। निवारक रखरखाव कुछ बिगड़ने से पहले तय समय पर किया जाता है: सफ़ाई, तेल देना, कसना। मरम्मत खराबी के बाद होती है।
सरल चक्र: जाँचो → खराबी ढूँढो → ठीक करो → लिख लो। रिकॉर्ड से पता चलता है कि कौन सा पुर्ज़ा बार-बार खराब होता है। मशीन छूने से पहले हमेशा स्विच बंद करके प्लग निकालिए और सुरक्षा साधन पहनिए।
करके देखिए
घर का कोई छोटा खिलौना या उपकरण लीजिए (बंद और प्लग निकला हुआ)। उसके पदार्थ, ऊर्जा, सेंसर या स्विच और एक रखरखाव का काम लिखिए। फिर 3D में तापमान स्लाइडर बदलिए और जाँचने से पहले अनुमान लगाइए कि पंखा कब चालू होगा।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- दक्षता = (उपयोगी ऊर्जा ÷ कुल दी गई ऊर्जा) × 100 %
- बेकार ऊर्जा = दी गई ऊर्जा − उपयोगी ऊर्जा
- सूचना चक्र: सेंसर → नियंत्रक → आउटपुट
- रखरखाव चक्र: जाँचो → खराबी ढूँढो → ठीक करो → लिख लो
हल किए गए उदाहरण
1. एक मोटर 100 J लेकर 70 J गति देती है। दक्षता और बेकार ऊर्जा निकालिए।
दक्षता = 70 ÷ 100 × 100 = 70 %। बेकार = 100 − 70 = 30 J, ज़्यादातर गर्मी।
2. पंखा 30 °C या ज़्यादा पर चालू होता है। 27 °C पर और 33 °C पर क्या होगा?
27 °C पर बंद, क्योंकि 27, 30 से कम है। 33 °C पर चालू, क्योंकि 33, 30 से ज़्यादा है।
3. रसोई के हैंडल के लिए हल्का और कम गर्म होने वाला पदार्थ चाहिए। स्टील, लकड़ी या काँच में से कौन सा?
लकड़ी। वह हल्की है और गर्मी कम पास होने देती है। स्टील गर्म हो जाता है, काँच भारी है और टूटता है।
आम गलतियाँ
- मशीन की दक्षता 100 % या उससे ज़्यादा बताना। कुछ ऊर्जा हमेशा गर्मी बन जाती है।
- इकाई भूल जाना। ऊर्जा जूल (J) में और तापमान °C में होता है।
- पदार्थ केवल मज़बूती देखकर चुनना। भार, लागत और गर्मी भी देखिए।
- प्लग लगे रहने पर मशीन ठीक करना। पहले स्विच बंद करके प्लग निकालिए।