सुंदरता से भावविभोर होना
कभी-कभी कोई चीज़ हमारे दिल को छू लेती है। कोई दयालु काम, कोई मीठा गीत, कोई फूल या सूर्योदय ऐसा कर सकता है। हमें गर्माहट, खुशी या आँखों में आँसू महसूस होते हैं। इसे भावविभोर होना (being moved) कहते हैं।
हमें क्या छू सकता है?
- प्रकृति की सुंदरता: फूल, बारिश, सूर्योदय।
- इंसान की बनाई सुंदरता: संगीत, चित्र, नृत्य, कविता।
- इंसानों की अच्छाई: दया, साहस, ईमानदारी।
यह क्यों ज़रूरी है?
इससे हम आसपास की अच्छी चीज़ें देख पाते हैं। हम उन्हें बचाना चाहते हैं और खुद भी कुछ अच्छा करना चाहते हैं।
मानव शक्ति से परे के प्रति विस्मय
विस्मय (awe) वह भाव है जो अपने से बहुत बड़ी, पुरानी या ताकतवर चीज़ के सामने आता है। हम एक साथ छोटा, हैरान और आदर से भरा महसूस करते हैं। ऊँचा पहाड़, गहरा समुद्र, तूफ़ान या रात का आसमान सोचिए।
विस्मय के तीन हिस्से
- विशालता: वह मुझसे बहुत बड़ा है।
- अचरज: मैं उसे पूरा समझ नहीं पाता।
- आदर: मैं विनम्र हो जाता हूँ और सावधान रहना चाहता हूँ।
भावविभोर या विस्मय?
दोनों अक्सर साथ आते हैं। सूर्यास्त दिल को छू सकता है (भावविभोर) और आसमान की विशालता भी दिखाता है (विस्मय)। फिर भी ये एक नहीं हैं। भावविभोर होना सुंदरता और गर्माहट से जुड़ा है। विस्मय किसी ऐसी चीज़ से जुड़ा है जो इंसान से बहुत बड़ी है।
विस्मय और अचरज हमारे लिए अच्छे क्यों हैं
विस्मय हमें विनम्र बनाता है। हमें याद आता है कि हम प्रकृति और बड़े संसार का एक छोटा हिस्सा हैं। इससे तीन फ़ायदे होते हैं।
- प्रकृति की देखभाल: जिसका हम आदर करते हैं, उसे नुकसान नहीं पहुँचाना चाहते।
- लोगों के प्रति दया: जब हम सब मिलकर छोटा महसूस करते हैं, तो हमारे छोटे झगड़े और छोटे लगते हैं।
- जिज्ञासा: विस्मय हमसे सवाल पूछवाता है। बहुत से वैज्ञानिक और कलाकार अचरज से ही शुरू हुए।
कई संस्कृतियों में इस भाव के लिए त्योहार, प्रार्थना और शांत स्थान हैं। इसे महसूस करने के लिए किसी एक धर्म को मानना ज़रूरी नहीं। यह हर कोई महसूस कर सकता है।
रोज़ की ज़िंदगी में विस्मय खोजिए
इसके लिए पर्वत की ज़रूरत नहीं। एक बीज जो पेड़ बन जाता है, नवजात का नन्हा हाथ या मिलकर काम करती चींटियाँ भी विस्मय दे सकती हैं। धीमे होइए, ध्यान से देखिए और पूछिए: यह कैसे बना?
सुझाव: कुछ मिनट फ़ोन दूर रखिए, धीरे साँस लीजिए और ऐसी एक चीज़ खोजिए जो आपसे बड़ी, पुरानी या जटिल हो। उसे दोस्त को बताइए या डायरी में लिखिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- भावविभोर होना = सुंदरता या अच्छाई से मेरा दिल छू जाना
- विस्मय = अपने से बहुत बड़ी चीज़ के लिए अचरज + आदर
- विस्मय डर नहीं है: डर कहता है 'भागो', विस्मय कहता है 'देखो और सीखो'
- विस्मय से हम: विनम्र बनते हैं, प्रकृति की देखभाल करते हैं, दयालु और जिज्ञासु रहते हैं
हल किए गए उदाहरण
1. शादी में गाँव का गीत सुनकर आपकी आँखें भर आईं। यह भावविभोर होना है या विस्मय? क्यों?
भावविभोर होना। गीत सुंदर है और दिल को छूता है। आप किसी विशाल चीज़ के सामने छोटा महसूस नहीं कर रहे।
2. आप बहुत ऊँचे पर्वत के नीचे खड़े हैं और खुद को छोटा व हैरान महसूस करते हैं। भाव का नाम और उसके दो हिस्से बताइए।
विस्मय। हिस्से: पर्वत आपसे बहुत बड़ा है (विशालता) और आपको उसके लिए अचरज व आदर महसूस होता है।
3. एक विद्यार्थी शहर की रोशनी से दूर पहली बार रात का आसमान देखता है और पूछने लगता है कि तारे कितनी दूर हैं। यह विस्मय का कौन-सा अच्छा असर है?
जिज्ञासा। विस्मय हमें सवाल पूछने और सीखने के लिए प्रेरित करता है।
4. ट्रेक के बाद एक समूह तय करता है कि सारा कचरा नीचे वापस ले जाएगा। इसे विस्मय से जोड़िए।
पर्वत के प्रति विस्मय से वे विनम्र और आदर से भरे थे, इसलिए उन्होंने उसे बचाने का फैसला किया। यह प्रकृति की देखभाल है।
आम गलतियाँ
- विस्मय को डर समझना। विस्मय में अचरज और आदर होता है; हम रुककर देखना चाहते हैं।
- सोचना कि विस्मय सिर्फ़ धार्मिक लोगों या खास जगहों पर मिलता है। बीज, इंद्रधनुष या रात का आसमान किसी को भी यह दे सकता है।
- दोनों भावों को मिला देना। भावविभोर होना सुंदरता से दिल का छू जाना है; विस्मय के लिए अपने से बहुत बड़ी चीज़ चाहिए।
- छोटा महसूस करना बुरा मानना। विस्मय में छोटा महसूस करना कोमल भाव है जो हमें विनम्र बनाता है, बेकार नहीं।