इम्प्रोवाइज़ेशन क्या है?
इम्प्रोवाइज़ेशन यानी बिना तय स्क्रिप्ट या स्वरलिपि के उसी पल संगीत, गति या नाटक बनाना। यह जैज़, ब्लूज़, भारतीय शास्त्रीय संगीत (आलाप, तान), लोक संगीत, थिएटर खेल, कॉमेडी और नृत्य में होता है।
यह ढाँचे के अंदर आज़ादी है। ढाँचा कोई स्केल, कॉर्ड चक्र, ताल, किरदार या जगह हो सकता है। ढाँचा आज़ादी को आसान बनाता है, क्योंकि तुम्हें एक साथ सब कुछ नहीं चुनना पड़ता।
नाटक में इम्प्रोवाइज़ेशन
दी गई परिस्थितियाँ
शुरू से पहले तय करो: तुम कौन हो, कहाँ हो और क्या हो रहा है। इससे दृश्य को दिशा मिलती है।
सुझाव और 'हाँ, और…'
साथी जो कहे या करे, वह एक सुझाव (ऑफ़र) है। उसे मानो (रोको मत), फिर कुछ जोड़ो। 'हमारी ट्रेन छूट गई!' → 'हाँ, और अगली कल सुबह है!'। रोकना ('नहीं, नहीं छूटी') कहानी बंद कर देता है।
दूसरे औज़ार
- सुनो और सच्ची प्रतिक्रिया दो।
- किरदार की साफ़ चाह रखो।
- रुतबा, जगह और चीज़ों (मूकाभिनय) का इस्तेमाल करो।
- अंत ढूँढो: समस्या सुलझाओ या हालात बदलो।
संगीत में इम्प्रोवाइज़ेशन
ढाँचा: ग्रूव, कॉर्ड, स्केल
कॉर्ड क्रम (जैसे C – Am – F – G) एक स्थिर ताल पर चक्र की तरह दोहराता है। बार (आवर्तन) गिनते रहो ताकि पता रहे तुम कहाँ हो।
सुरक्षित सुर: पेंटाटोनिक स्केल
पेंटाटोनिक स्केल में 5 सुर हैं (C में: C D E G A, यानी सा रे ग प ध)। इसमें टकराने वाले आधे-सुर नहीं, इसलिए लगभग किसी भी क्रम में अच्छा लगता है। हिंदुस्तानी राग भूपाली में भी यही पाँच सुर हैं। ब्लूज़ स्केल एक 'ब्लू' सुर जोड़ता है; पूरा मेजर स्केल ज़्यादा रंग देता है पर ज़्यादा ध्यान माँगता है।
मोटिफ़, बदलाव, सवाल-जवाब
मोटिफ़ 2–4 सुरों का छोटा संगीत विचार है। उसे दोहराओ, फिर बदलो: लय बदलो, दूसरे सुर से शुरू करो, ऊँचा या उल्टा बजाओ। सवाल-जवाब में एक वाक्यांश पूछता है, दूसरा जवाब देता है, जैसे जुगलबंदी में।
समूह में इम्प्रोवाइज़ेशन
बारी-बारी एकल बजाओ, जगह छोड़ो, ताल बनाए रखो, और अंत के लिए आँखों से इशारा करो।
इम्प्रोवाइज़ेशन से रचना तक
रचनाकार अक्सर इम्प्रोवाइज़ करके शुरू करते हैं। आम क्रम:
- किसी समस्या या विषय से शुरू करो: जैसे 'शांत सूर्योदय का संगीत' या 'खोए फ़ोन पर 1 मिनट का दृश्य'।
- सोच-समझकर सामग्री चुनो: स्केल, गति, वाद्य, भाव; या किरदार, जगह, टकराव।
- अकेले या समूह में इम्प्रोवाइज़ करो; सब रिकॉर्ड करो।
- सबसे अच्छे विचार चुनो और सुधारो; उन्हें रूप दो (जैसे A – B – A, या शुरुआत – समस्या – अंत)।
- लिखो (स्वरलिपि या स्क्रिप्ट), अभ्यास करो, प्रस्तुत करो, फिर सोचो क्या अच्छा रहा।
करके देखो: 4 बार का इम्प्रोवाइज़ेशन
ताली से स्थिर ताल दो और चार बार 1-2-3-4 गिनो। कीबोर्ड ऐप या 3D पट्टियों पर सिर्फ़ C D E G A बजाओ। बार 1: 3 सुरों का मोटिफ़। बार 2: उसे दोहराओ। बार 3: एक सुर बदलो। बार 4: C पर ख़त्म करो। फ़ोन पर रिकॉर्ड करो। नाटक के लिए दोस्त से एक जगह और एक समस्या माँगो और सिर्फ़ 'हाँ, और…' से 1 मिनट का दृश्य करो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- इम्प्रोवाइज़ेशन = ढाँचे के अंदर आज़ादी
- नाटक का ढाँचा: कौन + कहाँ + क्या (परिस्थिति)
- सुझाव → मानो → जोड़ो ('हाँ, और…'); रोको मत
- संगीत का ढाँचा: ताल + कॉर्ड चक्र + स्केल
- C पेंटाटोनिक = C D E G A (सा रे ग प ध), 5 सुरक्षित सुर
- मोटिफ़ → दोहराओ → बदलो; सवाल → जवाब
- रचना: विषय → सामग्री → इम्प्रोवाइज़ → चुनो → लिखो → प्रस्तुत करो
हल किए गए उदाहरण
1. साथी कहता है: 'डॉक्टर साहब, मेरी बिल्ली बोल रही है!' एक रोकने वाला और एक 'हाँ, और…' वाला जवाब दो।
रोकना: 'बिल्लियाँ नहीं बोलतीं।' (दृश्य रुक गया)। हाँ, और: 'हाँ, और क्या कह रही है? बार-बार आपका खाना माँग रही है!' (दृश्य बढ़ा)।
2. C – Am – F – G चक्र पर शुरुआती के लिए कौन-से सुर सुरक्षित हैं?
C पेंटाटोनिक: C, D, E, G, A। ये चक्र के हर कॉर्ड पर बिना कड़वी टकराहट के बैठते हैं।
3. तुम्हारा मोटिफ़ C–E–G है। दो बदलाव बनाओ।
लय बदलो: लंबा C, छोटे E और G। सुर बदलो: D से शुरू: D–E–A। या उल्टा: G–E–C, जवाब की तरह।
4. विषय: 'बारिश वाली सुबह के लिए 30 सेकंड का संगीत'। सामग्री तय करो।
धीमी गति, हल्की आवाज़, माइनर भाव (A माइनर पेंटाटोनिक: A C D E G), बूँदों जैसा छोटा दोहराता मोटिफ़, A पर अंत। तीन बार इम्प्रोवाइज़ करो, सबसे अच्छा रखो, लिख लो।
आम गलतियाँ
- सोचना कि इम्प्रोवाइज़ेशन में कुछ भी चलता है। अच्छा इम्प्रोवाइज़ेशन ढाँचा मानता है।
- नाटक में साथी के सुझाव रोकना। मानो और जोड़ो।
- बहुत ज़्यादा सुर बजाना। ख़ाली जगह और दोहराव विचार को साफ़ करते हैं।
- ताल खो देना। गिनते रहो ताकि चक्र और समूह के साथ रहो।