बस्ती क्या है और यह वहीं क्यों बसी?
बस्ती वह जगह है जहाँ लोग रहते हैं। यह कुछ घरों का पुरवा भी हो सकता है और बहुत बड़ा शहर भी।
स्थल और स्थिति
स्थल (साइट) वह ज़मीन है जिस पर बस्ती बनी है। स्थिति (सिचुएशन) बताती है कि बस्ती आसपास की चीज़ों, जैसे सड़क, नदी और दूसरे शहरों से कहाँ है।
स्थल कारक
- पानी: पीने, खेती और आवाजाही के लिए। कई पुराने शहर नदियों पर बसे हैं।
- समतल ज़मीन: घर बनाना और खेती करना आसान।
- उपजाऊ मिट्टी: अनाज उगता है।
- सुरक्षा: बाढ़ से ऊँची जगह, या बचाव में आसान पहाड़ी।
- व्यापार: नदी पार करने की जगह, बंदरगाह या सड़कों का मिलन।
- संसाधन: पास में लकड़ी, पत्थर, कोयला या खनिज।
बहुत ठंडी, बहुत सूखी, बहुत ऊँची या खड़ी ढलान वाली जगहों पर कम लोग रहते हैं।
बस्ती के आकार: केंद्रित, रेखीय और प्रकीर्ण
- केंद्रित (गुच्छित): घर किसी केंद्र, जैसे कुआँ, बाज़ार या पूजा-स्थल के चारों ओर सटे। जहाँ पानी कम हो या सुरक्षा चाहिए, वहाँ आम।
- रेखीय: घर सड़क, रेल लाइन, नदी, घाटी या तट के साथ लंबी कतार में।
- प्रकीर्ण (बिखरी): अकेले खेत-घर दूर-दूर। जहाँ हर परिवार को बहुत ज़मीन चाहिए, जैसे बड़े अनाज या पशु फ़ार्म।
जनसंख्या घनत्व और वितरण
वितरण बताता है कि लोग कहाँ फैले हैं। घनत्व बताता है कि एक इकाई क्षेत्र में कितने लोग रहते हैं।
जनसंख्या घनत्व = लोगों की संख्या ÷ क्षेत्रफल (km²)
जहाँ प्रति km² बहुत लोग हों वह घना, जहाँ कम हों वह विरल। धरती के ज़्यादातर लोग तटों, नदी के मैदानों और मध्यम जलवायु वाले इलाक़ों में रहते हैं।
बस्ती और पर्यावरण: दोनों ओर का रिश्ता
प्रकृति बस्ती पर कैसे असर डालती है
- उच्चावच (ज़मीन का आकार): पहाड़ों पर निर्माण कठिन।
- जलवायु: रेगिस्तान और ध्रुवीय इलाक़ों में कम लोग।
- प्राकृतिक प्रक्रियाएँ: बाढ़, भूकंप, ज्वालामुखी, भूस्खलन, समुद्र-स्तर बढ़ना और सूखा बस्तियों को नुकसान पहुँचा सकते हैं या उन्हें हटने पर मजबूर कर सकते हैं।
बस्ती प्रकृति पर कैसे असर डालती है
- घरों और खेतों के लिए जंगल और आर्द्रभूमि साफ़ होती है।
- कचरा, गाड़ियाँ और कारख़ाने नदी और हवा को गंदा करते हैं।
- कंक्रीट अच्छे खेतों को ढक देता है और बारिश का पानी ज़मीन में नहीं जाता, इसलिए बाढ़ बढ़ सकती है।
- जंगली जीवों का घर छिन जाता है।
भूमि उपयोग, बदलाव के रुझान और टिकाऊ बस्ती
भूमि उपयोग
भूमि उपयोग यानी ज़मीन किस काम में आ रही है: घर, दुकानें, कारख़ाने, सड़क, पार्क, खेत। जब एक ही ज़मीन के लिए कई काम होड़ करें, जैसे खेत या दलदली भूमि पर नई सड़क या कॉलोनी, तो भूमि उपयोग की समस्या बनती है।
बस्तियों का पदानुक्रम
पुरवा → गाँव → कस्बा → नगर → महानगर (1 करोड़ या ज़्यादा)। बड़ी जगहों पर ज़्यादा सेवाएँ होती हैं (अस्पताल, विश्वविद्यालय, हवाई अड्डा)।
आज के रुझान
- नगरीकरण: लगभग 2007 से दुनिया के आधे से ज़्यादा लोग नगरों में रहते हैं।
- नगरीय फैलाव (अर्बन स्प्रॉल): शहर खेतों पर बाहर की ओर फैलते हैं।
- महानगरों की बढ़त, ज़्यादातर एशिया और अफ़्रीका में।
- जहाँ शहर मकानों से तेज़ बढ़ें वहाँ झुग्गी बस्तियाँ।
टिकाऊ बस्ती
- पास-पास घर और मिश्रित भूमि उपयोग, ताकि दुकान और स्कूल पैदल दूरी पर हों।
- अच्छा सार्वजनिक परिवहन, साइकिल लेन और फ़ुटपाथ।
- पार्क, पेड़ और हरी छतें।
- स्वच्छ ऊर्जा (सौर, पवन), वर्षा-जल संचयन, रीसाइक्लिंग और कम्पोस्ट।
लोग और शहर पहले से कदम उठा रहे हैं: कार-पूलिंग, छत पर सोलर, सामुदायिक बगीचे, प्लास्टिक पर रोक।
बस्ती की किसी समस्या की जाँच (खोजबीन और मानचित्र)
- सवाल पूछिए: "क्या हमारा शहर नदी किनारे के खेतों पर कॉलोनी बनाए?"
- आँकड़े इकट्ठे कीजिए: जनगणना तालिकाएँ, उपग्रह चित्र, समाचार, बातचीत।
- मानचित्र देखिए: छपे और डिजिटल (GIS) मानचित्र, हवाई फ़ोटो।
- सबूत परखिए: किसे फ़ायदा, किसे नुकसान, पर्यावरण का क्या होगा?
- नतीजा निकालकर बताइए: भूगोल के शब्दों (घनत्व, भूमि उपयोग, फैलाव, टिकाऊ) के साथ।
वर्णमात्री (कोरोप्लेथ) मानचित्र
कोरोप्लेथ मानचित्र हर क्षेत्र को किसी मान के अनुसार रंगता है, जैसे जनसंख्या घनत्व: गहरा रंग = ज़्यादा मान। हमेशा कुंजी (की) पढ़िए। कुल संख्या नहीं, दर (प्रति km²) की तुलना कीजिए।
करके देखिए
अपनी गली या गाँव का कच्चा नक्शा बनाइए। घर, दुकानें, पानी और सड़क दिखाइए। आकार केंद्रित है, रेखीय या प्रकीर्ण? 100 मीटर में घर गिनकर घनत्व का अंदाज़ा लगाइए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- जनसंख्या घनत्व = लोगों की संख्या ÷ क्षेत्रफल (व्यक्ति प्रति km²)
- स्थल = बस्ती की ज़मीन; स्थिति = आसपास की चीज़ों से उसकी जगह
- केंद्रित = गुच्छा; रेखीय = कतार; प्रकीर्ण = बिखरी
- पदानुक्रम: पुरवा → गाँव → कस्बा → नगर → महानगर (1 करोड़+)
हल किए गए उदाहरण
1. एक ज़िले में 4,50,000 लोग हैं और क्षेत्रफल 1,500 km² है। जनसंख्या घनत्व निकालिए।
घनत्व = 4,50,000 ÷ 1,500 = 300 व्यक्ति प्रति km²।
2. हाईवे के दोनों ओर 3 km तक एक-एक घर की कतार है। प्रतिरूप का नाम और एक कारण बताइए।
रेखीय। हर घर को आवाजाही और व्यापार के लिए सीधे सड़क मिलती है।
3. कस्बा A: 10 km² में 20,000 लोग। कस्बा B: 100 km² में 50,000 लोग। कौन ज़्यादा घना है?
A: 20,000 ÷ 10 = 2,000 प्रति km²। B: 50,000 ÷ 100 = 500 प्रति km²। B में लोग ज़्यादा हैं, फिर भी A ज़्यादा घना है।
4. शहर आर्द्रभूमि पर नई कॉलोनी बनाना चाहता है। दो टिकाऊ सुझाव दीजिए।
पहले से इस्तेमाल हुई ज़मीन पर ऊँचे, पास-पास मकान बनाएँ और आर्द्रभूमि को पार्क रहने दें जो बाढ़ का पानी सोखे। बस या मेट्रो जोड़ें ताकि कारें कम चलें।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि ज़्यादा लोग मतलब हमेशा ज़्यादा घनत्व। क्षेत्रफल भी देखिए: लोगों को km² से भाग दीजिए।
- स्थल (ज़मीन ख़ुद) और स्थिति (आसपास से जगह) को मिला देना।
- हर गाँव को 'केंद्रित' कह देना। आकार देखिए: कतार है तो रेखीय, दूर-दूर है तो प्रकीर्ण।
- कोरोप्लेथ मानचित्र बिना कुंजी पढ़ना, या दर की जगह कुल संख्या की तुलना करना।