Ontario Grade 8 Geography (Grade 8)
अध्याय: 2
1. A. Global Settlement: Patterns and Sustainability
A1 Application: Interrelationships between Settlement and the Environment · A2 Inquiry: Human Settlements and Sustainability · A3 Understanding Geographic Context: Settlement Patterns and Trends
- बस्ती के प्रतिरूप: लोग कहाँ और कैसे बसते हैं – बस्ती (सेटलमेंट) वह जगह है जहाँ लोग रहते हैं, छोटे पुरवे से लेकर महानगर तक। लोग वहाँ बसते हैं जहाँ स्थल अच्छा हो: मीठा पानी, समतल ज़मीन, उपजाऊ मिट्टी, बाढ़ और ख़तरे से सुरक्षा, और व्यापार के रास्ते। बस्तियों के तीन मुख्य आकार हैं: केंद्रित या गुच्छित (एक केंद्र के चारों ओर), रेखीय (सड़क, नदी या तट के साथ कतार में) और प्रकीर्ण या बिखरी (दूर-दूर घर)। जनसंख्या घनत्व = लोग ÷ क्षेत्रफल (व्यक्ति प्रति km²) बताता है कि जगह कितनी भीड़ वाली है। प्रकृति बस्तियों को आकार देती है (नदी, उच्चावच, जलवायु, आपदाएँ) और बस्तियाँ प्रकृति को बदलती हैं (जंगल कटना, प्रदूषण, खेत घटना)। बस्तियों का पदानुक्रम है: पुरवा, गाँव, कस्बा, नगर, महानगर। आज दुनिया के आधे से ज़्यादा लोग नगरों में रहते हैं और शहर बाहर की ओर फैल रहे हैं। टिकाऊ बस्ती ज़मीन का समझदारी से उपयोग करती है: पास-पास घर, मिश्रित भूमि उपयोग, पार्क, सार्वजनिक परिवहन, स्वच्छ ऊर्जा और कम कचरा।
2. B. Global Inequalities: Economic Development and Quality of Life
B1 Application: Global Inequalities in Quality of Life · B2 Inquiry: Development and Quality of Life Issues · B3 Understanding Geographic Context: Global Economic Development and Quality of Life
- जीवन की गुणवत्ता और विकास: अच्छे जीवन को कैसे मापें – जीवन की गुणवत्ता का मतलब है लोग कितना अच्छा जीते हैं: उनका स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, आज़ादी, पर्यावरण और आय। भूगोल में इसे सूचकों से मापते हैं, जैसे प्रति व्यक्ति आय, जीवन प्रत्याशा, साक्षरता, शिशु मृत्यु और सुरक्षित पानी। अकेला एक सूचक भ्रम पैदा कर सकता है, इसलिए इन्हें मिलाकर मानव विकास सूचकांक (HDI) जैसे सूचकांक बनाते हैं। प्रकीर्ण आलेख दो सूचकों का संबंध दिखाता है और जनसंख्या पिरामिड आयु-संरचना। कई कारक एक शृंखला में जुड़े हैं: साफ़ पानी, स्वास्थ्य, पढ़ाई, नौकरी और आय। सरकारें और संस्थाएँ कार्यक्रम चलाती हैं; हम देखते हैं कि सूचक सच में सुधरे या नहीं, किसके लिए और किस ख़र्च पर।