डिज़ाइन क्या है?
डिज़ाइन का मतलब है उत्पाद बनाने से पहले योजना बनाना, ताकि वह अच्छे से काम करे, सुरक्षित हो और बरतने में सुखद हो। डिज़ाइनर उपयोग करने वाले, सामग्री, लागत और रूप के बारे में सोचता है। तकनीक चीज़ बनाती है। डिज़ाइन तय करता है कि क्या बनाना है और कैसा।
औद्योगिक सौंदर्यशास्त्र
सौंदर्यशास्त्र का मतलब है कोई चीज़ देखने और छूने में कितनी अच्छी लगती है। औद्योगिक सौंदर्यशास्त्र कारख़ानों में बड़ी संख्या में बनी चीज़ों की सुंदरता है: बोतलें, कुर्सियाँ, फ़ोन, गाड़ियाँ। अच्छा औद्योगिक डिज़ाइन ये जोड़ता है:
- कार्य: चीज़ अपना काम अच्छे से करे।
- अर्गोनॉमिक्स (शरीर के अनुकूल बनावट): जैसे हैंडल जो उँगलियों में बैठे।
- रूप: आकार, रंग और सतह जो अच्छे लगें।
- लागत और सामग्री: सस्ते और सुरक्षित ढंग से बन सके।
एक कहावत है: "रूप कार्य का अनुसरण करता है।" पहले तय करो कि चीज़ को क्या करना है, फिर उस काम के अनुकूल आकार दो।
लोक-शिल्प
लोक-शिल्प हाथ से बनी चीज़ें हैं, जिनका हुनर गुरु से शिष्य को मिलता है। हर इलाके की अपनी सामग्री और अपने नमूने होते हैं। रूस में लाल, सुनहरे और काले नमूनों वाले रंगे लकड़ी के बर्तन (ख़ोख़लोमा), नीले-सफ़ेद चित्रित चीनी मिट्टी के बर्तन (ग्ज़ेल) और घोंसले जैसी गुड़ियाँ (मात्र्योश्का) मिलती हैं। भारत में कपड़े पर ब्लॉक प्रिंटिंग, मधुबनी चित्रकला और पीतल का काम इसके उदाहरण हैं। लोक-शिल्प संस्कृति को ज़िंदा रखते हैं, कारीगरों को काम देते हैं और आधुनिक डिज़ाइनरों को विचार देते हैं, जो अक्सर इनके नमूने लेते हैं।
डिजिटल उत्पादन
डिजिटल उत्पादन का मतलब है कंप्यूटर की फ़ाइल से चीज़ें बनाना।
- CAD (कंप्यूटर की मदद से डिज़ाइन): कंप्यूटर पर चीज़ का चित्र बनाते हैं।
- CNC मशीनें: फ़ाइल के अनुसार सामग्री को काटती या तराशती हैं।
- 3D प्रिंटिंग: मशीन सामग्री जोड़कर, अक्सर प्लास्टिक, चीज़ परत-दर-परत बनाती है।
वही फ़ाइल बार-बार इस्तेमाल हो सकती है, सेकंडों में बदली जा सकती है और दूसरे शहर भेजी जा सकती है। यह प्रोटोटाइप (पहले परीक्षण वाले नमूने) और छोटे बैच के लिए अच्छा है।
हाई-टेक उद्योग
हाई-टेक उद्योग नया विज्ञान और बहुत शोध इस्तेमाल करते हैं। उदाहरण: माइक्रोचिप और इलेक्ट्रॉनिक्स, रोबोट और स्वचालन, चिकित्सा उपकरण, हवाई जहाज़ और अंतरिक्ष, नवीकरणीय ऊर्जा। इन्हें कुशल लोग, साफ़ कार्यस्थल और मज़बूत डिज़ाइन चाहिए, क्योंकि छोटे पुर्ज़े बिल्कुल सही बैठने चाहिए। यहाँ भी पहला क़दम डिज़ाइन है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- अच्छा उत्पाद = कार्य + शरीर के अनुकूल बनावट + रूप + सुरक्षित लागत
- रूप कार्य का अनुसरण करता है
- डिजिटल उत्पादन: CAD फ़ाइल, फिर CNC या 3D प्रिंटर, फिर वस्तु
- 3D प्रिंटिंग = सामग्री परत-दर-परत जोड़ना
हल किए गए उदाहरण
1. अच्छे मग में हैंडल और हल्का मोड़ क्यों होता है?
हैंडल उँगलियों को गरम पेय से दूर रखता है (कार्य और सुरक्षा) और हाथ में बैठता है (अर्गोनॉमिक्स)। मोड़ देखने में अच्छा लगता है (रूप)।
2. कारीगर हर लकड़ी की चम्मच हाथ से रँगता है। कारख़ाना 1,000 चम्मचों पर वही नमूना छापता है। लोक-शिल्प कौन-सा है?
परंपरागत नमूनों वाली हाथ से रँगी चम्मच लोक-शिल्प है। कारख़ाने की छपाई नमूना मशीन से नक़ल करती है, इसलिए वह शिल्प नहीं है।
3. 3D प्रिंटर कप के लिए 0.5 मिमी की 24 परतें इस्तेमाल करता है। कप कितना ऊँचा है?
24 × 0.5 मिमी = 12 मिमी ऊँचा।
आम गलतियाँ
- सोचना कि डिज़ाइन सिर्फ़ दिखावट है। यह उपयोग, आराम, सुरक्षा और रूप सब है।
- हर मशीन से बने नमूने को लोक-शिल्प कहना। लोक-शिल्प परंपरागत हुनर से हाथ से बनता है।
- सोचना कि 3D प्रिंटर किसी ब्लॉक को काटता है। वह सामग्री परत-दर-परत जोड़ता है।
- सोचना कि हाई-टेक काम में डिज़ाइन नहीं चाहिए। हर उत्पाद में पहले डिज़ाइन आता है।