वस्तु का डिज़ाइन क्या है?
हर चम्मच, कुर्सी, फ़ोन और टूथब्रश किसी ने डिज़ाइन किया है। वस्तु का डिज़ाइन (product या industrial design) रोज़ की चीज़ को ऐसे सोचना है कि वह काम की हो, आरामदार हो और देखने में अच्छी लगे। डिज़ाइनर उस इंसान के बारे में सोचता है जो उसे इस्तेमाल करेगा।
रूप और काम (Form and function)
काम (function) वह है जो चीज़ करती है। रूप (form) उसका आकार, नाप, रंग और सामग्री है। एक मशहूर विचार है: रूप काम के पीछे चलता है। पहले काम तय करो, फिर ऐसा आकार दो जो वह काम अच्छे से करे।
कप में गरम पेय रहता है, इसलिए खोखला शरीर और हैंडल है। कुर्सी पर इंसान बैठता है, इसलिए घुटने की ऊँचाई पर सीट और पीठ टिकाने की पीठिका है।
शरीर का नाप, सुरक्षा और सुंदरता
अच्छा डिज़ाइन शरीर के नाप से मेल खाता है। इसे एर्गोनॉमिक्स (ergonomics) कहते हैं। सीट की ऊँचाई, हैंडल का नाप और बोतल की पकड़ हाथ और घुटनों के हिसाब से बनती है।
अच्छी चीज़ मज़बूत (टूटे नहीं), सुरक्षित (नुकीला किनारा नहीं, गिरे नहीं, जलाए नहीं) और सुंदर (अच्छा रंग, सरल आकार) भी होती है। डिज़ाइनर स्केच बनाते हैं, मॉडल बनाते हैं, असली लोगों से परखवाते हैं और फिर सुधारते हैं।
करके देखिए: एक चीज़ दोबारा डिज़ाइन कीजिए
घर की एक चीज़ चुनिए, जैसे मग या टिफ़िन। 1) उसका काम एक पंक्ति में लिखिए। 2) उसके आकार की दो बातें लिखिए जो काम में मदद करती हैं। 3) एक चीज़ बताइए जो आप बदलेंगे। 4) नया रूप बनाइए और दोस्त से अपना चित्र परखवाइए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- काम (function) = चीज़ का काम
- रूप (form) = आकार, नाप, रंग, सामग्री
- रूप काम के पीछे चलता है
- अच्छा डिज़ाइन = काम का + शरीर के नाप का + मज़बूत + सुरक्षित + सुंदर
हल किए गए उदाहरण
1. बोतल के ढक्कन के किनारे पर खाँचे क्यों होते हैं?
काम है गीले या छोटे हाथों से घुमाना। खाँचे पकड़ देते हैं, यानी रूप काम में मदद करता है।
2. सीट 60 सेमी ऊँची है और बच्चे का घुटना 40 सेमी। क्या यह आरामदार है?
नहीं। सीट 20 सेमी ज़्यादा ऊँची है, इसलिए पैर हवा में लटकेंगे। इस बच्चे के लिए लगभग 40 सेमी की सीट ठीक है।
3. केतली का हैंडल टोंटी वाली तरफ़ है। क्या दिक़्क़त है?
उँडेलते समय हाथ भाप और गरम पानी के पास आएगा। सुरक्षा के लिए हैंडल टोंटी की उलटी तरफ़ होना चाहिए।
4. स्कूल बैग की दो सुरक्षा बातें बताइए।
वज़न फैलाने वाले चौड़े नरम पट्टे और पीठ पर आराम के लिए सपाट पिछला हिस्सा। आगे चमकीली पट्टी तीसरी बात है।
आम गलतियाँ
- डिज़ाइन को सिर्फ सुंदरता समझना। काम और सुरक्षा पहले आते हैं।
- पहले आकार चुनना और फिर उसके लिए काम ढूँढना।
- इस्तेमाल करने वाले को भूल जाना। बड़ों के नाप की चीज़ बच्चे के लिए ठीक नहीं होती।
- सादी चीज़ को बिना डिज़ाइन की समझना। सादापन भी डिज़ाइन का फ़ैसला है।