इंटीरियर डिज़ाइन के तत्व
तत्वों को सामग्री समझो। हर एक कमरे का रूप और अहसास बदलता है।
- जगह (space): कमरा खुद। फ़र्श पर खाली जगह रखो। हर कोना मत भरो।
- रेखा (line): खड़ी रेखाएँ (परदे, अलमारी) कमरा ऊँचा दिखाती हैं; आड़ी रेखाएँ (लंबा सोफ़ा) चौड़ा।
- आकार और रूप: फ़र्नीचर के आकार, गोल या चौकोर। कुछ आकार मिलाओ ताकि कमरा नीरस न लगे।
- रंग: हल्के रंग कमरा खोलते हैं; गहरे रंग अपनापन देते हैं पर कमरा छोटा लगता है। गर्म रंग (लाल, पीला) मिलनसार; ठंडे रंग (नीला, हरा) शांत।
- रोशनी: दिन की रोशनी, लैंप और छत की बत्ती। काम के लिए तेज़, आराम के लिए हल्की।
- बनावट (texture): चीज़ें छूने और देखने में कैसी हैं: चिकनी टाइल, खुरदरी दीवार, नरम गद्दी।
- फ़र्नीचर और संतुलन: बड़ी चीज़ें ऐसे रखो कि एक तरफ़ भारी न लगे।
सिद्धांत: संतुलन, लय और तालमेल
- संतुलन: दोनों ओर बराबर "वज़न", जैसे एक तरफ़ अलमारी और दूसरी तरफ़ बड़ा पौधा।
- लय: रंग, आकार या नमूने को दोहराना ताकि नज़र आराम से चले।
- ज़ोर (emphasis): एक खास चीज़ जो नज़र खींचे, जैसे चटख दीवार।
- तालमेल: सारे हिस्से साथ-साथ ठीक लगें।
- पहले उपयोगिता: कमरा काम करना चाहिए। सुंदर कमरा जो दरवाज़ा रोके, बुरा डिज़ाइन है।
इंटीरियर डिज़ाइन प्रस्तुति की तकनीकें
डिज़ाइनर को ग्राहक को विचार साफ़ दिखाना होता है। आम तरीके ये हैं।
- नक्शा (plan): कमरा ऊपर से, पैमाने पर (जैसे कागज़ पर 1 सेमी = कमरे में 50 सेमी)। फ़र्नीचर सरल आकार। नक्शा आकार और जगह बताता है।
- ऊँचाई-चित्र (elevation): एक दीवार सीधे सामने से। अलमारी, खिड़की और दरवाज़े की ऊँचाई दिखती है।
- परिप्रेक्ष्य चित्र (perspective): फ़ोटो जैसा गहराई वाला चित्र। कमरे का अहसास दिखता है।
- रंग और सामग्री बोर्ड: पेंट, कपड़े और फ़र्श के छोटे नमूने एक शीट पर।
- मॉडल: कागज़ या कंप्यूटर का छोटा 3D मॉडल जिसे घुमाकर देख सकें।
पैमाना (scale) यानी सब कुछ बराबर घटाना। पैमाना 1:50 हो तो 4 मी की दीवार कागज़ पर 8 सेमी होगी।
इंटीरियर डिज़ाइन अभ्यास: कमरा कैसे डिज़ाइन करें
- ज़रूरत समझो: कमरा कौन और किसलिए इस्तेमाल करेगा? (पढ़ाई, नींद, मेहमान)
- कमरा, दरवाज़े, खिड़कियाँ और स्थिर चीज़ें नापो।
- पैमाने पर नक्शा बनाओ और दो-तीन व्यवस्थाएँ आज़माओ।
- बजट में रंग, सामग्री और फ़र्नीचर चुनो।
- जाँचो: चलने का रास्ता, रोशनी, दरवाज़ा खुलने की जगह, भंडारण।
- नक्शा, बोर्ड और चित्र से दिखाओ।
- सुझाव के बाद सुधारो।
खुद करो: चौकोर कागज़ पर अपने कमरे का नक्शा बनाओ, 1 खाना = 50 सेमी। फ़र्नीचर के कागज़ के टुकड़े तब तक खिसकाओ जब तक दरवाज़े से रास्ता कम से कम 70 सेमी चौड़ा न हो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- तत्व: जगह · रेखा · आकार/रूप · रंग · रोशनी · बनावट · फ़र्नीचर
- सिद्धांत: संतुलन · लय · ज़ोर · तालमेल · पहले उपयोगिता
- पैमाना 1:50 यानी कागज़ पर 1 सेमी = कमरे में 50 सेमी
- नक्शा = ऊपर से · ऊँचाई-चित्र = सामने से दीवार · परिप्रेक्ष्य = गहराई के साथ
- क्रम: ज़रूरत → नापो → रेखाचित्र → चुनो → जाँचो → दिखाओ → सुधारो
हल किए गए उदाहरण
1. कमरा 4 मी लंबा और 3 मी चौड़ा है। फ़र्श का क्षेत्रफल क्या है?
क्षेत्रफल = लंबाई × चौड़ाई = 4 × 3 = 12 वर्ग मीटर। डिज़ाइनर इससे देखता है कि कितना फ़र्नीचर आएगा।
2. पैमाना 1:50 वाले नक्शे में सोफ़ा कागज़ पर 4 सेमी लंबा है। असली सोफ़ा कितना लंबा है?
असली लंबाई = 4 × 50 = 200 सेमी = 2 मी। पैमाने का मतलब कागज़ की हर लंबाई को 50 से गुणा करना है।
3. एक छोटे, अँधेरे पढ़ाई के कमरे को बड़ा और उजला दिखाना है। तीन बदलाव बताओ।
दीवारों पर हल्का रंग, फ़र्नीचर नीचा और दीवार के साथ ताकि फ़र्श खाली रहे, और परदे जो दिन की रोशनी आने दें, साथ में तेज़ टेबल-लैंप। आईना भी रोशनी लौटाता है।
4. तुमने शयनकक्ष का नक्शा 1:20 पर बनाया। बिस्तर कागज़ पर 10 सेमी × 9 सेमी है। असली माप क्या है?
20 से गुणा: 10 × 20 = 200 सेमी और 9 × 20 = 180 सेमी। असली बिस्तर 2 मी × 1.8 मी है।
आम गलतियाँ
- कमरा नापे बिना फ़र्नीचर खरीदना, फिर कुछ फिट नहीं होता।
- चलने का रास्ता या दरवाज़ा खुलने की जगह रोक देना। रास्ते हमेशा खाली रखो।
- एक साथ कई चटख रंग लगाना। एक मुख्य रंग, एक सहायक रंग और एक उभार वाला रंग चुनो।
- नक्शे में पैमाना मिला देना: कमरा 1:50 पर और फ़र्नीचर किसी और पैमाने पर।