सामग्री: ठोस लकड़ी और बने हुए बोर्ड
ठोस लकड़ी
- सॉफ़्टवुड शंकुधारी (नुकीली पत्ती वाले) पेड़ों से आती है: चीड़, देवदार, स्प्रूस। हल्की, सस्ती, काम में आसान।
- हार्डवुड चौड़ी पत्ती वाले पेड़ों से: ओक, सागौन, शीशम, अखरोट। आम तौर पर भारी और मज़बूत, अच्छे फ़र्नीचर के लिए।
- "हार्ड" और "सॉफ़्ट" पेड़ का प्रकार बताते हैं, हमेशा असली कठोरता नहीं। बाल्सा हार्डवुड है पर बहुत नरम।
लकड़ी में ग्रेन (रेशों की दिशा) होता है। ग्रेन की दिशा में यह सबसे मज़बूत होती है और उसी दिशा में आसानी से फटती भी है। नमी से लकड़ी सिकुड़ती-फूलती है, ज़्यादातर ग्रेन के आर-पार। इसलिए घर के अंदर के काम के लिए इसे लगभग 8–12% नमी तक सुखाते (सीज़न करते) हैं।
ग्रेड
लकड़ी को उसकी कमियों (गाँठ, दरार, टेढ़ापन) से ग्रेड किया जाता है। ऊँचे ग्रेड में लंबे साफ़ टुकड़े होते हैं और दाम ज़्यादा। आम शब्द: रफ़ सॉन (मिल से सीधी), S4S (चारों तरफ़ रंदा की हुई), नाममात्र (nominal) और असली (actual) माप।
बने हुए (इंजीनियर्ड) बोर्ड
- प्लाईवुड: पतली परतें (विनियर) समकोण पर रेशों के साथ चिपकी। स्थिर और हर दिशा में मज़बूत।
- MDF: बारीक रेशे + गोंद दबाकर। चिकना, पेंट अच्छा पकड़ता है, भारी, पानी से कमज़ोर।
- पार्टिकल बोर्ड: छिलके + गोंद; सस्ता, अक्सर मेलामाइन से ढका।
- नई सामग्री: बाँस बोर्ड, लैमिनेटेड विनियर लंबर, कंपोज़िट पैनल।
औज़ार, मशीनें और सुरक्षा
- नापने और निशान लगाने के: फ़ीता, स्टील रूल, ट्राई स्क्वायर, कॉम्बिनेशन स्क्वायर, मार्किंग गेज, पेंसिल और मार्किंग नाइफ़।
- हाथ के औज़ार: आरी (रिप, क्रॉसकट, टेनन), छेनी, रंदा, मुंगरी, रेती, पेचकस, क्लैंप।
- बिजली के औज़ार और मशीनें: टेबल सॉ, मीटर सॉ, बैंड सॉ, जॉइंटर, थिकनेस प्लेनर, राउटर, ड्रिल प्रेस, सैंडर, CNC राउटर।
सुरक्षा के नियम
- आँख और कान की सुरक्षा और धूल का मास्क पहनो; ढीले कपड़े नहीं, लंबे बाल बाँधो।
- पुश-स्टिक और ब्लेड गार्ड इस्तेमाल करो; हाथ ब्लेड से दूर।
- ब्लेड या बिट बदलने से पहले प्लग निकालो।
- फ़र्श साफ़ रखो और बुरादा इकट्ठा करो: बारीक बुरादा सेहत और आग दोनों के लिए ख़तरा है।
वर्किंग ड्रॉइंग, योजना और गणित
वर्किंग ड्रॉइंग चीज़ को ऑर्थोग्राफ़िक दृश्यों (सामने, ऊपर, बगल) में दिखाती है। नियम: दिखने वाली मोटी लाइनें, छिपी हुई डैश लाइनें, पतली केंद्र-रेखा, माप मिलीमीटर में, स्केल (जैसे 1:10) और टाइटल ब्लॉक। इससे कट-लिस्ट बनती है (हर हिस्सा, माप, संख्या, सामग्री)।
काम का गणित
- आयतन = लंबाई × चौड़ाई × मोटाई (m³)।
- द्रव्यमान = आयतन × घनत्व (चीड़ ≈ 500 kg/m³, ओक ≈ 720 kg/m³)।
- कर्फ़: हर कट ब्लेड की चौड़ाई (≈ 3 mm) खा जाता है। एक तख़्ते से n टुकड़ों के लिए n − 1 कट।
- शीट लेआउट: मानक शीट 2440 × 1220 mm। टुकड़े ऐसे रखो कि कम बर्बादी हो।
- इकाइयाँ: 1 इंच = 25.4 mm, इसलिए 3/4 इंच = 0.75 × 25.4 = 19.05 mm। कुछ देशों में लकड़ी बोर्ड-फ़ुट में बिकती है (12 इंच × 12 इंच × 1 इंच)।
- पेंच: पेंच दूसरे टुकड़े में लगभग दो-तिहाई जाना चाहिए; लंबाई ≈ पहले टुकड़े की मोटाई + दूसरे की 2/3।
- लागत = मात्रा × इकाई दाम + 10–15% बर्बादी।
काटने से पहले स्क्वायर, गेज और चाकू से सब हिस्सों का लेआउट करो। डिज़ाइन बदले (चौड़ी शेल्फ़, दूसरी लकड़ी), तो पहले ड्रॉइंग और कट-लिस्ट बदलो।
प्रक्रियाएँ: कटाई, जोड़, असेंबली और गुणवत्ता
सही क्रम: लकड़ी को सपाट और चौकोर करना → माप पर काटना → जोड़ काटना → बिना गोंद मिलाकर देखना (ड्राई-फ़िट) → गोंद और क्लैंप → घिसाई → फ़िनिश → हार्डवेयर लगाना।
आम जोड़
- बट: दो सिरे मिलते हैं; पेंच या डॉवल चाहिए।
- रैबेट: किनारे पर सीढ़ी; अलमारी की पीठ के लिए।
- डेडो (हाउसिंग): तख़्ते के आर-पार खाँचा; शेल्फ़ टिकाने के लिए।
- मॉर्टिस और टेनन: छेद में ज़ुबान; मेज़ और कुर्सी।
- डवटेल: आपस में फँसने वाली पूँछें और पिन; दराज़। मज़बूत और सुंदर।
- बिस्किट, डॉवल, पॉकेट-स्क्रू: आधुनिक तेज़ तरीक़े।
जोड़ ढाँचा सँभालते हैं (भार उठाते हैं) और सजावट भी बन सकते हैं (दिखते डवटेल, अलग रंग की खूँटियाँ)।
अलमारी के शब्द
कारकस (डिब्बा), फ़ेस-फ़्रेम, फ़्रेमलेस (यूरोपीय) कैबिनेट, टो-किक, दरवाज़े (सपाट, शेकर/फ़्रेम-पैनल), कब्ज़े (बट, छिपे), दराज़ स्लाइड, शेल्फ़ पिन, एज-बैंडिंग।
गुणवत्ता जाँच
हर हिस्सा ड्रॉइंग से मिलाओ: सहनशीलता लगभग ±0.5 mm, चौकोर कोने (दोनों विकर्ण बराबर), सपाट सतह, कसे जोड़। अलमारी को लेवल में और दीवार में ठीक से कसकर लगाओ।
फ़िनिशिंग
- तैयारी: छेद भरो, फिर ग्रेन की दिशा में मोटे से बारीक रेगमाल से घिसो (80 → 120 → 180 या 220)। सारा बुरादा साफ़ करो।
- रंग (चाहो तो): स्टेन या डाई।
- सुरक्षा परत: तेल (आसान, प्राकृतिक रूप), चपड़ा/शेलैक (फ़्रेंच पॉलिश), लैकर, वार्निश या पॉलियूरेथेन (कठोर, पानी-रोधी), पानी वाले फ़िनिश, मोम, या पेंट (MDF पर अच्छा)।
- पतले कोट लगाओ; कोटों के बीच हल्का घिसो।
हवादार जगह पर काम करो। तेल लगे कपड़े अपने-आप आग पकड़ सकते हैं: उन्हें फैलाकर सुखाओ या पानी में रखो।
करके देखो: लकड़ी का एक टुकड़ा लो। आधे हिस्से को सिर्फ़ 80 से और बाक़ी को 80 → 120 → 180 से घिसो। दोनों पर पानी की बूँद पोंछो। छूकर और देखकर बताओ: कौन-सा ज़्यादा चिकना है?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- आयतन (m³) = लंबाई × चौड़ाई × मोटाई (सब मीटर में)
- द्रव्यमान (kg) = आयतन × घनत्व
- एक पंक्ति में n टुकड़ों के लिए कट = n − 1; कुल कर्फ़ नुक़सान = (n − 1) × कर्फ़
- 1 इंच = 25.4 mm; 1 फ़ुट = 304.8 mm
- पेंच की लंबाई ≈ पहले टुकड़े की मोटाई + दूसरे की मोटाई का 2/3
- सामग्री लागत ≈ मात्रा × इकाई दाम × 1.1 से 1.15 (बर्बादी जोड़कर)
हल किए गए उदाहरण
1. चीड़ की एक शेल्फ़ 900 mm × 250 mm × 18 mm है। आयतन और द्रव्यमान निकालो (चीड़ ≈ 500 kg/m³)।
V = 0.9 × 0.25 × 0.018 = 0.00405 m³। द्रव्यमान = 0.00405 × 500 = 2.025 ≈ 2.0 kg।
2. 1200 mm के तख़्ते से 3 mm कर्फ़ के साथ 4 बराबर टुकड़े काटने हैं। हर टुकड़ा कितना लंबा होगा?
4 टुकड़ों के लिए 3 कट। नुक़सान = 3 × 3 = 9 mm। बची लकड़ी = 1200 − 9 = 1191 mm। हर टुकड़ा = 1191 ÷ 4 = 297.75 mm।
3. प्लान में मोटाई 3/4 इंच लिखी है। mm में कितनी?
3/4 = 0.75। 0.75 × 25.4 = 19.05 mm। नज़दीकी आम बोर्ड 18 या 19 mm।
4. 18 mm की साइड को 19 mm शेल्फ़ के किनारे में पेंच से कसना है। पेंच लगभग कितना लंबा हो?
18 + 2/3 × 19 ≈ 18 + 12.7 = 30.7 mm, यानी 30 mm का पेंच।
5. अलमारी को 3.2 m² प्लाईवुड चाहिए। एक शीट 2.44 m × 1.22 m की है और 40 इकाई की आती है। 15% बर्बादी जोड़ो। कितनी शीट और कितनी लागत?
शीट का क्षेत्रफल = 2.977 m²। बर्बादी सहित ज़रूरत = 3.2 × 1.15 = 3.68 m²। शीट = 3.68 ÷ 2.977 ≈ 1.24 → 2 शीट। लागत = 2 × 40 = 80 इकाई।
6. अलमारी के विकर्ण 1012 mm और 1018 mm हैं। क्या यह चौकोर है? क्या करोगे?
नहीं। चौकोर डिब्बे के विकर्ण बराबर होते हैं। लंबे विकर्ण वाले कोनों को दबाओ (या क्लैंप फिर से लगाओ) जब तक दोनों लगभग 1015 mm न हों, फिर गोंद सूखने दो।
आम गलतियाँ
- लाइन पर या ग़लत तरफ़ काटना और कर्फ़ भूल जाना, जिससे टुकड़े 3 mm छोटे रह जाते हैं।
- बट जोड़ में सिरे के ग्रेन (end grain) पर गोंद लगाकर मज़बूती की उम्मीद करना; एंड-ग्रेन पर गोंद कमज़ोर पकड़ता है।
- घिसाई में बीच के ग्रिट छोड़ देना (80 से सीधे 220), जिससे खरोंचें फ़िनिश के नीचे दिखती हैं।
- गार्ड या पुश-स्टिक के बिना मशीन चलाना, या प्लग निकाले बिना ब्लेड बदलना।