सॉफ़्टवेयर क्या है और उसका काम क्या है?
हार्डवेयर वे भाग हैं जिन्हें तुम छू सकते हो: स्क्रीन, मेमोरी, प्रोसेसर। सॉफ़्टवेयर वे निर्देश हैं जो हार्डवेयर को बताते हैं कि क्या करना है। सॉफ़्टवेयर के बिना हार्डवेयर कुछ नहीं करता।
सॉफ़्टवेयर परतों में काम करता है:
- ऑपरेटिंग सिस्टम (OS): जैसे Android, Windows या Linux। यह मेमोरी और प्रोसेसर बाँटता है, फ़ाइलें और नेटवर्क संभालता है और ऐप चलने देता है।
- एप्लिकेशन सॉफ़्टवेयर (ऐप): जैसे चैट ऐप या ब्राउज़र। हर ऐप उपयोगकर्ता का एक काम करता है।
- यूटिलिटी सॉफ़्टवेयर: एंटीवायरस या फ़ाइल संपीड़न जैसे छोटे सहायक औज़ार।
सूचना प्रणाली में सॉफ़्टवेयर डेटा लेता है, उस पर काम करता है, उसे रखता है और परिणाम दिखाता है। चैट ऐप तुम्हारा लिखा लेता है, पता जोड़ता है, भेजता है और जवाब दिखाता है।
क्लाइंट और सर्वर
इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले ज़्यादातर ऐप के दो प्रोग्राम होते हैं।
क्लाइंट तुम्हारे फ़ोन या कंप्यूटर पर चलता है। यह स्क्रीन दिखाता है, तुम्हारे टैप लेता है और अनुरोध भेजता है।
सर्वर एक शक्तिशाली कंप्यूटर पर चलता है जो पूरे दिन चालू रहता है। वह बहुत-से क्लाइंट के अनुरोध लेता है, काम करता है, डेटा रखता है और जवाब वापस भेजता है।
दो फ़ोन सीधे बात क्यों नहीं कर लेते? फ़ोन ऑफ़लाइन हो जाते हैं, उनके पते बदलते रहते हैं और वे फ़ायरवॉल के पीछे होते हैं। सर्वर का पता तय होता है जिसे सब ढूँढ सकते हैं, इसलिए वह मिलने की जगह बन जाता है।
चैट ऐप कैसे काम करता है
1. अनु संदेश लिखती है। क्लाइंट एक छोटा पैकेट बनाता है: किसकी ओर से, किसको, और पाठ। जैसे: MSG|anu|banti|नमस्ते!
2. क्लाइंट यह पैकेट नेटवर्क से सर्वर के पते और पोर्ट पर भेजता है।
3. सर्वर 'किसको' वाला खाना पढ़ता है, बंटी का खुला कनेक्शन ढूँढता है और पैकेट आगे भेज देता है।
4. बंटी का क्लाइंट पैकेट पढ़कर पाठ दिखाता है।
संदेश कैसे दिखेंगे और उनका क्या करना है, इन नियमों को प्रोटोकॉल कहते हैं। दोनों प्रोग्राम को एक ही प्रोटोकॉल मानना होता है, जैसे दो लोगों को एक ही भाषा बोलनी होती है।
ईमेल जैसा ऐप कैसे काम करता है
ईमेल में रखो और आगे भेजो (store and forward) का तरीका होता है। तुम्हारा मेल क्लाइंट संदेश अपने मेल सर्वर को भेजता है। वह सर्वर उसे पाने वाले के मेल सर्वर को देता है, जो उसे पाने वाले के मेलबॉक्स में रख देता है। वह वहाँ तब तक रहता है जब तक पाने वाला मेल ऐप खोलकर उसे ले न ले। इसलिए तुम्हारे भेजते समय पाने वाले का ऑनलाइन होना ज़रूरी नहीं।
इसके आम नियम SMTP (भेजने के लिए) और IMAP या POP3 (लेने के लिए) कहलाते हैं। कई चैट ऐप भी ऑफ़लाइन दोस्तों के लिए संदेश रख लेते हैं, यानी यही विचार अपनाते हैं।
सरल चैट या ईमेल ऐप बनाने के चरण
- योजना: उपयोगकर्ता क्या कर सकेंगे? संदेश भेजना, संदेश देखना, लॉग-इन करना।
- संदेश का रूप तय करो (प्रोटोकॉल): खाने चुनो, जैसे
MSG|from|to|text। - सर्वर लिखो: क्लाइंट का इंतज़ार करे, पता पढ़े, संदेश आगे भेजे या रख ले।
- क्लाइंट लिखो: एक स्क्रीन जिसमें टेक्स्ट बॉक्स और भेजो बटन हो और जो सर्वर से बात करे।
- दो क्लाइंट से जाँचो: ऑनलाइन और ऑफ़लाइन मामले, खाली संदेश, बहुत लंबे संदेश।
- सुरक्षित बनाओ: लॉग-इन माँगो, सर्वर को मिला हर संदेश जाँचो, और एन्क्रिप्शन लगाओ ताकि रास्ते में कोई पढ़ न सके।
एक छोटा सर्वर सादे चरणों में:
हमेशा दोहराओ: पैकेट का इंतज़ार करो 'किसको' नाम पढ़ो यदि वह ऑनलाइन है: पैकेट उसे भेजो नहीं तो: पैकेट उसके मेलबॉक्स में रखो
घर पर करके देखो
दो दोस्तों के साथ अलग-अलग कमरों में 'सर्वर' बनने का खेल खेलो। दोस्त A एक पर्ची पर 'किसको: B' लिखकर तुम्हें देता है। तुम पता पढ़कर उसे B तक ले जाते हो। अगर B कमरे में नहीं है तो पर्ची को B के नाम के डिब्बे में रख दो और B के लौटने पर दे दो। तुमने हाथ से चैट और ईमेल दोनों कर लिए!
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- सॉफ़्टवेयर = निर्देश; हार्डवेयर = मशीन
- परतें: हार्डवेयर → ऑपरेटिंग सिस्टम → एप्लिकेशन
- क्लाइंट = माँगता और दिखाता है; सर्वर = हमेशा चालू, जवाब देता और रखता है
- संदेश पैकेट = किसकी ओर से + किसको + पाठ, जैसे MSG|anu|banti|नमस्ते!
- चैट = तुरंत आगे भेजना; ईमेल = रखो और आगे भेजो (मेलबॉक्स)
- प्रोटोकॉल = संदेश के बारे में तय किए नियम
हल किए गए उदाहरण
1. तुम फ़ोन पर स्कूल का पोर्टल खोलते हो। इसमें क्लाइंट कौन है और सर्वर कौन?
फ़ोन पर चलने वाला पोर्टल ऐप या ब्राउज़र क्लाइंट है: वह पन्ने दिखाता है और तुम्हारे अनुरोध भेजता है। स्कूल या कंपनी का वह कंप्यूटर जिसके पास डेटा है और जो जवाब देता है, सर्वर है।
2. रिया को अमन से 'तैयार?' कहना है। MSG|from|to|text के रूप में संदेश लिखो। सर्वर यह कहाँ पढ़ता है कि भेजना कहाँ है?
MSG|riya|aman|तैयार? सर्वर 'to' वाला खाना पढ़ता है, जो aman है, और पैकेट अमन के क्लाइंट को भेज देता है।
3. मीरा सैम को ईमेल भेजती है, पर सैम का फ़ोन बंद है। समझाओ क्या होता है।
मीरा का क्लाइंट ईमेल अपने मेल सर्वर को भेजता है। वह उसे सैम के मेल सर्वर को देता है, जो उसे सैम के मेलबॉक्स में रख देता है। जब सैम फ़ोन चालू करके मेल ऐप खोलता है, क्लाइंट मेलबॉक्स से ईमेल ले आता है।
4. एक चैट सर्वर को हर मिनट 120 संदेश मिलते हैं। यह प्रति सेकंड कितने हुए, और क्या सर्वर का हमेशा चालू रहना ज़रूरी है?
120 ÷ 60 = 2 संदेश प्रति सेकंड। संदेश दिन के किसी भी सेकंड आ सकते हैं, इसलिए हाँ, सर्वर हमेशा चालू रहना चाहिए।
5. चैट ऐप में सर्वर के काम को क्रम में लगाओ: संदेश आगे भेजना, पता पढ़ना, पैकेट लेना, देखना कि बंटी ऑनलाइन है।
पैकेट लो → पता पढ़ो → देखो कि बंटी ऑनलाइन है → संदेश आगे भेजो। यदि बंटी ऑफ़लाइन है तो सर्वर उसे बंटी के मेलबॉक्स में रख लेता है।
आम गलतियाँ
- सर्वर को किसी दूसरे तरह की ऐप-स्क्रीन समझना। वह किसी दूसरे कंप्यूटर पर चलने वाला अलग प्रोग्राम है।
- चैट और ईमेल को मिला देना: चैट ऑनलाइन व्यक्ति को तुरंत आगे भेजता है; ईमेल पहले संदेश को मेलबॉक्स में रखता है।
- ऑपरेटिंग सिस्टम और ऐप को एक कहना। OS हार्डवेयर संभालता है; ऐप उपयोगकर्ता का एक काम करता है।
- यह भूल जाना कि हर संदेश पर पता चाहिए। 'किसको' के बिना सर्वर नहीं जान सकता कि कहाँ भेजना है।