China 高一 Information Technology
अध्याय: 8
1. Comp.1 Ch.1 Data and big data
Data, information, knowledge · Digitisation; binary; encoding; compression · Data science and big data
- डेटा निरूपण: कंप्यूटर संख्या, अक्षर, चित्र और आवाज़ कैसे रखता है – डेटा कच्चे तथ्य हैं; अर्थ मिलने पर वह सूचना (information) बनता है; जिस सूचना से हम काम ले सकें वह ज्ञान है। कंप्यूटर सारा डेटा बिट (0 या 1) में रखता है। 8 बिट = 1 बाइट; 1 kB = 1000 बाइट, 1 MB = 1000 kB, 1 GB = 1000 MB, 1 TB = 1000 GB। संख्याएँ बाइनरी में रहती हैं, जहाँ स्थानीय मान दोगुने होते जाते हैं: 1, 2, 4, 8… अक्षरों के लिए कैरेक्टर सेट होता है: ASCII में 'A' = 65; यूनिकोड में हर लिपि है। बिटमैप चित्र पिक्सेल का जाल है; साइज़ = चौड़ाई × ऊँचाई × कलर डेप्थ। ध्वनि के सैंपल लिए जाते हैं: साइज़ = सैंपल रेट × बिट डेप्थ × सेकंड। वेक्टर चित्र पिक्सेल की जगह आकृतियाँ रखता है। कम्प्रेशन फ़ाइल छोटी करता है: लॉसलेस हर बिट बचाता है, लॉसी कुछ बारीकी हटा देता है।
- संख्या पद्धति और कूटन (Encoding) – संख्या पद्धति अंकों और आधार से संख्याएँ लिखने का तरीका है। दशमलव (आधार 10) में 0–9, बाइनरी (आधार 2) में 0 और 1, ऑक्टल (आधार 8) में 0–7, और हेक्साडेसिमल (आधार 16) में 0–9 और A–F। दशमलव से किसी आधार में: आधार से बार-बार भाग देकर शेष नीचे से ऊपर पढ़ें; भिन्न भाग के लिए आधार से गुणा करके पूर्णांक ऊपर से नीचे पढ़ें। दशमलव में: हर अंक × स्थानीय मान, फिर जोड़ें। बाइनरी ↔ ऑक्टल में 3 बिट के समूह, बाइनरी ↔ हेक्स में 4 बिट के। टेक्स्ट कूटन से रखा जाता है: ASCII (7 बिट, 128 अक्षर), ISCII (8 बिट, भारतीय लिपियाँ) और यूनिकोड (हर लिपि), जो UTF-8 (1–4 बाइट) या UTF-32 (4 बाइट) में सहेजा जाता है।
- बिग डेटा (Big Data) – बिग डेटा वह डेटा है जो एक साधारण कंप्यूटर और साधारण सॉफ़्टवेयर के लिए बहुत बड़ा, बहुत तेज़ या बहुत मिला-जुला हो। इसे तीन V से समझते हैं: मात्रा (Volume), वेग (Velocity) और विविधता (Variety)। इसे संभालने के लिए काम कई मशीनों में एक साथ बाँटा जाता है (वितरित प्रोसेसिंग, जैसे MapReduce)। बिग डेटा को अक्सर तथ्यों (facts) या ग्राफ (नोड और लिंक) के रूप में रखा जाता है। मौसम, नक्शे, स्वास्थ्य, खरीदारी और AI में इसका उपयोग होता है, पर निजता और निष्पक्षता के सवाल भी उठते हैं।
2. Comp.1 Ch.2 Algorithms and programs
Problem-solving with computers · Algorithms and their description · Programming basics (types, variables, statements, structures) · Analytic and enumeration algorithms; efficiency; debugging
- समस्या समाधान का परिचय – कंप्यूटर से समस्या हल करने के चरण: समस्या का विश्लेषण (इनपुट, आउटपुट, नियम), एल्गोरिद्म बनाना (सीमित, स्पष्ट, क्रमबद्ध चरण), प्रोग्रामिंग भाषा में कोड करना, अलग-अलग इनपुट से जाँचना (टेस्ट), और डीबग (गलतियाँ ढूँढकर हटाना)। एल्गोरिद्म को फ़्लोचार्ट (अंडाकार = शुरू/रुको, समांतर चतुर्भुज = इनपुट/आउटपुट, आयत = प्रक्रिया, हीरा = निर्णय, तीर = दिशा) या स्यूडोकोड (सरल संरचित भाषा) में दिखाते हैं। विघटन बड़ी समस्या को छोटी उप-समस्याओं में तोड़ता है।
- पायथन की मूल बातें: मोड, वेरिएबल, डेटा प्रकार और ऑपरेटर – पायथन इंटरैक्टिव मोड (एक-एक पंक्ति) या स्क्रिप्ट मोड (सहेजी गई .py फ़ाइल) में चलता है। ब्लॉक इंडेंटेशन से पहचाने जाते हैं। वेरिएबल मान से बँधे नाम हैं; हर मान का एक डेटा प्रकार होता है, और कुछ प्रकार परिवर्तनशील हैं। ऑपरेटर व्यंजक बनाते हैं जिन्हें पायथन प्राथमिकता के क्रम से हल करता है। input() टेक्स्ट पढ़ता है, int()/float()/str() प्रकार बदलते हैं, और डिबगिंग से सिंटैक्स, रनटाइम और तार्किक त्रुटियाँ ठीक होती हैं।
3. Comp.1 Ch.3 Data processing
Collection, cleaning, security · Analysis and visualisation · Analysis reports
- डेटा विश्लेषण – डेटा विश्लेषण यानी कच्चे आँकड़ों को जवाब में बदलना। इसका एक चक्र है: सवाल पूछो, डेटा इकट्ठा करो, साफ़ करो (ग़लती, दोहराव और खाली जवाब हटाओ), व्यवस्थित करो, माध्य, माध्यिका, परास और पैटर्न से विश्लेषण करो, सही चार्ट बनाओ और सावधानी से निष्कर्ष निकालो। बाहरी मान, छोटे नमूने और पक्षपात पर नज़र रखो, और याद रखो कि दो चीज़ों का साथ बढ़ना (सहसंबंध) यह साबित नहीं करता कि एक दूसरे का कारण है। डेटा को सुरक्षित रखना और अनुमति से इस्तेमाल करना भी ज़रूरी है।
- डेटा विज़ुअलाइज़ेशन: संख्याओं को चित्र में बदलना – डेटा विज़ुअलाइज़ेशन यानी डेटा को चित्र की तरह दिखाना ताकि पैटर्न आसानी से दिखें। समूहों की तुलना के लिए दंड आलेख (bar chart), पूरे के हिस्सों के लिए पाई चार्ट, समय के साथ बदलाव के लिए रेखा ग्राफ़, दो संख्याओं के संबंध के लिए प्रकीर्ण आलेख (scatter plot) और मानों के फैलाव के लिए आयतचित्र (histogram)। अच्छे चार्ट में शीर्षक, मात्रक सहित अक्षों के नाम और ईमानदार पैमाना होता है; दंड आलेख का अक्ष 0 से शुरू होता है।
4. Comp.1 Ch.4 Intelligent era
AI origins and development · Using AI tools; calling AI APIs in code · Impact of AI
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI): मशीनें सोचना कैसे सीखती हैं – कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence, AI) कंप्यूटर प्रणाली की वह क्षमता है जिससे वह ऐसे काम करती है जिनमें आम तौर पर इंसानी दिमाग़ लगता है: देखना, बोली समझना, फ़ैसला करना और सीखना। AI प्रणाली एक एजेंट है जो महसूस करती है, सोचती है और काम करती है। पुरानी AI इंसानों के लिखे नियमों पर चलती थी। आज की AI ज़्यादातर मशीन लर्निंग से चलती है: वह ढेर सारे लेबल वाले उदाहरणों (डेटा) से ख़ुद नियम ढूँढती है। न्यूरल नेटवर्क सरल इकाइयों की परतें हैं जिनकी कड़ियों की ताकत (भार) प्रशिक्षण में बदलती है। AI नक्शों, अनुवाद, स्वास्थ्य, खेती और खेलों में काम आती है। एकतरफ़ा डेटा से यह ग़लत या पक्षपाती हो सकती है, इसलिए इंसान को इसे जाँचना, निजता बचाना और ज़िम्मेदार रहना चाहिए।
- AI टूल का उपयोग और Python कोड से AI API कॉल करना – AI टूल बना-बनाया ऐप है (चैट, चित्र, आवाज़, अनुवाद) जिसे आप टाइप करके या दबाकर इस्तेमाल करते हैं। AI API से आपका अपना प्रोग्राम वैसी ही AI सेवा से मदद माँग सकता है। प्रोग्राम अनुरोध भेजता है (पता, गुप्त चाबी और JSON में प्रश्न) और उत्तर पाता है (स्टेटस कोड और JSON में जवाब)। Python में requests लाइब्रेरी से यह लगभग छह पंक्तियों में होता है। अच्छा उपयोग यानी साफ़ प्रॉम्प्ट, उत्तर की जाँच, चाबी की सुरक्षा और ख़र्च व सीमा का ध्यान।
- AI नैतिकता: कृत्रिम बुद्धिमत्ता का निष्पक्ष और सुरक्षित उपयोग – AI डेटा से पैटर्न सीखकर फ़ैसले करता है। AI नैतिकता पूछती है: क्या ये फ़ैसले निष्पक्ष, सुरक्षित और सम्मानजनक हैं? मुख्य मुद्दे: पक्षपात (अनुचित डेटा से अनुचित नतीजे), निजता (निजी डेटा के लिए सहमति और सुरक्षा), पारदर्शिता (AI ने क्यों तय किया, यह पता हो), जवाबदेही (इंसान ज़िम्मेदार रहे), सुरक्षा और दुरुपयोग (डीपफ़ेक, झूठी ख़बरें), और सामाजिक असर (नौकरियाँ, डिजिटल खाई, पर्यावरण)। ज़िम्मेदार AI का मतलब है इन सबकी जाँच उपयोग से पहले और बाद में।
5. Comp.2 Ch.1 IT and society
Development and trends of IT · Information society
- सूचना प्रौद्योगिकी का विकास और रुझान – सूचना प्रौद्योगिकी (IT) यानी जानकारी को पहचानने, भेजने, प्रोसेस करने, सहेजने और दिखाने के लिए मशीनों का उपयोग। लगभग 80 वर्षों में कंप्यूटर वैक्यूम ट्यूब वाली कमरे जितनी मशीनों से ट्रांज़िस्टर, चिप, पर्सनल कंप्यूटर, इंटरनेट, स्मार्टफ़ोन और अब AI चिप तक पहुँचे: हर बार छोटे, सस्ते और ताक़तवर। चार मुख्य तकनीकें (संवेदन, संचार, गणना और नियंत्रण) साथ काम करती हैं। आज के रुझान हैं AI, क्लाउड, IoT, बिग डेटा, 5G और शुरुआती क्वांटम कंप्यूटिंग, और हर एक के साथ निजता, ऊर्जा बचत और नया कौशल सीखने जैसी ज़िम्मेदारियाँ आती हैं।
- डिजिटल समाज: सूचना तकनीक हमारी ज़िंदगी कैसे बदलती है – डिजिटल समाज (सूचना समाज) वह समाज है जहाँ कंप्यूटर और नेटवर्क से जानकारी बनाना, बाँटना और इस्तेमाल करना ज़िंदगी, काम और सरकार का मुख्य हिस्सा है। जानकारी तेज़ चलती है, हर जगह पहुँचती है और लगभग मुफ़्त में कॉपी हो जाती है। सॉफ़्टवेयर ने ख़रीदारी, बैंकिंग, इलाज, पढ़ाई और दोस्ती बदल दी। नई नौकरियाँ आईं (ऐप डेवलपर, डेटा विश्लेषक), कुछ पुरानी घटीं। हर ऑनलाइन काम डेटा छोड़ता है, इसलिए निजता ज़रूरी है। सब लोग जुड़े नहीं हैं (डिजिटल खाई), और ज़्यादा स्क्रीन या गेमिंग सेहत बिगाड़ सकती है। अच्छा डिजिटल नागरिक फ़ायदे लेता है और ख़तरे सँभालता है।
6. Comp.2 Ch.2 Information systems
Components and functions; development process; strengths and limits
- सूचना प्रणाली (Information System) – सूचना प्रणाली (IS) लोगों, हार्डवेयर, सॉफ़्टवेयर, डेटा, नेटवर्क और प्रक्रियाओं का ऐसा समूह है जो मिलकर सूचना जुटाता, सहेजता, संसाधित करता और बाँटता है। यह कच्चे डेटा को एक शृंखला से काम की सूचना में बदलती है: जुटाना, कोड करना, भेजना, सहेजना, संसाधित करना और दिखाना। प्रणाली एक चक्र में बनती है (योजना, विश्लेषण, डिज़ाइन, निर्माण, परीक्षण, चलाना-सुधारना)। यह काम तेज़ करती है और ज्ञान बाँटने देती है, पर इसमें ख़र्च, ख़राबी, हैकिंग और जड़ता (rigidity) का ख़तरा भी है।
7. Comp.2 Ch.3 Infrastructure
Computers and mobile terminals · Networks: LAN/WAN, topology, IP, domain names, wireless LAN · Software; simple networked apps · Sensing and control (IoT)
- कंप्यूटर और संगणन: विकास, भाग और इनपुट-आउटपुट उपकरण – कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो इनपुट लेती है, प्रोग्राम के अनुसार उस पर काम करती है, डेटा सहेजती है और आउटपुट देती है। अबेकस से स्मार्टफ़ोन तक उपकरण बदलते गए। हर कंप्यूटर में इनपुट इकाई, CPU, मेमोरी और आउटपुट इकाई होती है, जो बस और पोर्ट से जुड़ी रहती हैं।
- कंप्यूटर नेटवर्क: प्रकार, उपकरण और टोपोलॉजी – कंप्यूटर नेटवर्क डेटा और साधन बाँटने के लिए जुड़े उपकरणों का समूह है। क्षेत्र के हिसाब से नेटवर्क PAN, LAN, MAN और WAN हैं। उपकरणों के काम अलग हैं: मॉडेम डिजिटल और एनालॉग सिग्नल बदलता है, रिपीटर कमज़ोर सिग्नल मज़बूत करता है, हब डेटा सभी पोर्ट पर भेजता है, स्विच सिर्फ़ सही उपकरण को भेजता है, राउटर नेटवर्क जोड़कर रास्ता चुनता है, और गेटवे अलग प्रोटोकॉल वाले नेटवर्क जोड़ता है। टोपोलॉजी जुड़ाव का ढाँचा है: स्टार, बस, ट्री और मेश, हर एक के अपने गुण-दोष।
- सॉफ़्टवेयर और सरल नेटवर्क वाले ऐप: चैट और ईमेल – सॉफ़्टवेयर वे निर्देश हैं जो हार्डवेयर को काम के लायक बनाते हैं। चैट या ईमेल जैसे नेटवर्क ऐप में एक क्लाइंट (तुम्हारे फ़ोन पर) और एक सर्वर (दूर, हमेशा चालू) होता है। वे पते वाले संदेश भेजते हैं; सर्वर संदेश तुरंत आगे भेजता है (चैट) या ऑनलाइन आने तक मेलबॉक्स में रखता है (ईमेल)।
- सेंसर: मशीनें दुनिया को कैसे महसूस करती हैं – सेंसर किसी भौतिक राशि (प्रकाश, तापमान, दूरी, नमी, ध्वनि, दाब) को विद्युत संकेत में बदलता है। एनालॉग सेंसर लगातार बदलता वोल्टेज देता है; ADC उसे संख्या में बदलता है जिसे कंप्यूटर समझता है। नियंत्रक संख्या को थ्रेशोल्ड (सीमा) से मिलाकर एक्चुएटर को, अक्सर रिले के ज़रिए, चालू-बंद करता है। तय समय पर बार-बार पढ़ना डेटा लॉगिंग है। अच्छे सेंसर की सही रेंज, संवेदनशीलता, शुद्धता और प्रतिक्रिया-समय होता है।
8. Comp.2 Ch.4 Security and ethics
Security risks and protection · Laws, ethics, responsible use
- साइबर सुरक्षा: ख़तरे और उनसे बचाव – साइबर सुरक्षा कंप्यूटर, नेटवर्क और डेटा की रक्षा करती है। इसके लक्ष्य हैं गोपनीयता, अखंडता और उपलब्धता (CIA त्रिक)। आम ख़तरे: मालवेयर, फ़िशिंग व सोशल इंजीनियरिंग, ब्रूट फ़ोर्स और डिनायल ऑफ़ सर्विस। बचाव: मज़बूत प्रमाणीकरण, कूटलेखन, फ़ायरवॉल, एंटी-मालवेयर, अपडेट, पहुँच नियंत्रण और बैकअप।
- डिजिटल पदचिह्न और नेट शिष्टाचार – डिजिटल पदचिह्न वह डेटा का निशान है जो हम ऑनलाइन छोड़ते हैं। सक्रिय पदचिह्न जान-बूझकर साझा होते हैं (पोस्ट, कमेंट, फ़ॉर्म); निष्क्रिय पदचिह्न हमारी जानकारी के बिना इकट्ठे होते हैं (कुकीज़, ब्राउज़िंग हिस्ट्री, लोकेशन, IP पता)। ये मिटाना कठिन है और बाद में दूसरे देख सकते हैं। हम डिजिटल समाज में रहते हैं जहाँ पढ़ाई, बैंकिंग, ख़रीदारी और सरकारी सेवाएँ ऑनलाइन हैं; इसका ज़िम्मेदार उपयोगकर्ता डिजिटल नागरिक (नेटिज़न) है। नेट शिष्टाचार: नैतिक (कॉपीराइट मानें, भरोसेमंद जानकारी), सम्मानजनक (निजता, विविधता, बुलिंग नहीं) और ज़िम्मेदार (ज़्यादा निजी बातें नहीं, ट्रोल को जवाब नहीं)। संचार शिष्टाचार: सटीक, विनम्र, विश्वसनीय; सोशल मीडिया शिष्टाचार: सोच-समझकर पासवर्ड और प्राइवेसी, अपलोड से पहले सोचें, साझा करने से पहले जाँचें।